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Sambhal News: जर्जर था छज्जा, सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ हादसा
Mon, 17 Aug 2026 01:51 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 17 Aug 2026 01:51 AM IST
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संभल। असमोली थाना क्षेत्र के गांव मदाला फत्तेहपुर में सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर हादसा हुआ था। इसकी गवाही स्कूल के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे दे रहे हैं। इसका वीडियो रविवार को सामने आया। जिसमें तीन बच्चे गिरते हुए दिख रहे हैं। इसमें एक आठ वर्षीय बालक की मौत हो गई और दो बालकों का उपचार चल रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद यह भी स्पष्ट हो गया कि छज्जा जर्जर हालत में था।
कई बच्चे स्कूल की छत पर खड़े हुए दिख रहे हैं। गनीमत रही कि दूसरे बच्चे इस छज्जे पर नहीं पहुंचे। इससे और बड़ा हादसा हो सकता था। 19 वर्ष पहले यह स्कूल बीटीयू पब्लिक स्कूल के नाम से संचालित होता था। कुछ साल पहले इसका नाम अल हसनैन पब्लिक स्कूल कर मान्यता कराई गई। इस स्कूल में आठ कमरे हैं और स्कूल प्रबंधन का दावा है कि कक्षा पांच तक स्कूल संचालित किया जाता है। इसमें 400 बच्चे पंजीकृत हैं। हालांकि स्कूल प्रबंधन के इस दावे की जांच की जानी है। जिसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
कक्षा पांच तक की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इसका दावा स्कूल प्रबंधन की ओर से किया गया है। क्योंकि पांचवीं तक ही मान्यता मिली हुई है। हालांकि गांव में चर्चा है कि कक्षा आठ तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। इस चर्चा की जांच समिति करेगी। जिसका गठन रविवार तक नहीं किया गया है। सोमवार को यह समिति गठित हो जाएगी और उसके बाद जांच होगी। इस हादसे के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। प्राथमिक जांच पड़ताल में अधिकारियों ने माना कि इस स्कूल में मानक पूरे नहीं है। अब सवाल उठता है कि जब मानक पूरे नहीं है तो मान्यता किस आधार पर दी गई। साल दर साल होने वाले निरीक्षण के दौरान यह मानक क्यों पकड़े नहीं गए। ऐसे में जिम्मेदारों पर सवाल उठने लगा है। जिलाधिकारी का कहना है कि इसकी विस्तृत जांच कराएंगे। जिम्मेदारी भी तय करेंगे। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
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कई बच्चे स्कूल की छत पर खड़े हुए दिख रहे हैं। गनीमत रही कि दूसरे बच्चे इस छज्जे पर नहीं पहुंचे। इससे और बड़ा हादसा हो सकता था। 19 वर्ष पहले यह स्कूल बीटीयू पब्लिक स्कूल के नाम से संचालित होता था। कुछ साल पहले इसका नाम अल हसनैन पब्लिक स्कूल कर मान्यता कराई गई। इस स्कूल में आठ कमरे हैं और स्कूल प्रबंधन का दावा है कि कक्षा पांच तक स्कूल संचालित किया जाता है। इसमें 400 बच्चे पंजीकृत हैं। हालांकि स्कूल प्रबंधन के इस दावे की जांच की जानी है। जिसके आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
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कक्षा पांच तक की कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इसका दावा स्कूल प्रबंधन की ओर से किया गया है। क्योंकि पांचवीं तक ही मान्यता मिली हुई है। हालांकि गांव में चर्चा है कि कक्षा आठ तक की कक्षाएं संचालित होती हैं। इस चर्चा की जांच समिति करेगी। जिसका गठन रविवार तक नहीं किया गया है। सोमवार को यह समिति गठित हो जाएगी और उसके बाद जांच होगी। इस हादसे के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के साथ अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। प्राथमिक जांच पड़ताल में अधिकारियों ने माना कि इस स्कूल में मानक पूरे नहीं है। अब सवाल उठता है कि जब मानक पूरे नहीं है तो मान्यता किस आधार पर दी गई। साल दर साल होने वाले निरीक्षण के दौरान यह मानक क्यों पकड़े नहीं गए। ऐसे में जिम्मेदारों पर सवाल उठने लगा है। जिलाधिकारी का कहना है कि इसकी विस्तृत जांच कराएंगे। जिम्मेदारी भी तय करेंगे। पीड़ित परिवार की हर संभव मदद की जाएगी।
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