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Saharanpur News: फाइलों में दबे बैनामे, अब एक क्लिक पर उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 24 Mar 2026 01:30 AM IST
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सहारनपुर। बैनामों के पुराने दस्तावेजों को देखने के लिए अब रजिस्ट्री कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। स्टांप एवं निबंधन विभाग में पिछले 24 वर्षों के बैनामे समेत तमाम दस्तावेज ऑनलाइन किए जा रहे हैं। अभी तक 24 वर्षों के कुल 10.65 लाख बैनामे ऑनलाइन हो गए हैं।
अभी तक वर्ष 2017 के बाद ही रजिस्ट्रियां ही ऑनलाइन उपलब्ध थी। पुराने दस्तावेजों को खंगालने के लिए आमजन को दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे। वर्ष भर से जारी कार्य के चलते अब यह कार्य तकरीबन पूरा हो गया है। जिले के सात निबंधन कार्यालयों में से दो देवबंद और नकुड़ कार्यालय के कुछ दस्तावेज ऑनलाइन शेष रह गए हैं। यहां पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इससे पहले वर्ष 2017 से 2024 तक के दस्तावेजों को स्कैन कर ऑनलाइन सुरक्षित किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि एक तो रिकॉर्ड सुरक्षित होगा। दूसरा फर्जी तरीके से जमीन खरीदने और बेचने पर रोक लग सकेगी। जिले के सातों उप निबंधन कार्यालयों में औसतन हर दिन 220 बैनामे होते हैं। दस्तावेजों को लेने के लिए पहले लोगों को नकल सवाल डालकर घंटों लाइन में लगना पड़ता था।
- ऐसे देखे ऑनलाइन रजिस्ट्री
निबंधन विभाग की वेबसाइट https://igrsup.gov.in पर जाकर आमजन ऑनलाइन सेवाएं में संपत्ति को खोजने का विकल्प चुने। लॉगिन आईडी बनाकर ओटीपी के जरिए अपनी रजस्ट्री देखी जा सकती है।
वर्ष-- -बैनामे (ऑनलाइन)
2002-- -36,988
2003-- -38,571
2004-- -96,002
2005-- -51,292
2006-- -58,964
2007-- -59,694
2008-- -53,880
2009-- -71,356
2010-- -70,295
2011-- -84,858
2012-- -87,944
2013-- -77,075
2014-- -59,915
2015-- -78,323
2016-- -75,621
2017-- -64,689
-वर्जन
रजिस्ट्री दस्तावेजों को ऑनलाइन दर्ज कराने का काम किया जा रहा है। अभी तक 2002 से 2017 तक के दस्तावेज ऑनलाइन कराए गए हैं। करीब नौ लाख से अधिक दस्तावेज फिलहाल ऑनलाइन देखे जा सकते हैं।
- बृजेश सिंह, एआईजी स्टांप।
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अभी तक वर्ष 2017 के बाद ही रजिस्ट्रियां ही ऑनलाइन उपलब्ध थी। पुराने दस्तावेजों को खंगालने के लिए आमजन को दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे। वर्ष भर से जारी कार्य के चलते अब यह कार्य तकरीबन पूरा हो गया है। जिले के सात निबंधन कार्यालयों में से दो देवबंद और नकुड़ कार्यालय के कुछ दस्तावेज ऑनलाइन शेष रह गए हैं। यहां पर भी तेजी से कार्य किया जा रहा है।
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इससे पहले वर्ष 2017 से 2024 तक के दस्तावेजों को स्कैन कर ऑनलाइन सुरक्षित किया गया है। इसका फायदा यह होगा कि एक तो रिकॉर्ड सुरक्षित होगा। दूसरा फर्जी तरीके से जमीन खरीदने और बेचने पर रोक लग सकेगी। जिले के सातों उप निबंधन कार्यालयों में औसतन हर दिन 220 बैनामे होते हैं। दस्तावेजों को लेने के लिए पहले लोगों को नकल सवाल डालकर घंटों लाइन में लगना पड़ता था।
- ऐसे देखे ऑनलाइन रजिस्ट्री
निबंधन विभाग की वेबसाइट https://igrsup.gov.in पर जाकर आमजन ऑनलाइन सेवाएं में संपत्ति को खोजने का विकल्प चुने। लॉगिन आईडी बनाकर ओटीपी के जरिए अपनी रजस्ट्री देखी जा सकती है।
वर्ष
2002
2003
2004
2005
2006
2007
2008
2009
2010
2011
2012
2013
2014
2015
2016
2017
-वर्जन
रजिस्ट्री दस्तावेजों को ऑनलाइन दर्ज कराने का काम किया जा रहा है। अभी तक 2002 से 2017 तक के दस्तावेज ऑनलाइन कराए गए हैं। करीब नौ लाख से अधिक दस्तावेज फिलहाल ऑनलाइन देखे जा सकते हैं।
- बृजेश सिंह, एआईजी स्टांप।