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Saharanpur News: सेवानिवृत्त शुगर मिल अधिकारी से 2.50 करोड़ की धोखाधड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:42 AM IST
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सहारनपुर। शुगर मिल के पूर्व प्रबंध निदेशक और अधिवक्ता से ठेकेदारी में मुनाफे का झांसा देकर करीब ढाई करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने रकम मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई। एसएसपी के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने पांच नामजद व एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
शेर सिंह चौहान ने तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2021 में शुगर मिल से सेवानिवृत्त होने के बाद पंत विहार में रह रहे हैं। इसी दौरान रेणु विहार कॉलोनी निवासी महीपाल उनसे घर की मरम्मत के बहाने संपर्क में आया। धीरे-धीरे विश्वास में लेकर उसने ठेकेदारी में लगाने के नाम पर रुपये देने को कहा और भारी मुनाफे का लालच दिया। पीड़ित ने अपने और परिजनों के खातों से आरोपी और उसकी पत्नी के खातों में करीब 1.33 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा प्लॉट और खेती के पेड़ बेचकर मिली रकम भी नकद दी गई। आरोप है कि शुरुआत में कुछ रकम मुनाफे के तौर पर लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।
लगभग ढाई करोड़ रुपये बकाया होने पर जब पीड़ित ने दबाव बनाया तो आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि 25 मई 2025 को विपक्षी ने पीड़ित और उसके परिजनों के खिलाफ झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में विपक्षी ने 98 लाख रुपये के तीन और 80 लाख रुपये का एक पोस्टडेटेड चेक दिया, लेकिन नियत तिथि पर भुगतान रुकवा दिया गया, जिससे चेक बाउंस हो गए। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने महीपाल, सुमित्रा, नितिन, निधि, मौसम और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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शेर सिंह चौहान ने तहरीर देकर बताया कि वर्ष 2021 में शुगर मिल से सेवानिवृत्त होने के बाद पंत विहार में रह रहे हैं। इसी दौरान रेणु विहार कॉलोनी निवासी महीपाल उनसे घर की मरम्मत के बहाने संपर्क में आया। धीरे-धीरे विश्वास में लेकर उसने ठेकेदारी में लगाने के नाम पर रुपये देने को कहा और भारी मुनाफे का लालच दिया। पीड़ित ने अपने और परिजनों के खातों से आरोपी और उसकी पत्नी के खातों में करीब 1.33 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा प्लॉट और खेती के पेड़ बेचकर मिली रकम भी नकद दी गई। आरोप है कि शुरुआत में कुछ रकम मुनाफे के तौर पर लौटाई गई, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया।
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लगभग ढाई करोड़ रुपये बकाया होने पर जब पीड़ित ने दबाव बनाया तो आरोपी ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। आरोप है कि 25 मई 2025 को विपक्षी ने पीड़ित और उसके परिजनों के खिलाफ झूठा मुकदमा भी दर्ज कराया, जो वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। बाद में विपक्षी ने 98 लाख रुपये के तीन और 80 लाख रुपये का एक पोस्टडेटेड चेक दिया, लेकिन नियत तिथि पर भुगतान रुकवा दिया गया, जिससे चेक बाउंस हो गए। इस मामले में एसएसपी के आदेश पर थाना सदर बाजार पुलिस ने महीपाल, सुमित्रा, नितिन, निधि, मौसम और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
