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Saharanpur News: बारिश और ओलावृष्टि ने बर्बाद की गेहूं की फसल
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:55 AM IST
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सहारनपुर। मंगलवार शाम से हो रही बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। गंगोह और तीतरों में बुधवार दोपहर ओलावृष्टि हुई। बेमौसमी बारिश से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गईं हैं। बारिश ने गेहू्ं कटाई का कार्य भी बीच में ही रोक दिया है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को भी हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।
जिले में मंगलवार शाम से मौसम में परिवर्तन शुरू हुआ, जो बुधवार को भी जारी रहा। सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहे। रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह आठ बजे तेज बारिश हुई। इसके चलते सड़क किनारे पानी भर गया। बेमौसम बारिश का असर सबसे अधिक गेहूं, आम, सरसों और मसूर की फसल पर पड़ा है। गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है। कटाई के बाद कई स्थानों पर गेहूं की फसल खेतों में ही पड़ी है। बारिश से कटाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। राजस्व विभाग और कृषि विभाग नुकसान के आकलन में जुट गया है।
- गंगोह और तीतरों में हुई ओलावृष्टि
गंगोह क्षेत्र के बिलासपुर, दूधला, जेहरा, बीनपुर, मोहडा आदि गांवों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों पर कहर बरपाया। किसानों का कहना है कि कटाई से ठीक पहले हुआ यह नुकसान उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकता है। बाग ठेकेदार शाहिद, नसीम और अनीस के अनुसार, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण पेड़ों पर लगे छोटे-छोटे कच्चे आम बड़ी संख्या में टूटकर गिर गए। वहीं, तीतरो में नगर सहित क्षेत्र के गांव डुभर किशनपुर, कोलाखेड़ी, झाड़वन, धानवा, रादौर, बाल्लू सहित क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ। मिर्जापुर में भी बारिश से किसान चिंतित है।
- नामित बीमा कंपनी पर पहुंचीं 74 शिकायत
उप कृषि निदेशक डॉ. संदीप पाल ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के चलते फसल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जिले में नामित बीमा कंपनी के पास 74 किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत की है। जिले में गेहूं के 7500 किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ उठाया है। प्रभावित किसान 14447 पर 72 घंटे के भीतर सूचना दे सकते हैं। वहीं, अन्य किसान संबंधित तहसील कार्यालय में जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
- जिले में हैं गेहूं का करीब 1.13 लाख हेक्टेयर का रकबा
जिले में इस बार गेहूं फसल का रकबा 1.13 लाख हेक्टेयर है। इसी तरह सरसों की फसल भी जिले में किसान बड़ी मात्रा में लेते हैं। इस वर्ष करीब 11 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल किसानों ने लगाई है। घाड़ क्षेत्रों में मसूर भी लगाई जाती है।
- बारिश से दो दिन में आठ डिग्री सेल्सियस गिरा तापमान
मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश से जिले के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। सोमवार को जहां जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था, तो बुधवार को यह घटकर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
- बोले किसान
- सरसावा में गांव माजरी के किसान जसराज ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं की फसल गिरने से दाना बारीक पड़ने के साथ काला भी पड़ना शुरू हो गया है। पिछले साल एक बीघा से चार क्विंटल गेहूं निकला था, जबकि इस बार दाना बारीक पढ़ने के कारण तीन क्विंटल तक ही निकलने का अनुमान है।
- लखनौती निवासी किसान नजाकत खान ने बताया कि 40 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल बोई है, जिसमें आधी से ज्यादा जमीन पर गिर गई है। बारिश ने गिरी हुई फसल को खराब कर दिया है। गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं।
- बड़गांव के गांव दल्हेड़ी निवासी बागवान अरुण राणा ने बताया कि आम की फसल में लग रहे हाॅपर कीट से परेशान है। एक दिन पहले ही बाग में कीटनाशक का स्प्रे किया था, जिसके कुछ देर बाद बारिश आ गई। यदि दो चार दिन ऐसा ही मौसम रहा तो तीस प्रतिशत तक बौर खराब हो सकता है।
