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Saharanpur News: तीन संदिग्ध बैंक खातों में 4.97 करोड़ का लेनदेन, पांच पर प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:53 AM IST
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सहारनपुर। साइबर सेल की जांच में संदिग्ध खातों के जरिए साइबर ठगी नेटवर्क का बड़ा मामला उजागर हुआ है। अलग-अलग तीन संदिग्ध बैंक खातों में करीब 4.97 करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। इन खातों को जिले के लोग चला रहे थे। फर्जी एप, लिंक, वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिए लोगों को झांसा देकर धनराशि मंगाई जाती थी और संदिग्ध खातों के जरिए उसे आगे ट्रांसफर किया जाता था। साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक जावेद खान ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
पहला मामला
पहले मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से 51.49 लाख रुपये ठगी हुई। यह ठगी 23 जून 2025 से 14 सितंबर 2025 के बीच फर्जी वेबसाइट, एप और लिंक के माध्यम से निवेश के नाम पर की गई। जांच में पता चला कि यह खाता सर्वहित मानव सेवा समिति के नाम पर खोला गया था, जिसे गागलहेड़ी के पाली गांव निवासी दीपक सैनी, सचेंद्र कुमार और चिलकाना के सुल्तानपुर कोठीवाला निवासी विपिन सैनी चला रहे थे। खाते से एक साल के दौरान 1.19 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। इस खाते में आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, दिल्ली, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों से ठगी की रकम ट्रांसफर हुई। साइबर आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश प्लेटफार्म के जरिए लोगों को झांसा दिया और रकम संदिग्ध खाते में मंगाई जाती थी, जिसके बाद इस रकम को आगे ठिकाने लगा दिया जाता था।
दूसरा मामला
इसी तरह दूसरा खाता न्यू मेडिकोज एजेंसी भगत सिंह मार्ग के नाम पर खोला गया था, जिसे मोहम्मद बिलाल निवासी चिलकाना चला रहा था। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक खाते में 1.28 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, लद्दाख, आंध प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में फर्जी ट्रेडिंग, शेयर मार्केट, डीमैट अकाउंट, टेलीग्राम ग्रुप और एपीके फाइल के जरिए निवेश के नाम पर ठगी की गई।
तीसरा मामला
हयात ट्रेडर्स मानकमऊ के नाम खोले गए बैंक खाते को हयात नबी संचालित कर रहा था। इसमें 19 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 2.50 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया। समन्वय पोर्टल पर इस खाते की 16 शिकायत दर्ज मिलीं। दिल्ली, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और तेलंगाना में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म, गोल्ड माइन, निवेश, फर्जी लिंक, एप और वेबसाइट के जरिए लोगों को ठगा गया।
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पहला मामला
पहले मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक खाते से 51.49 लाख रुपये ठगी हुई। यह ठगी 23 जून 2025 से 14 सितंबर 2025 के बीच फर्जी वेबसाइट, एप और लिंक के माध्यम से निवेश के नाम पर की गई। जांच में पता चला कि यह खाता सर्वहित मानव सेवा समिति के नाम पर खोला गया था, जिसे गागलहेड़ी के पाली गांव निवासी दीपक सैनी, सचेंद्र कुमार और चिलकाना के सुल्तानपुर कोठीवाला निवासी विपिन सैनी चला रहे थे। खाते से एक साल के दौरान 1.19 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। इस खाते में आंध्र प्रदेश, बिहार, हरियाणा, केरल, पंजाब, तमिलनाडु, दिल्ली, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों से ठगी की रकम ट्रांसफर हुई। साइबर आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग और क्रिप्टो निवेश प्लेटफार्म के जरिए लोगों को झांसा दिया और रकम संदिग्ध खाते में मंगाई जाती थी, जिसके बाद इस रकम को आगे ठिकाने लगा दिया जाता था।
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दूसरा मामला
इसी तरह दूसरा खाता न्यू मेडिकोज एजेंसी भगत सिंह मार्ग के नाम पर खोला गया था, जिसे मोहम्मद बिलाल निवासी चिलकाना चला रहा था। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक खाते में 1.28 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ। महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, लद्दाख, आंध प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में फर्जी ट्रेडिंग, शेयर मार्केट, डीमैट अकाउंट, टेलीग्राम ग्रुप और एपीके फाइल के जरिए निवेश के नाम पर ठगी की गई।
तीसरा मामला
हयात ट्रेडर्स मानकमऊ के नाम खोले गए बैंक खाते को हयात नबी संचालित कर रहा था। इसमें 19 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक 2.50 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन किया गया। समन्वय पोर्टल पर इस खाते की 16 शिकायत दर्ज मिलीं। दिल्ली, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड और तेलंगाना में फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफार्म, गोल्ड माइन, निवेश, फर्जी लिंक, एप और वेबसाइट के जरिए लोगों को ठगा गया।