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Sant Kabir Nagar News: दो महीने में राजस्व विभाग से संबंधित 199 मामले हुए पेश
Sat, 01 Aug 2026 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:46 PM IST
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धनघटा। संपूर्ण समाधान दिवस में दो महीने के दौरान राजस्व विभाग से संबंधित 199 मामले पेश हुए। जिसमें सभी का निस्तारण कागज में कर दिया जा रहा है। जबकि धरातल पर यह है कि लोग चार-चार बार प्रार्थना पत्र देते चले आ रहे हैं।
शनिवार को धनघटा तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 44 मामले पेश हुए। जिसमें 10 मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। इसी तरह 6 जून को 48 मामले, 20 जून को 50 मामले, 6 जुलाई को 51 मामले पेश हुए। जिसमें कागज में अधिकतर मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और है।
शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने आए गायघाट गांव के रहने वाले राम लौट ने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए छह बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूं, लेकिन जमीन की पैमाइश आज तक नहीं की गई।
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रामपुर के रहने वाले सीताराम का कहना था कि जमीन संबंधी मामले को लेकर चार बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। कागज में मामले का निस्तारण भी कर दिया गया, जबकि धरातल पर मामला ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है। छितौनी गांव निवासी रामाश्रय ने बताया कि तीन बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी जमीन की पैमाइश नहीं की गई।
इस तरह राजस्व विभाग से संबंधित सर्वाधिक मामले संपूर्ण समाधान दिवस में पेश हो रहे हैं और जिम्मेदार कागज में निस्तारण करके अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ले रहे हैं।
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शनिवार को धनघटा तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 44 मामले पेश हुए। जिसमें 10 मामलों का मौके पर निस्तारण कर दिया गया। इसी तरह 6 जून को 48 मामले, 20 जून को 50 मामले, 6 जुलाई को 51 मामले पेश हुए। जिसमें कागज में अधिकतर मामलों का निस्तारण कर दिया गया है। जबकि धरातल पर सच्चाई कुछ और है।
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शनिवार को संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने आए गायघाट गांव के रहने वाले राम लौट ने बताया कि जमीन की पैमाइश के लिए छह बार प्रार्थना पत्र दे चुका हूं, लेकिन जमीन की पैमाइश आज तक नहीं की गई।
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रामपुर के रहने वाले सीताराम का कहना था कि जमीन संबंधी मामले को लेकर चार बार प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। कागज में मामले का निस्तारण भी कर दिया गया, जबकि धरातल पर मामला ज्यों का त्यों पड़ा हुआ है। छितौनी गांव निवासी रामाश्रय ने बताया कि तीन बार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी जमीन की पैमाइश नहीं की गई।
इस तरह राजस्व विभाग से संबंधित सर्वाधिक मामले संपूर्ण समाधान दिवस में पेश हो रहे हैं और जिम्मेदार कागज में निस्तारण करके अपनी जिम्मेदारी की इतिश्री कर ले रहे हैं।