- गांव महंगी निवासी किसान पहल सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं कटाई बाधित हो रही है। गेहूं काटकर साठा धान की फसल बोनी थी। अब इसमें देरी हो जाएगी। गेहूं तो खराब हो ही रहा है धान की पौध भी पक रही है। इसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।
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जिले में मंगलवार शाम से मौसम में परिवर्तन शुरू हुआ, जो बुधवार को भी जारी रहा। सुबह के समय आसमान में बादल छाए रहे। रातभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। सुबह आठ बजे तेज बारिश हुई। इसके चलते सड़क किनारे पानी भर गया। बेमौसम बारिश का असर सबसे अधिक गेहूं, आम, सरसों और मसूर की फसल पर पड़ा है। गेहूं की फसल कटाई के लिए तैयार है। कटाई के बाद कई स्थानों पर गेहूं की फसल खेतों में ही पड़ी है। बारिश से कटाई का काम पूरी तरह से ठप हो गया है। राजस्व विभाग और कृषि विभाग नुकसान के आकलन में जुट गया है।
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- गंगोह और तीतरों में हुई ओलावृष्टि
गंगोह क्षेत्र के बिलासपुर, दूधला, जेहरा, बीनपुर, मोहडा आदि गांवों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने फसलों पर कहर बरपाया। किसानों का कहना है कि कटाई से ठीक पहले हुआ यह नुकसान उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर सकता है। बाग ठेकेदार शाहिद, नसीम और अनीस के अनुसार, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के कारण पेड़ों पर लगे छोटे-छोटे कच्चे आम बड़ी संख्या में टूटकर गिर गए। वहीं, तीतरो में नगर सहित क्षेत्र के गांव डुभर किशनपुर, कोलाखेड़ी, झाड़वन, धानवा, रादौर, बाल्लू सहित क्षेत्र में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ। मिर्जापुर में भी बारिश से किसान चिंतित है।
- नामित बीमा कंपनी पर पहुंचीं 74 शिकायत
उप कृषि निदेशक डॉ. संदीप पाल ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि के चलते फसल नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जिले में नामित बीमा कंपनी के पास 74 किसानों ने फसल नुकसान की शिकायत की है। जिले में गेहूं के 7500 किसानों ने फसल बीमा योजना का लाभ उठाया है। प्रभावित किसान 14447 पर 72 घंटे के भीतर सूचना दे सकते हैं। वहीं, अन्य किसान संबंधित तहसील कार्यालय में जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं।
- जिले में हैं गेहूं का करीब 1.13 लाख हेक्टेयर का रकबा
जिले में इस बार गेहूं फसल का रकबा 1.13 लाख हेक्टेयर है। इसी तरह सरसों की फसल भी जिले में किसान बड़ी मात्रा में लेते हैं। इस वर्ष करीब 11 हजार हेक्टेयर में सरसों की फसल किसानों ने लगाई है। घाड़ क्षेत्रों में मसूर भी लगाई जाती है।
- बारिश से दो दिन में आठ डिग्री सेल्सियस गिरा तापमान
मंगलवार और बुधवार को हुई बारिश से जिले के अधिकतम तापमान में गिरावट आई है। सोमवार को जहां जिले का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस था, तो बुधवार को यह घटकर 26 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
- बोले किसान
- सरसावा में गांव माजरी के किसान जसराज ने बताया कि बारिश के कारण गेहूं की फसल गिरने से दाना बारीक पड़ने के साथ काला भी पड़ना शुरू हो गया है। पिछले साल एक बीघा से चार क्विंटल गेहूं निकला था, जबकि इस बार दाना बारीक पढ़ने के कारण तीन क्विंटल तक ही निकलने का अनुमान है।
- लखनौती निवासी किसान नजाकत खान ने बताया कि 40 बीघा जमीन पर गेहूं की फसल बोई है, जिसमें आधी से ज्यादा जमीन पर गिर गई है। बारिश ने गिरी हुई फसल को खराब कर दिया है। गेहूं के दाने काले पड़ गए हैं।
- बड़गांव के गांव दल्हेड़ी निवासी बागवान अरुण राणा ने बताया कि आम की फसल में लग रहे हाॅपर कीट से परेशान है। एक दिन पहले ही बाग में कीटनाशक का स्प्रे किया था, जिसके कुछ देर बाद बारिश आ गई। यदि दो चार दिन ऐसा ही मौसम रहा तो तीस प्रतिशत तक बौर खराब हो सकता है।
- गांव महंगी निवासी किसान पहल सिंह ने बताया कि बारिश से गेहूं कटाई बाधित हो रही है। गेहूं काटकर साठा धान की फसल बोनी थी। अब इसमें देरी हो जाएगी। गेहूं तो खराब हो ही रहा है धान की पौध भी पक रही है। इसके खराब होने की आशंका बढ़ गई है।