रसमलाई ने मचाई खलबली: शादी में खाना खाने से दूल्हा समेत 150 से अधिक लोगों बीमार, रातभर गांव मची रही अफरा-तफरी
जुगेंद्र यादव ने बताया कि उनकी बेटी की बरात गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर से आई थी।रात 11 बजे बरात चढ़ते समय दूल्हे को उल्टी आने लगी। देखते-देखते एक-एक कर बराती और घरातियों की भी तबीयत खराब होने लगी। एक साथ सभी की तबीयत खराब होने से गांव में अफरा-तफरी मच गई।
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यूपी के संभल स्थित पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव मिलक साकिन शोभापुर में सोमवार की रात बरात में खाना खाने से दूल्हे सहित करीब 150 से अधिक लोगों की हालत बिगड़ गई। उल्टी दस्त होने पर लोगों ने आसपास के गांव में उपचार कराया। पीड़ितों के अनुसार ज्यादातर लोगों की हालत रसगुल्ला, रसमलाई खाने से बिगड़ी थी। इसको लेकर गांव में अफरातफरी मची रही।
रात 11 बजे बिगड़ी दूल्हे की तबीयत
गांव मिलक साकिन शोभापुर निवासी जुगेंद्र यादव ने बताया कि उनकी बेटी की बरात गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर से आई थी। इसमें करीब डेढ़ सौ बराती और परिवार के लोग शादी समारोह में शामिल हुए थे। बराती व घरातियों ने नाश्ते के बाद खाना खाया। करीब 11 बजे दूल्हा मुलायम सिंह और उनके पिता मौकम सिंह यादव की हालत बिगड़ने लगी। इसके कुछ देर बाद ही अन्य लोगों को भी फूड प्वाइजनिंग होने लगी।
झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक पर कराये गए भर्ती
हालत बिगड़ने पर गांव और आसपास के गांवों में झोलाछाप डॉक्टरों के क्लीनिक पर उपचार के लिए भर्ती कराया गया। गुन्नौर थाना क्षेत्र के गांव फत्तेहपुर निवासी मौकम सिंह यादव ने बताया कि वह अपने बेटे मुलायम सिंह की बरात लेकर सोमवार की शाम गांव पहुंचे आए थे। सभी ने नाश्ता करने के बाद खाना खाया था। बरातियों ने बताया कि लौकी की लौंज खाते समय उसका स्वाद ठीक नहीं था। यहां ज्यादातर सभी ने लौंज और रसमलाई खाई थी।
गांव में मची रही अफरा-तफरी
रात 11 बजे बरात चढ़ते समय दूल्हे को उल्टी आने लगी। देखते-देखते एक-एक कर बराती और घरातियों की भी तबीयत खराब होने लगी। एक साथ सभी की तबीयत खराब होने से गांव में अफरा-तफरी मच गई। बीमार लोगों का नजदीकी गांव ठाठी चंदनकटी, मौजा करीमपुर, घेर धुरैटा, पवांसा और सैमला में भी उपचार कराया गया। जहां कुछ लोगों को उपचार के बाद आराम मिलने पर दवा देकर वापस भेज दिया गया। कुछ की गंभीर हालत होने पर भर्ती कर ड्रिप लगाकर उपचार किया जा रहा है। अपने वाहन से आए कुछ बराती तबीयत खराब होने पर रात में ही अपने गांव चले गए।
भात भरने गए 35 लोग भी हुए फूड प्वाइजनिंग के शिकार
गांव करीमपुर घेर निवासी पोप सिंह यादव ने बताया कि सोमवार की शाम को ट्रैक्टर ट्रॉली से भात भरने की रस्म पूरी करने के लिए गांव मिलक साकिन शोभापुर में बहन के गांव गए थे, जिसमें महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग सहित करीब 35 से अधिक लोग शामिल हुए थे। नाश्ते के बाद खाना खाने से सभी की हालत बिगड़ गई। देर रात को ही महिलाओं और बच्चों को गांव लाकर गांव के ही डॉक्टर के यहां भर्ती कराकर उपचार कराया है।

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