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Sambhal News: यूजीसी के विरोध में नारेबाजी करते हुए निकाली रैली
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चंदौसी। सवर्ण समाज के साथ बड़ी संख्या में किसानों ने राष्ट्रीय किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा के नेतृत्व में तिरंगा हाथों में लेकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रैली निकाली, जिसमें यूजीसी कानून को वापस करने की मांग बदायूं चुंगी महाराणा प्रताप चौक के पास जनसभा की।
राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने सभी सवर्ण वर्गों को संबोधित करते हुए शपथ दिलाई की जब तक यूजीसी कानून वापस नहीं होगा तब तक कोई भी सवर्ण समाज का व्यक्ति 2027 या 2031 के चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देगा। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी जैसे काले कानून को वापस नहीं लिया तो आने वाले चुनावों में भाजपा को परिणाम भुगतना पड़ेगा।
इसके बाद तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार सतेंद्र चाहर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी कानून देश के अंदर जातियों में भेदभाव, अराजकता और विद्वेष की भावनाओं को पैदा करेगा। कहा गया कि यह नया कानून सवर्ण समाज को देश के अंदर अपमानित करने और गले में फांसी का फंदा लगाकर मारने जैसा है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत अधिकांश हिंदुओं का देश है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह भारत के अंदर सभी जातियों को खारिज कर केवल एक हिंदू जाति नाम दिया जाए, राजनीति में आरक्षण खत्म किया जाए, ताकि विधानसभा व लोकसभा में कोई भी व्यक्ति जो हिंदू जाति का है चुनाव लड़ सके। इससे व्यक्तिगत भेदभाव पूर्ण रूप से समाप्त होगा।
यूजीसी जैसे काले कानून को रद्द नहीं किया गया और आर्थिक आधार पर देश में आरक्षण नहीं दिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञापन देने वालों में शिव शर्मा, शैलभ शर्मा, संजीव राघव, राहुल कश्यप, अमन राठौर, वीरेंद्र सिंह तोमर, अमर सिंह तोमर, रामपाल, रामपाल सिंह, ओमवीर सिंह, दुष्यंत सिंह, गुरवीर सिंह, अजेंद्र राघव, सुनील राघव, सुदेश राघव, शानू शर्मा, एमपी सिंह, मोहित राघव, सचिन राघव और अवधेश राघव आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष रामेश्वर दयाल शर्मा ने सभी सवर्ण वर्गों को संबोधित करते हुए शपथ दिलाई की जब तक यूजीसी कानून वापस नहीं होगा तब तक कोई भी सवर्ण समाज का व्यक्ति 2027 या 2031 के चुनाव में भाजपा को वोट नहीं देगा। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी जैसे काले कानून को वापस नहीं लिया तो आने वाले चुनावों में भाजपा को परिणाम भुगतना पड़ेगा।
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इसके बाद तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार सतेंद्र चाहर को राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि यूजीसी कानून देश के अंदर जातियों में भेदभाव, अराजकता और विद्वेष की भावनाओं को पैदा करेगा। कहा गया कि यह नया कानून सवर्ण समाज को देश के अंदर अपमानित करने और गले में फांसी का फंदा लगाकर मारने जैसा है।
ज्ञापन में कहा गया कि भारत अधिकांश हिंदुओं का देश है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वह भारत के अंदर सभी जातियों को खारिज कर केवल एक हिंदू जाति नाम दिया जाए, राजनीति में आरक्षण खत्म किया जाए, ताकि विधानसभा व लोकसभा में कोई भी व्यक्ति जो हिंदू जाति का है चुनाव लड़ सके। इससे व्यक्तिगत भेदभाव पूर्ण रूप से समाप्त होगा।
यूजीसी जैसे काले कानून को रद्द नहीं किया गया और आर्थिक आधार पर देश में आरक्षण नहीं दिया गया तो आंदोलन जारी रहेगा। ज्ञापन देने वालों में शिव शर्मा, शैलभ शर्मा, संजीव राघव, राहुल कश्यप, अमन राठौर, वीरेंद्र सिंह तोमर, अमर सिंह तोमर, रामपाल, रामपाल सिंह, ओमवीर सिंह, दुष्यंत सिंह, गुरवीर सिंह, अजेंद्र राघव, सुनील राघव, सुदेश राघव, शानू शर्मा, एमपी सिंह, मोहित राघव, सचिन राघव और अवधेश राघव आदि मौजूद रहे।
