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Sambhal News: दहेज हत्या में पति को 13 की जेल और 20 हजार जुर्माना
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चंदौसी(संभल)। न्यायालय ने थाना संभल क्षेत्र के वर्ष 2020 के दहेज हत्या के मामले में मृतका के पति को 13 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसी मामले में मृतका के परिवार वालों के खिलाफ हत्या की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वाली महिला को गत शुक्रवार को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया गया था। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) /अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में हुई।
संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देहली दरवाजा निवासी महिला फिरदौस ने 14 जून 2020 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें महिला ने बताया कि उसके भतीजे फरमान निवासी हसनपुर जिला अमरोहा की शादी करीब एक वर्ष पहले उसके जेठ की लड़की महक से लव मैरिज हुई थी। इस शादी से लड़की के पिता व भाई नाराज थे। उसके भतीजे की पत्नी महक लॉकडाउन से पहले उसके घर आई थी और घर पर रह रही थी।
फिरदौस के पति गाड़ी चलाते थे जो गाड़ी लेकर असम गए थे। घर पर फिरदौस और उसके भतीजे की पत्नी महक बरामदे में सोए थे कि रात ढाई बजे करीब वह बाथरूम को गई तो महक मृत हालत में बाथरूम में पड़ी थी। उसे उन्होंने उठा कर चारपाई पर लिटाया तो महक के गले पर चोट के निशान हैं। उसे शक है कि महक की हत्या इसके भाई अफजाल, इकबाल, बिलाल और इनके पिता अनवर निवासी देहली दरवाजा थाना संभल ने गला दबा कर की है। मृतका का शव उसके घर पर चारपाई पर पड़ा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
इसी मामले में दूसरी तहरीर महरूल द्वारा कोतवाली संभल पुलिस को दी गई थी। इसमें महरूल ने बताया कि उसकी पुत्री महक निवासी मोहल्ला देहली दरवाजा संभल को उसकी देवरानी फिरदौस ने बहला फुसला कर अपने भतीजे फरमान के साथ एक वर्ष पहले भगवा दिया था। देवरानी मकान के बंटवारे को लेकर उसके परिवार ने रंजिश रखती थी। तीन माह पहले फरमान ने दो लाख रुपये की मांग करते हुए उसकी पुत्री महक को घर से निकाल दिया था। तब से ही पुत्री देवरानी फिरदौस जहां के घर रह रही थी। फिरदौस ने कई बार उससे कहा कि वह शादी में तीन-चार लाख रुपये खर्च करती इसलिए वह अपने दामाद फरमान को दो लाख रुपये दे दे। इस पर उसने साफ इनकार कर दिया था। तब से फिरदौस और फरमान उसकी पुत्री को परेशान करने लगे। 13-14 जून 2020 की रात पुत्री ने उसे फोन किया। तब फरमान और फिरदौस उससे झगड़ा कर रहे थे। सुबह फिरदौस ने बताया कि उनकी पुत्री महक मरी पड़ी है। उसे शक है कि उसकी पुत्री को फरमान और फिरदौस ने मारा है।
पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में फरमान और फिरदौस के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने फिरदौस एवं फरमान को दोषी करार दिया। फिरदौस को गत शुक्रवार को 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। जबकि मृतका के पति फरमान के फरार होने के कारण उस दिन सजा नहीं सुनाई गई। जबकि मंगलवार को फरमान को सजा सुनाई गई।
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संभल कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला देहली दरवाजा निवासी महिला फिरदौस ने 14 जून 2020 को थाना पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें महिला ने बताया कि उसके भतीजे फरमान निवासी हसनपुर जिला अमरोहा की शादी करीब एक वर्ष पहले उसके जेठ की लड़की महक से लव मैरिज हुई थी। इस शादी से लड़की के पिता व भाई नाराज थे। उसके भतीजे की पत्नी महक लॉकडाउन से पहले उसके घर आई थी और घर पर रह रही थी।
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फिरदौस के पति गाड़ी चलाते थे जो गाड़ी लेकर असम गए थे। घर पर फिरदौस और उसके भतीजे की पत्नी महक बरामदे में सोए थे कि रात ढाई बजे करीब वह बाथरूम को गई तो महक मृत हालत में बाथरूम में पड़ी थी। उसे उन्होंने उठा कर चारपाई पर लिटाया तो महक के गले पर चोट के निशान हैं। उसे शक है कि महक की हत्या इसके भाई अफजाल, इकबाल, बिलाल और इनके पिता अनवर निवासी देहली दरवाजा थाना संभल ने गला दबा कर की है। मृतका का शव उसके घर पर चारपाई पर पड़ा है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी।
इसी मामले में दूसरी तहरीर महरूल द्वारा कोतवाली संभल पुलिस को दी गई थी। इसमें महरूल ने बताया कि उसकी पुत्री महक निवासी मोहल्ला देहली दरवाजा संभल को उसकी देवरानी फिरदौस ने बहला फुसला कर अपने भतीजे फरमान के साथ एक वर्ष पहले भगवा दिया था। देवरानी मकान के बंटवारे को लेकर उसके परिवार ने रंजिश रखती थी। तीन माह पहले फरमान ने दो लाख रुपये की मांग करते हुए उसकी पुत्री महक को घर से निकाल दिया था। तब से ही पुत्री देवरानी फिरदौस जहां के घर रह रही थी। फिरदौस ने कई बार उससे कहा कि वह शादी में तीन-चार लाख रुपये खर्च करती इसलिए वह अपने दामाद फरमान को दो लाख रुपये दे दे। इस पर उसने साफ इनकार कर दिया था। तब से फिरदौस और फरमान उसकी पुत्री को परेशान करने लगे। 13-14 जून 2020 की रात पुत्री ने उसे फोन किया। तब फरमान और फिरदौस उससे झगड़ा कर रहे थे। सुबह फिरदौस ने बताया कि उनकी पुत्री महक मरी पड़ी है। उसे शक है कि उसकी पुत्री को फरमान और फिरदौस ने मारा है।
पुलिस ने दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय में फरमान और फिरदौस के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन पक्ष से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश उर्फ हरीश सैनी ने साक्ष्यों के आधार पर दलीलें पेश कीं। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) / अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने फिरदौस एवं फरमान को दोषी करार दिया। फिरदौस को गत शुक्रवार को 10 वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया था। जबकि मृतका के पति फरमान के फरार होने के कारण उस दिन सजा नहीं सुनाई गई। जबकि मंगलवार को फरमान को सजा सुनाई गई।