सहारनपुर दंगा: मृतकों और घायलों के मेडिकल प्रमाण पत्रों को लेकर कोर्ट में हुई बहस, ये बोले दोनों पक्ष के वकील
Court News: साल 2014 गुरुद्वारे की जमीन को लेकर सहारनपुर में सांप्रदायिक दंगा हो गया था। तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि 21 लोग घायल हुए थे। 100 से अधिक दुकानों में आग लगा दी गई थी।
विस्तार
सहारनपुर जिले में वर्ष 2014 में हुए दंगे के मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता की ओर से दिए प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। उन्होंने मामले में गवाहों और साक्ष्यों की गवाही को अहम बताया, जबकि बचाव पक्ष ने प्रार्थना पत्र का विरोध किया।
अदालत में हुई सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने कहा कि मामले में सरकार ने आरोपी के ऊपर एनएसए लगाया था। हाईकोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि विवेचक ने पत्रावली में घायल और मृतकों के मेडिकल भी पुष्ट नहीं किए हैं। कहा कि मामले में विवेचक ने लापरवाही बरती है। सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने अपनी दलील में कहा कि विवेचक की ओर से डॉक्टर्स का मेडिकल, वादी का मेडिकल, दंगे में घायल आरएएफ जवानों के मेडिकल सर्टिफिकेट, तत्कालीन एसडीएम आदि की गवाही नहीं हुई है।
