{"_id":"697fbf49791a93374007612c","slug":"the-people-of-sambhal-did-not-get-the-railway-line-in-the-budget-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-131790-2026-02-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: संभल के लोगों को बजट में नहीं मिली रेलवे लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: संभल के लोगों को बजट में नहीं मिली रेलवे लाइन
विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण के द्वारा आम बजट पेश किया गया। इसमें एक बार फिर संभल के लोगों की रेल लाइन विस्तारीकरण की मांग धराशायी हो गई है। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार संभल-गजरौला रेलवे लाइन के लिए जो पोस्ट कार्ड अभियान, धरना-प्रदर्शन और विभिन्न माध्यमों से मांग की गई, सरकार इसका संज्ञान लेगी और मांग को पूरी करेगी। लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी। विभिन्न संगठनों के लोगों का कहना है कि आगे रणनीति बनाकर रेलवे लाइन के लिए संघर्ष किया जाएगा।
बता दें लंबे समय से संभल-गजरौला रेलवे लाइन विस्तारीकरण की मांग संभल के लोग कर रहे हैं। जिला संघर्ष समिति की ओर से बड़ा संघर्ष किया गया है। केंद्र सरकार तक अपनी मांग हर माध्यम से पहुंचाई जा चुकी है। इसके बाद भी दशकों पहले उठी मांग को सुना नहीं गया है। दरअसल संभल में हस्तशिल्प और मेंथा का बड़ा कारोबार होता है। दिल्ली और एनसीआर की आवाजाही लगी रहती है। संभल से दिल्ली के लिए रोडवेज बस सेवा भी सीधी नहीं है। मालवाहक वाहनों से ही माल को लाया और ले जाया जाता है। संभल रेलवे लाइन का विस्तारीकरण यदि हो जाए तो आम लोगों के साथ कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
000
मायूस हुए लोगों क्या बोले-
संभल-गजरौला रेल लाइन के लिए इस बार भी बजट न मिलना निराशाजनक है। वर्तमान परिस्थितियों के लिहाज से सरकार को बजट देना चाहिए था। लेकिन हार नहीं मानेंगे। इस बार चरणबद्ध तरीके से इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
रविराज चाहल, गांव गैलुआ।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और उदासीनता के कारण सरकार का इस बार भी संभल-गजरौला रेल लाइन पर अपेक्षित ध्यान नहीं जा सका। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को अनदेखा करना स्वीकार्य नहीं है। परिषद इस मांग को लेकर अपना संघर्ष तब तक जारी रखेगी, जब तक कि संभल-गजरौला रेलवे लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो जाती।
केके मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भष्ट्राचार दमन परिषद, संभल।
रेल लाइन के लिए जितना हो सका, जतन किया, बावजूद इसके बजट न मिलना अत्यंत दुखद है। वह मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। क्योंकि यह मांग जनहित की है। सरकार को बजट देना ही होगा।
डॉ.नाजिम, संभल।
ऐतिहासिक दृष्टि के साथ-साथ वर्तमान में संभल का जो परिदृश्य बदला है, उसके लिहाज से रेलवे लाइन जरुरी हो गई है। बजट न देना निराशाजनक है। बजट मिलना चाहिए था।
मुशीर खां तरीन, संभल।
Trending Videos
बता दें लंबे समय से संभल-गजरौला रेलवे लाइन विस्तारीकरण की मांग संभल के लोग कर रहे हैं। जिला संघर्ष समिति की ओर से बड़ा संघर्ष किया गया है। केंद्र सरकार तक अपनी मांग हर माध्यम से पहुंचाई जा चुकी है। इसके बाद भी दशकों पहले उठी मांग को सुना नहीं गया है। दरअसल संभल में हस्तशिल्प और मेंथा का बड़ा कारोबार होता है। दिल्ली और एनसीआर की आवाजाही लगी रहती है। संभल से दिल्ली के लिए रोडवेज बस सेवा भी सीधी नहीं है। मालवाहक वाहनों से ही माल को लाया और ले जाया जाता है। संभल रेलवे लाइन का विस्तारीकरण यदि हो जाए तो आम लोगों के साथ कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
000
मायूस हुए लोगों क्या बोले-
संभल-गजरौला रेल लाइन के लिए इस बार भी बजट न मिलना निराशाजनक है। वर्तमान परिस्थितियों के लिहाज से सरकार को बजट देना चाहिए था। लेकिन हार नहीं मानेंगे। इस बार चरणबद्ध तरीके से इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
रविराज चाहल, गांव गैलुआ।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जनप्रतिनिधियों की चुप्पी और उदासीनता के कारण सरकार का इस बार भी संभल-गजरौला रेल लाइन पर अपेक्षित ध्यान नहीं जा सका। इस महत्वपूर्ण मुद्दे को अनदेखा करना स्वीकार्य नहीं है। परिषद इस मांग को लेकर अपना संघर्ष तब तक जारी रखेगी, जब तक कि संभल-गजरौला रेलवे लाइन के दोहरीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो जाती।
केके मिश्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भष्ट्राचार दमन परिषद, संभल।
रेल लाइन के लिए जितना हो सका, जतन किया, बावजूद इसके बजट न मिलना अत्यंत दुखद है। वह मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे। क्योंकि यह मांग जनहित की है। सरकार को बजट देना ही होगा।
डॉ.नाजिम, संभल।
ऐतिहासिक दृष्टि के साथ-साथ वर्तमान में संभल का जो परिदृश्य बदला है, उसके लिहाज से रेलवे लाइन जरुरी हो गई है। बजट न देना निराशाजनक है। बजट मिलना चाहिए था।
मुशीर खां तरीन, संभल।
