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Saharanpur News: आम को आम बनाए रखने को अब पहनाए जाएंगे फ्रूट बैग

Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 18 May 2026 01:06 AM IST
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To keep mangoes looking their best, fruit bags will now be worn.
सहारनपुर की फल पट्टी में आम का बाग - फोटो : ​विकास भवन।
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- बारिश-आंधी से आम की फसल को हुआ 50 फीसदी नुकसान


संवाद न्यूज एजेंसी

सहारनपुर। आम की फसल पर इस बार बेमौसम बारिश-आंधी का कहर है। ऐसे में जिले में आम की फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। इस बार करीब 50 फीसदी फसल प्रभावित हुई है। अब आम की फसल को आम बनाए रखने के लिए फ्रूट बैग पहनाए जाएंगे। उद्यान विभाग अनुदान पर इन्हें बागवानों को उपलब्ध कराएंगे।
जिले में पिछले नौ वर्षों में आम के रकबे में अच्छा खासा उछाल आया है। 2017 में जिले में आम की फसल करीब 21 हजार हेक्टेयर में होती थी। 2026 में रकबा बढ़कर 27 हजार हेक्टेयर से अधिक हो चुका है। जिले से काभी मात्रा में आम का निर्यात भी विदेश में किया जाता है, लेकिन इस बार मौसम की मार के चलते बागवानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। बारिश और आंधी ने आम पर कहर बरपाया है। मार्च, अप्रैल में आई आंधी से फल को नुकसान पहुंचा। वह टूटकर नीचे गिर गया। वहीं अप्रैल के अंत और मई के शुरुआती सप्ताह में पड़े ओलों, आंधी ने आम को खराब कर दिया। मौसम के उतार-चढ़ाव से भी फल में बीमारी लग गई। अब जो भी फसल शेष है उसे बचाने और गुणवत्ता को सुधारने के लिए फ्रूट बैग मिलेंगे।
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बागवानों को उम्मीद है कि आगे मौसम फसल के अनुकूल रहेगा। जिले को करीब 3,83,600 फ्रूट बैग प्राप्त हुए हैं। जिला उद्यान अधिकारी गमपाल सिंह ने बताया कि विभाग बागवानों के साथ लगातार संपर्क में हैं। बागवानों को फसल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए फ्रूट बैग उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे गुणवत्ता और फसल बीमारी आदि से बची रहेगी।


- बोले बागवान

- हाजी नसीम ने बताया कि लगातार मौसम की मार आम उत्पादन को प्रभावित कर रही है। आंधी तूफान में आम व पेड़ों की टहनियां टूट रहीं हैं। इससे इस साल ही नहीं, बल्कि आगामी वर्ष में भी आम उत्पादन पर असर पड़ेगा। करीब 50 फीसदी फसल प्रभावित हुई है।

- बागवान शिफाउल ने बताया कि इस बार आंधी, बारिश और हॉपर बीमारी के चलते आम के फसल को खासा नुकसान पहुंचा है। यदि मौसम आगे फसल के अनुकूल रहा तो आम के बचने की थोड़ी बहुत उम्मीद है। अन्य आपदाओं में राहत की तरह बागवानों को भी सरकार की ओर से मदद मिलनी चाहिए।
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