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Sambhal News: रास्ते पर जलभराव, शौचालय महीनों से बंद, कोई सुनवाई नहीं
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जुनावई(संभल)। ब्लाक क्षेत्र के चिरबारा गांव में सामुदायिक शौचालय महीनों से बंद पड़ा है। इसके साथ ही स्कूल के रास्ते में जलभराव होने के कारण पढ़ने वाले बच्चों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। गांव की समस्याओं को लेकर गिरीश चंद्र शर्मा ने अन्य ग्रामीणों के साथ अधिकारियों से समस्याओं के समाधान की मांग की है। बीडीओ ने आदेश भी किए लेकिन सिर्फ औपचारिकता निभाई गई।
अफसरों से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चिरबारा गांव के प्रधान कालीचरण और पूर्व सचिव ने गोशाला के नाम करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की। एडीपीआरओ चेतेंद्र पाल सिंह व दो अन्य अधिकारियों बीते वर्ष जून माह में मौके का निरीक्षण किया गया था। जहां हैंडपंप, भूसे के नाम पर धन राशि का आहरण किया गया था, अधिकारियों को निरीक्षक एवं मौके न तो फेसिंग दिखी और न ही भूसा देखने को मिला। इस पर उच्च अधिकारियों द्वारा प्रधान एवं सचिव को रिकवरी नोटिस देकर धनराशि जमा करने को कहा गया।
इसके अलावा गांव में गंदगी और कीचड़ को लेकर गांव के संयोजक गिरीश चंद्र शर्मा ने अपने साथियों के साथ इसकी शिकायत दो माह पहले बीडीओ अखिलेश कुमार से की थी। इस पर बीडीओ ने भी निरीक्षण किया तो गांव में कीचड़ एवं जलभराव मिला था। इस पर उन्होंने पंचायत सचिव और प्रधान पर नाराजगी जाहिर करते हुए रास्ता ठीक कराने के आदेश दिए थे। इस पर दो चार दिन काम चला फिर बंद हो गया। नतीजा यह कि रास्ते की हालत जस की तस बनी हुई है। स्कूल के रास्ते में जलभराव के कारण स्कूली बच्चों के कपड़ों पर अक्सर कीचड़ लग जाता है और बच्चे इसमें गिर जाते हैं।
वर्जन
ब्लॉक क्षेत्र के चिरबारा गांव में स्कूल के पास रास्ते पर जलभराव की समस्या के समाधान के आदेश दिए गए थे, लेकिन उचित व्यवस्था न किए जाने के कारण पानी फिर से भर गया है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी निकास के लिए ग्राम प्रधान एवं सचिव को आदेश दिए गए हैं। सामुदायिक शौचालय की मरम्मत कार्य चलने के कारण बंद पड़ा है।
-अखिलेश कुमार, बीडीओ।
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गांव के भूरे खां ने बताया स्कूल वाले रास्ते में जल भराव होने से बच्चों को गंदे कीचड़युक्त पानी से गुजरना पड़ता है। इसे जल्द ठीक कराया जाए।
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रमेश चंद्र ने कहा कि स्कूल के रास्ते में जल भराव होने के कारण कई बार ग्राम प्रधान से समस्या समाधान को कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
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गांव के ही रहने वाले राजू ने बताया स्कूल के रास्ते में जल भराव होने के कारण स्कूल को आने-जाने वाले बच्चे अक्सर कीचड़ में गिर जाते हैं।
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वीरेश ने कहा कि रास्ते में जलभराव से मोहल्ले के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे गांव में संक्रामक रोग फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है।
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अफसरों से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि चिरबारा गांव के प्रधान कालीचरण और पूर्व सचिव ने गोशाला के नाम करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की। एडीपीआरओ चेतेंद्र पाल सिंह व दो अन्य अधिकारियों बीते वर्ष जून माह में मौके का निरीक्षण किया गया था। जहां हैंडपंप, भूसे के नाम पर धन राशि का आहरण किया गया था, अधिकारियों को निरीक्षक एवं मौके न तो फेसिंग दिखी और न ही भूसा देखने को मिला। इस पर उच्च अधिकारियों द्वारा प्रधान एवं सचिव को रिकवरी नोटिस देकर धनराशि जमा करने को कहा गया।
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इसके अलावा गांव में गंदगी और कीचड़ को लेकर गांव के संयोजक गिरीश चंद्र शर्मा ने अपने साथियों के साथ इसकी शिकायत दो माह पहले बीडीओ अखिलेश कुमार से की थी। इस पर बीडीओ ने भी निरीक्षण किया तो गांव में कीचड़ एवं जलभराव मिला था। इस पर उन्होंने पंचायत सचिव और प्रधान पर नाराजगी जाहिर करते हुए रास्ता ठीक कराने के आदेश दिए थे। इस पर दो चार दिन काम चला फिर बंद हो गया। नतीजा यह कि रास्ते की हालत जस की तस बनी हुई है। स्कूल के रास्ते में जलभराव के कारण स्कूली बच्चों के कपड़ों पर अक्सर कीचड़ लग जाता है और बच्चे इसमें गिर जाते हैं।
वर्जन
ब्लॉक क्षेत्र के चिरबारा गांव में स्कूल के पास रास्ते पर जलभराव की समस्या के समाधान के आदेश दिए गए थे, लेकिन उचित व्यवस्था न किए जाने के कारण पानी फिर से भर गया है। जिससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पानी निकास के लिए ग्राम प्रधान एवं सचिव को आदेश दिए गए हैं। सामुदायिक शौचालय की मरम्मत कार्य चलने के कारण बंद पड़ा है।
-अखिलेश कुमार, बीडीओ।
गांव के भूरे खां ने बताया स्कूल वाले रास्ते में जल भराव होने से बच्चों को गंदे कीचड़युक्त पानी से गुजरना पड़ता है। इसे जल्द ठीक कराया जाए।
रमेश चंद्र ने कहा कि स्कूल के रास्ते में जल भराव होने के कारण कई बार ग्राम प्रधान से समस्या समाधान को कहा गया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
गांव के ही रहने वाले राजू ने बताया स्कूल के रास्ते में जल भराव होने के कारण स्कूल को आने-जाने वाले बच्चे अक्सर कीचड़ में गिर जाते हैं।
वीरेश ने कहा कि रास्ते में जलभराव से मोहल्ले के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। इससे गांव में संक्रामक रोग फैलने का भी खतरा पैदा हो गया है।
