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औद्योगिक गलियारा : यूपीडा ने मांगी अतिरिक्त भूमि
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संभल। मेरठ से प्रयागराज के बीच तैयार 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर संभल जिले में औद्योगिक गलियारा के लिए अतिरिक्त भूमि की मांग की गई है। इस संबंध में यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने जिले के आला अधिकारी को पत्र भेजा है। मालूम हो, इससे पहले 222 हेक्टेयर भूमि खरीदी जा चुकी है।
दुनिया के सबसे लंबाई वाले इस एक्सप्रेसवे का 38 किलोमीटर का भाग जिले की सीमा में शामिल है। यूपीडा ने सदर तहसील क्षेत्र के गांव खिरनी मोहिउद्दीनपुर के निकट चार गांवोें में औद्योगिक गलियारा स्थापित किए जाने के लिए 222 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत कराई है। हालांकि, 239 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है। अब यूपीडा ने औद्योगिक गलियारे को विस्तार देने का निर्णय लिया है। इसके लिए अतिरिक्त भूमि अधिगृहीत की जाएगी।
यूपीडा ने भूमि और लिए जाने का जो प्रस्ताव दिया है, उसकी प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को सौंपी है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जल्द ही भूमि का चिह्नांकन शुरू कराया जाएगा। इसके बाद सभी जरूरी तथ्यों को प्रदर्शित करते हुए रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। यही यूपीडा को भेजी जाएगी।
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रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद
संभल। अतिरिक्त भूमि के इस प्रस्ताव से क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे के पास अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण से औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक हब और सहायक सुविधाओं की स्थापना में आसानी होगी। संवाद
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किसानों की जिंदगी और रहन-सहन में बदलाव
दुनिया की सबसे लंबी इस सड़क परियोजना के निर्माण से संभल, अमरोहा, बदायूं समेत कई जिलों के किसानों की दिनचर्या और रहन-सहन में बड़ा बदलाव आया है। भूमि के दाम बढ़े हैं और रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। अब अतिरिक्त जमीन चिन्हित की जानी है, तो लाजिमी किसानों के झोली में मोटी रकम आएगी। संवाद
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वैश्विक पहचान में कारगर होगा औद्योगिक गलियारा
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे खिरनी मोहिउद्दीनपुर के निकट औद्योगिक गलियारा विकसित किया जा रहा है। इसके पूरा होते ही गंगा एक्सप्रेसवे विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान बनाएगा और निवेशकों को आकर्षित करेगा। साथ ही, हैंडीक्राफ्ट, मेंथा और अब चावल के आयात-निर्यात से सात समुंदर पार तक फैली संभल की वैश्विक पहचान को मजबूती प्रदान करेगा। संवाद
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गंगा एक्सप्रेसवे किनारे राजस्व टीम भूमि चिन्हित करने की कार्रवाई को जल्द पूरी करेगी। इसके बाद रिपोर्ट यूपीडा भेज दी जाएगी।
-धीरेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार, संभल
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यूपीडा ने भूमि और लिए जाने का जो प्रस्ताव दिया है, उसकी प्रक्रिया पूरी कराने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग को सौंपी है। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि जल्द ही भूमि का चिह्नांकन शुरू कराया जाएगा। इसके बाद सभी जरूरी तथ्यों को प्रदर्शित करते हुए रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। यही यूपीडा को भेजी जाएगी।
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रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद
संभल। अतिरिक्त भूमि के इस प्रस्ताव से क्षेत्र में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे के पास अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण से औद्योगिक इकाइयों, लॉजिस्टिक हब और सहायक सुविधाओं की स्थापना में आसानी होगी। संवाद
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गंगा एक्सप्रेसवे किनारे राजस्व टीम भूमि चिन्हित करने की कार्रवाई को जल्द पूरी करेगी। इसके बाद रिपोर्ट यूपीडा भेज दी जाएगी।
-धीरेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार, संभल
