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Saharanpur: 'टोल फ्री नंबर' को बनाया जरिया, सीमेंट के थोक कारोबारी से ऐसे ठगे 1.31 करोड़, गिरफ्तार किया
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
Published by: Mohd Mustakim
Updated Fri, 03 Apr 2026 12:00 PM IST
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सार
देहात कोतवाली क्षेत्र निवासी सीमेंट के थोक कारोबारी अंशुल गुप्ता से ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर ठगी कर ली गई। पुलिस ने एक आरोपी को हिमाचल से गिरफ्तार कर लिया, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार। सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीमेंट थोक कारोबारी से ट्रेडिंग के नाम पर 1.31 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी जयपुर निवासी भूपेंद्र को हिमाचल प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। वह ज्यादा कमाने के लिए बॉस बनना चाहता था। साइबर ठगी में कु-कॉइन का इस्तेमाल करता था। उसके कब्जे से नकदी, विदेशी मुद्रा, कई चेकबुक, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फ्लाइट की टिकट बरामद हुई हैं।
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बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 16 फरवरी 2026 को देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित मंगलम एंटरप्राइजेज के संचालक अंशुल गुप्ता ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश कर कम समय में अधिक लाभ कमाने का लालच दिया। झांसे में आकर उन्होंने 1.31 करोड़ रुपये निवेश कर दिए लेकिन रकम वापस नहीं मिली। साइबर पुलिस ने जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर हुई थी उनकी पड़ताल की।
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पुलिस ने मामले में राजस्थान के जयपुर निवासी भूपेंद्र को हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित एक होटल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से 25 हजार रुपये नकद, विदेशी करेंसी, विभिन्न बैंकों की 13 चेकबुक, 22 डेबिट कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, चार फ्लाइट टिकट, अलग-अलग कंपनियों की दो मोहर, दो स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद प्राथमिकी में बीएनएस की धारा 317(2) भी बढ़ाई गई है।
कू क्वाइन एप व मिंग क्वाइन ट्रेडिंग के लिए कराता था निवेश
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कू क्वाइन एप और मिंग क्वाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देता था। निवेश करने के बाद जब लोग रुपये निकालने का प्रयास करते थे तो उन्हें रकम वापस नहीं दी जाती थी। लोगों को फंसाने के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया था, जिससे भरोसा कायम किया जा सके। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि कू क्वाइन एप और मिंग क्वाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देता था। निवेश करने के बाद जब लोग रुपये निकालने का प्रयास करते थे तो उन्हें रकम वापस नहीं दी जाती थी। लोगों को फंसाने के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया था, जिससे भरोसा कायम किया जा सके। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।