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Saharanpur News: आंधी तूफान के बाद दिन भर बंद रही तीस गांवों की बिजली
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शाकंभरी/मिर्जापुर। आंधी और बारिश ने बेहट एवं मिर्जापुर बिजलीघर के देहात विद्युत उपकेंद्र से जुड़े ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विद्युत उपकेंद्र बेहट के नौगांवा फीडर एवं मिर्जापुर से जुड़े 30 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति दिन भर ठप रही। रविवार सुबह 8.30 बजे आए आंधी तूफान और बारिश के बाद गुल हुई बिजली रविवार देर शाम सात बजे सुचारू हो सकी।
बेहट बिजलीघर से जुड़े समसपुर, चक अबाबाकरपुर, रजापुर अलीपुरा, दुल्लागढ़, बेगपुर, काशीपुर, हसनपुर, दौड़बसी समेत नौ गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद दिन भर आपूर्ति नहीं आई। बिजली कर्मचारियों ने दिन भर की मशक्कत के बाद शाम 7 बजे आपूर्ति चालू की। दूसरी ओर मिर्जापुर बिजलीघर से जुड़े गांव खुवासपुर, ड़ाडल, पाडली, नौशेरा, कासमपुर आदि की बिजली आपूर्ति देर शाम चार बजे चल पाई। हालात यह हैं कि घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे चुके थे। भीषण उमस में पंखे बंद होने से बच्चे और बुजुर्ग बेहाल रहे। फ्रिज बंद होने से खाने-पीने का सामान खराब हो गया।
सबसे ज्यादा संकट पेयजल को लेकर है। बिजली न होने से नलकूप और सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाते हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई जगह हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे पेयजल को लेकर मारामारी मची रही।
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बेहट बिजलीघर से जुड़े समसपुर, चक अबाबाकरपुर, रजापुर अलीपुरा, दुल्लागढ़, बेगपुर, काशीपुर, हसनपुर, दौड़बसी समेत नौ गांव की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। इसके बाद दिन भर आपूर्ति नहीं आई। बिजली कर्मचारियों ने दिन भर की मशक्कत के बाद शाम 7 बजे आपूर्ति चालू की। दूसरी ओर मिर्जापुर बिजलीघर से जुड़े गांव खुवासपुर, ड़ाडल, पाडली, नौशेरा, कासमपुर आदि की बिजली आपूर्ति देर शाम चार बजे चल पाई। हालात यह हैं कि घरों में लगे इनवर्टर भी जवाब दे चुके थे। भीषण उमस में पंखे बंद होने से बच्चे और बुजुर्ग बेहाल रहे। फ्रिज बंद होने से खाने-पीने का सामान खराब हो गया।
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सबसे ज्यादा संकट पेयजल को लेकर है। बिजली न होने से नलकूप और सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाते हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। कई जगह हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे पेयजल को लेकर मारामारी मची रही।
