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Saharanpur News: 2018 से 2025 में पंजीकृत विद्यार्थियों की होगी जांच, नोटिस जारी
Tue, 11 Aug 2026 01:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 11 Aug 2026 01:36 AM IST
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सहारनपुर। जिले में करीब 80 करोड़ रुपये का छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया है। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने अपनी जांच शुरू कर दी है, जिसमें 2018 से 2025 के बीच पंजीकृत छात्र-छात्राएं शामिल हैं। विभाग ने 250 शिक्षण संस्थाओं को नोटिस जारी कर उनका रिकॉर्ड मांगा है।
रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने वाली शिक्षण संस्थाओं से छात्रवृत्ति की राशि वसूलने की तैयारी है। यह घोटाला सामने आने के बाद मेरठ की आर्थिक अपराध शाखा भी इसकी जांच कर रही है। समाज कल्याण विभाग ने सभी कॉलेजों को अध्ययनरत छात्रों के परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में शैक्षिक सत्र 2018 से 2025 तक के छात्रों के परिणाम मांगे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग के छात्र शामिल हैं। कुछ संस्थाओं ने आवश्यक रिकॉर्ड जमा करा दिया है। हालांकि 150 से अधिक संस्थाओं ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। जो संस्थाएं रिकॉर्ड नहीं देंगी, उनसे छात्रवृत्ति की राशि वापस ली जाएगी। यह कदम घोटाले की गहराई तक पहुंचने के लिए उठाया गया है।
-छात्रवृत्ति लेकर बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों से होगी वसूली
विभाग द्वारा संस्थाओं को दिए गए नोटिस में कहा गया कि अगर अध्ययन वर्ष के दौरान छात्र ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है तो छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है तो उसे वापस करना होगा। कई कॉलेजों के पास पुराना रिकॉर्ड नहीं है।
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-वर्ष 2011 से 2014-15 के बीच हुए घोटाले की जांच भी जारी
जिले में वर्ष 2011 से लेकर 2014-15 के बीच हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच जारी है। 40 शिक्षण संस्थानों पर तकरीबन 80 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा था। इस मामले में शिकायत होने के बाद समाज कल्याण के दो और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पांच कर्मियों पर गाज भी गिरी थी।
शिक्षण संस्थाओं को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी न देने वाली संस्थाओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अर्चना, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने वाली शिक्षण संस्थाओं से छात्रवृत्ति की राशि वसूलने की तैयारी है। यह घोटाला सामने आने के बाद मेरठ की आर्थिक अपराध शाखा भी इसकी जांच कर रही है। समाज कल्याण विभाग ने सभी कॉलेजों को अध्ययनरत छात्रों के परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में शैक्षिक सत्र 2018 से 2025 तक के छात्रों के परिणाम मांगे गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति, जनजाति और सामान्य वर्ग के छात्र शामिल हैं। कुछ संस्थाओं ने आवश्यक रिकॉर्ड जमा करा दिया है। हालांकि 150 से अधिक संस्थाओं ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। जो संस्थाएं रिकॉर्ड नहीं देंगी, उनसे छात्रवृत्ति की राशि वापस ली जाएगी। यह कदम घोटाले की गहराई तक पहुंचने के लिए उठाया गया है।
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-छात्रवृत्ति लेकर बीच में पढ़ाई छोड़ने वालों से होगी वसूली
विभाग द्वारा संस्थाओं को दिए गए नोटिस में कहा गया कि अगर अध्ययन वर्ष के दौरान छात्र ने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है तो छात्रवृत्ति नहीं दी जाएगी। छात्रवृत्ति प्राप्त हुई है तो उसे वापस करना होगा। कई कॉलेजों के पास पुराना रिकॉर्ड नहीं है।
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-वर्ष 2011 से 2014-15 के बीच हुए घोटाले की जांच भी जारी
जिले में वर्ष 2011 से लेकर 2014-15 के बीच हुए छात्रवृत्ति घोटाले की जांच जारी है। 40 शिक्षण संस्थानों पर तकरीबन 80 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगा था। इस मामले में शिकायत होने के बाद समाज कल्याण के दो और जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के पांच कर्मियों पर गाज भी गिरी थी।
शिक्षण संस्थाओं को जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी न देने वाली संस्थाओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
-अर्चना, जिला समाज कल्याण अधिकारी