{"_id":"6a3065e5d4a5bbc40a009d2d","slug":"devotees-were-captivated-upon-hearing-the-tales-of-shri-krishnas-childhood-pastimes-sambhal-news-c-204-1-chn1001-130157-2026-06-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं सुनकर मुग्ध हुए श्रद्धालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं सुनकर मुग्ध हुए श्रद्धालु
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
चंदौसी। गोशाला रोड स्थित एक मैरिज हॉल में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन लीला का भावपूर्ण वर्णन किया गया। कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भक्ति और श्रद्धा के साथ भगवान का गुणगान किया। इस अवसर पर कथा वाचक शिवानंद महाराज ने श्रद्धालुओं को भक्ति और सतमार्ग पर चलने का संदेश दिया।
इस अवसर पर कथा वाचक शिवानंद महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बाल्यकाल से ही धर्म की रक्षा और भक्तों के कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने पूतना वध, कालिया नाग पर नृत्य जैसी बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। उन्होंने गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को समाप्त करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था। इस प्रसंग से हमें अहंकार छोड़कर भगवान पर अटूट विश्वास रखने की सीख मिलती है।
कथा के अंत में भजन-कीर्तन के बाद आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर अभिषेक गुप्ता, डॉ. दुर्गा टंडन, हरीश कुमार शर्मा, शरद शर्मा, वनवारी लाल पाठक, संजय मिश्रा, अजय जैन, सुशील शर्मा, जतिन शर्मा, निपुण शर्मा, अमित पाठक, गौरव गुड्डू, उमा श्रीवास्तव, सीमा शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
इस अवसर पर कथा वाचक शिवानंद महाराज ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बाल्यकाल से ही धर्म की रक्षा और भक्तों के कल्याण का संदेश दिया। उन्होंने पूतना वध, कालिया नाग पर नृत्य जैसी बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। उन्होंने गोवर्धन पूजा का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को समाप्त करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए अपनी छोटी अंगुली पर गोवर्धन पर्वत उठाया था। इस प्रसंग से हमें अहंकार छोड़कर भगवान पर अटूट विश्वास रखने की सीख मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कथा के अंत में भजन-कीर्तन के बाद आरती कर प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर अभिषेक गुप्ता, डॉ. दुर्गा टंडन, हरीश कुमार शर्मा, शरद शर्मा, वनवारी लाल पाठक, संजय मिश्रा, अजय जैन, सुशील शर्मा, जतिन शर्मा, निपुण शर्मा, अमित पाठक, गौरव गुड्डू, उमा श्रीवास्तव, सीमा शर्मा आदि मौजूद रहे।