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Sambhal News: ई-रजिस्ट्री के विरोध में हड़ताल शुरू, प्रदर्शन किया
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संभल। संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में ई-रजिस्ट्री और फ्रंट ऑफिस व्यवस्था के विरोध में सदर तहसील के अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टाम्प वेंडर्स और टाइपिस्ट ने सोमवार से हड़ताल शुरू कर दी। बड़ी संख्या में उप निबंधक कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शन करके सरकार पर उनके हितों की अनदेखी और मनमानी के आरोप लगाए। साथ ही, इस तरह के आदेश को वापस लेने की मांग उठाई।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता और कार्यवाहक सचिव रामकिशन सिंह ने बताया कि शासन ने 4 जून, 2026 को जो ई-रजिस्ट्री व्यवस्था प्रस्तावित की है, वह अव्यवहारिक है और इससे जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ है। नई व्यवस्था लागू करने के बजाय मौजूदा प्रणाली को बेहतर बनाया जाना चाहिए।
बताया कि दस्तावेज लेखन अत्यंत तकनीकी एवं अनुभव आधारित कार्य है, जिसे किसी निजी संस्था के माध्यम से प्रभावी ढंग से नहीं कराया जा सकता। साथ ही, दस्तावेज लेखन का कार्य वर्षों के अनुभव और विधिक समझ पर आधारित है। कई लोग पिछले 40 से 50 वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं। इसलिए किसी निजी संस्था को इसका विकल्प नहीं माना जा सकता। यदि यह कार्य निजी हाथों में सौंपा गया तो त्रुटियों और विवादों की संभावना बढ़ जाएगी।
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साथ ही, रजिस्ट्री कार्य से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक हजार से भी ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं, यदि यह कार्य निजी संस्था को सौंपा गया तो हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा और उनके परिवार के सामने संकट की स्थिति होगी।
इस दौरान राजीव कुमार भटनागर, प्रमेंद्र सिंह, शकील अहमद, सरफराज हुसैन, रविकुमार, अरविंद सिंह, रामपाल सिंह, गुरुदत्त गुप्ता, भूपेश कुमार, विनेश कुमार, सचिन चौहान, नरेंद्र कुमार, रामरईस यादव आदि रहे।
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इस तरह आंदोलन में शामिल होंगे अधिवक्ता
संभल बार एसोसिएशन - 9 बजे 11 बजे तक।
डिस्ट्रिक सीनियर बार एसोसिएशन एंड लाईब्रेरी- 11-12 बजे।
जिला सीनियर बार एसोसिएशन- 12 से 1 बजे।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन, बहजोई- 1 से 2 बजे।
जिला बार एसोसिएशन- 2 से 3 बजे।
सिविल बार एसोसिएशन- 3 से 4 बजे।
डिस्ट्रिक सिविल बार एसोसिएशन- 4 से 5 बजे।
कातिब संघ-4 से 5 बजे।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संभल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता और कार्यवाहक सचिव रामकिशन सिंह ने बताया कि शासन ने 4 जून, 2026 को जो ई-रजिस्ट्री व्यवस्था प्रस्तावित की है, वह अव्यवहारिक है और इससे जुड़े लोगों के हितों के खिलाफ है। नई व्यवस्था लागू करने के बजाय मौजूदा प्रणाली को बेहतर बनाया जाना चाहिए।
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बताया कि दस्तावेज लेखन अत्यंत तकनीकी एवं अनुभव आधारित कार्य है, जिसे किसी निजी संस्था के माध्यम से प्रभावी ढंग से नहीं कराया जा सकता। साथ ही, दस्तावेज लेखन का कार्य वर्षों के अनुभव और विधिक समझ पर आधारित है। कई लोग पिछले 40 से 50 वर्षों से यह कार्य कर रहे हैं। इसलिए किसी निजी संस्था को इसका विकल्प नहीं माना जा सकता। यदि यह कार्य निजी हाथों में सौंपा गया तो त्रुटियों और विवादों की संभावना बढ़ जाएगी।
साथ ही, रजिस्ट्री कार्य से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग एक हजार से भी ज्यादा लोग जुड़े हुए हैं, यदि यह कार्य निजी संस्था को सौंपा गया तो हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा और उनके परिवार के सामने संकट की स्थिति होगी।
इस दौरान राजीव कुमार भटनागर, प्रमेंद्र सिंह, शकील अहमद, सरफराज हुसैन, रविकुमार, अरविंद सिंह, रामपाल सिंह, गुरुदत्त गुप्ता, भूपेश कुमार, विनेश कुमार, सचिन चौहान, नरेंद्र कुमार, रामरईस यादव आदि रहे।
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इस तरह आंदोलन में शामिल होंगे अधिवक्ता
संभल बार एसोसिएशन - 9 बजे 11 बजे तक।
डिस्ट्रिक सीनियर बार एसोसिएशन एंड लाईब्रेरी- 11-12 बजे।
जिला सीनियर बार एसोसिएशन- 12 से 1 बजे।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन, बहजोई- 1 से 2 बजे।
जिला बार एसोसिएशन- 2 से 3 बजे।
सिविल बार एसोसिएशन- 3 से 4 बजे।
डिस्ट्रिक सिविल बार एसोसिएशन- 4 से 5 बजे।
कातिब संघ-4 से 5 बजे।