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Sambhal News: जल निगम की झोली खाली...ग्रामीण उठा रहे मुसीबतों का बोझ
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सरायतरीन/रजपुरा। पवांसा और रजपुरा ब्लॉक के कई गांवों में टूटी सड़कों के चलते ग्रामीण दुश्वारियों का सामना कर रहे हैं। जल निगम विभाग ने पाइपलाइन बिछाने के लिए इन सड़कों की खोदाई कराई थी। पाइपलाइन बिछाने के बाद मरम्मत नहीं कराई है। विभाग का दावा है कि बजट का अभाव है और कई गांवों में पाइपलाइन टेस्टिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसलिए मरम्मत नहीं कराई गई है। जहां पाइपलाइन की टेस्टिंग हो गई है वहां मरम्मत कराई दी गई है।
दरअसल परियोजना का समय भी बढ़ गया है। अब वर्ष 2028 तक इस परियोजना को पूरा करना है।
पवांसा ब्लॉक के गांव पवांसा में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था। ओवरहेड टैंक का निर्माण हो चुका है। पाइपलाइन की टेस्टिंग भी की जा चुकी है लेकिन अब करीब दो वर्ष से सबमर्सिबल पंप खराब पड़ा है। इसके बाद कार्य आगे नहीं बढ़ा। गांव धुरैटा में दो धार्मिक स्थल को जाने वाले रास्ते पर भी पाइपलाइन के लिए सड़क खोदी गई थी। उसकी भी मरम्मत नहीं हुई है। गांव मल्लाह मुस्तफाबाद में परियोजना अधूरी है। गांव करीमपुर में भी यही स्थिति है। इस गांव में विभाग ने कनेक्शन तो दे दिए लेकिन टंकी में पानी नहीं पहुंचा। वहीं, दूसरी ओर रजपुरा ब्लॉक के गांव सिहावली और जहानपुर में भी टूटी सड़कों से दिक्कत उठानी पड़ रही है।
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ग्रामीण बोले-
गांव की सड़क को टूटे हुए लंबा समय हो गया। काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी के कनेक्शन के लिए ग्रामीणों से आधार कार्ड की काॅपी भी ले ली है लेकिन परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
श्रीनिवास, गांव मल्लाह मुस्तफाबाद
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हमारे गांव में पानी की गुणवत्ता बेहतर नहीं है। इस परियोजना के शुरू होने पर उम्मीद जगी थी कि जल्द ही स्वच्छ पानी मिल सकेगा लेकिन अब तक पानी नहीं मिला और सड़क टूट गई। जिसकी मरम्मत तक नहीं हुई है।
रामकिशोर, गांव करीमपुर
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दो वर्ष पहले सबमर्सिबल पंप खराब हुआ था लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है। टूटी सड़क से दिक्कत और झेलनी पड़ती है। विभाग ने जो कार्य अब तक कराया है वह भी धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है।
त्रिभुवन सिंह, गांव पवांसा
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हमारे गांव में पानी दूषित है। जल जीवन मिशन परियोजना से उम्मीद थी कि यह जल्द पूरी हो जाएगी और स्वच्छ पानी मिल सकेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। सड़क अलग तोड़ दी गई हैं।
सरोज, गांव सिहावली
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जलनिगम पानी की आपूर्ति नहीं करा पा रहा है तो टूटी सड़कों की ही मरम्मत कर दे। दिक्कत से गुजरना पड़ता है। जब पाइपलाइन बिछाई तो शुरू भी करनी चाहिए थी।
विकास, गांव जहानपुर
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परियोजना का समय वर्ष 2028 तक हो गया है। जिन गांवों में पाइपलाइन की टेस्टिंग कर दी गई है वहां सड़कों की भी मरम्मत हो चुकी है। जहां टेस्टिंग नहीं हुई है वहां सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। इस समय विभाग के पास बजट भी नहीं है। बजट मिलने पर कार्य को तेजी से कराया जाएगा।
चंद्रहास, एक्सईएन, जलनिगम, संभल
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दरअसल परियोजना का समय भी बढ़ गया है। अब वर्ष 2028 तक इस परियोजना को पूरा करना है।
पवांसा ब्लॉक के गांव पवांसा में पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया था। ओवरहेड टैंक का निर्माण हो चुका है। पाइपलाइन की टेस्टिंग भी की जा चुकी है लेकिन अब करीब दो वर्ष से सबमर्सिबल पंप खराब पड़ा है। इसके बाद कार्य आगे नहीं बढ़ा। गांव धुरैटा में दो धार्मिक स्थल को जाने वाले रास्ते पर भी पाइपलाइन के लिए सड़क खोदी गई थी। उसकी भी मरम्मत नहीं हुई है। गांव मल्लाह मुस्तफाबाद में परियोजना अधूरी है। गांव करीमपुर में भी यही स्थिति है। इस गांव में विभाग ने कनेक्शन तो दे दिए लेकिन टंकी में पानी नहीं पहुंचा। वहीं, दूसरी ओर रजपुरा ब्लॉक के गांव सिहावली और जहानपुर में भी टूटी सड़कों से दिक्कत उठानी पड़ रही है।
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ग्रामीण बोले-
गांव की सड़क को टूटे हुए लंबा समय हो गया। काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पानी के कनेक्शन के लिए ग्रामीणों से आधार कार्ड की काॅपी भी ले ली है लेकिन परियोजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
श्रीनिवास, गांव मल्लाह मुस्तफाबाद
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हमारे गांव में पानी की गुणवत्ता बेहतर नहीं है। इस परियोजना के शुरू होने पर उम्मीद जगी थी कि जल्द ही स्वच्छ पानी मिल सकेगा लेकिन अब तक पानी नहीं मिला और सड़क टूट गई। जिसकी मरम्मत तक नहीं हुई है।
रामकिशोर, गांव करीमपुर
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दो वर्ष पहले सबमर्सिबल पंप खराब हुआ था लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं हुई है। टूटी सड़क से दिक्कत और झेलनी पड़ती है। विभाग ने जो कार्य अब तक कराया है वह भी धीरे-धीरे जर्जर होता जा रहा है।
त्रिभुवन सिंह, गांव पवांसा
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हमारे गांव में पानी दूषित है। जल जीवन मिशन परियोजना से उम्मीद थी कि यह जल्द पूरी हो जाएगी और स्वच्छ पानी मिल सकेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। सड़क अलग तोड़ दी गई हैं।
सरोज, गांव सिहावली
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जलनिगम पानी की आपूर्ति नहीं करा पा रहा है तो टूटी सड़कों की ही मरम्मत कर दे। दिक्कत से गुजरना पड़ता है। जब पाइपलाइन बिछाई तो शुरू भी करनी चाहिए थी।
विकास, गांव जहानपुर
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परियोजना का समय वर्ष 2028 तक हो गया है। जिन गांवों में पाइपलाइन की टेस्टिंग कर दी गई है वहां सड़कों की भी मरम्मत हो चुकी है। जहां टेस्टिंग नहीं हुई है वहां सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। इस समय विभाग के पास बजट भी नहीं है। बजट मिलने पर कार्य को तेजी से कराया जाएगा।
चंद्रहास, एक्सईएन, जलनिगम, संभल