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Saharanpur: अफगानी मंत्री मुत्ताकी के देवबंद में स्वागत पर गीतकार जावेद अख्तर ने कर दी ऐसी पोस्ट, भड़के उलमा
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Tue, 14 Oct 2025 09:14 PM IST
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सार
मुत्ताकी का देवबंद दौरा: गीतकार जावेद अख्तर ने पोस्ट कर कहा कि आतंकवादी समूह तालिबान का स्वागत देवबंद में किया जाना गलत है। तालीबान ने अपने देश में लड़कियों की शिक्षा पर भी पाबंदी लगा रखी है। इस पर देवबंद के उलमा की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।
जावेद अख्तर (फाइल)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी के दारुल उलूम देवबंद के दौरे का मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने विरोध कर दिया है। जावेद अख्तर का एक्स पर किया गया पोस्ट विवादों में आ गया है। उनकी पोस्ट को लेकर देवबंदी उलमा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
यह किया गया पोस्ट
जावेद अख्तर ने पोस्ट किया कि दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी समूह तालिबान के प्रतिनिधि को हर तरह के आतंकवादियों के खिलाफ मंच पर बोलने वालों द्वारा दिए गए सम्मान और स्वागत को देखकर मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। देवबंद को भी शर्म आनी चाहिए कि उसने अपने उस इस्लामिक हीरो का इतना सम्मानपूर्वक स्वागत किया, जो उन लोगों में से एक हैं, जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मेरे भारतीय भाइयों और बहनों, हमारे साथ क्या हो रहा है।
जावेद अख्तर ने पोस्ट किया कि दुनिया के सबसे खूंखार आतंकवादी समूह तालिबान के प्रतिनिधि को हर तरह के आतंकवादियों के खिलाफ मंच पर बोलने वालों द्वारा दिए गए सम्मान और स्वागत को देखकर मेरा सिर शर्म से झुक जाता है। देवबंद को भी शर्म आनी चाहिए कि उसने अपने उस इस्लामिक हीरो का इतना सम्मानपूर्वक स्वागत किया, जो उन लोगों में से एक हैं, जिन्होंने लड़कियों की शिक्षा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। मेरे भारतीय भाइयों और बहनों, हमारे साथ क्या हो रहा है।
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ये बोले उलमा
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि जावेद अख्तर का इतिहास हमेशा विवादित बयानों का रहा है। वह कभी सेक्युलर बात नहीं करते हमेशा वह फसाद की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि हुकूमत-ए-हिंद (भारत सरकार) उन्हें बुला रही है, सरकार की दावत पर वह मुल्क में आए हुए हैं और हमारे मुल्क के मेहमान हैं। दारुल उलूम एशिया का प्रसिद्ध दीनी इदारा है।
मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि जावेद अख्तर का इतिहास हमेशा विवादित बयानों का रहा है। वह कभी सेक्युलर बात नहीं करते हमेशा वह फसाद की बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि हुकूमत-ए-हिंद (भारत सरकार) उन्हें बुला रही है, सरकार की दावत पर वह मुल्क में आए हुए हैं और हमारे मुल्क के मेहमान हैं। दारुल उलूम एशिया का प्रसिद्ध दीनी इदारा है।
अगर मुत्ताकी यहां आ गए तो जावेद अख्तर को इस पर क्या आपत्ति है। यदि उन्हें कोई दिक्कत है तो वह बयान देने के बजाय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री या रक्षा मंत्री से यह सवाल करें कि उन्होंने विदेश मंत्री को क्यों बुलाया है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी यहां आने के बाद मुल्क से समझौते, कारोबार, अमन, इंसानियत और मोहब्बत की बात कर रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि इस पर किसी को एतराज होना चाहिए।
जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि मेहमान का सम्मान हमारी तहजीब है, तालिबान की नीति नहीं। जावेद अख्तर का बयान हकीकत से से ज्यादा भावनाओं पर आधारित है। देवबंद ने किसी आतंकवादी प्रतिनिधि का नहीं, बल्कि भारत सरकार के बुलावे पर आए एक आधिकारिक मेहमान का स्वागत किया है।
कहा कि हिंदुस्तान की सरजमीं हमेशा से मेहमान नवाज रही है और देवबंद उसी तहजीब की मिसाल है। हमारे बुज़ुर्गों ने हमें सिखाया है कि मेहमान चाहे किसी मजहब, जाति या विचार से क्यों न जुड़ा हो, उसका सम्मान करना इंसानियत और हिंदुस्तानियत दोनों की पहचान है।
कहा कि हिंदुस्तान की सरजमीं हमेशा से मेहमान नवाज रही है और देवबंद उसी तहजीब की मिसाल है। हमारे बुज़ुर्गों ने हमें सिखाया है कि मेहमान चाहे किसी मजहब, जाति या विचार से क्यों न जुड़ा हो, उसका सम्मान करना इंसानियत और हिंदुस्तानियत दोनों की पहचान है।
I hang my head in shame when I see the kind of respect and reception has been given to the representative of the world’s worst terrorists group Taliban by those who beat the pulpit against all kind of terrorists . Shame on Deoband too for giving such a reverent welcome to their “…
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) October 13, 2025