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Sant Kabir Nagar News: प्रभावी शिक्षण की रणनीतियों पर शिक्षकों को किया गया दक्ष
Sun, 02 Aug 2026 12:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:16 AM IST
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सेमरियावां। बुनियादी भाषा एवं संख्या ज्ञान को सुदृढ़ बनाने और प्रत्येक विद्यालय को निपुण विद्यालय के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ब्लॉक संसाधन केंद्र सेमरियावां पर आयोजित पांच दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण शनिवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण के प्रथम बैच में ब्लॉक के 100 शिक्षक एवं शिक्षामित्र शामिल हुए। समापन अवसर पर प्रतिभागियों ने निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने का संकल्प लिया।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण-अधिगम की 10 प्रमुख प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षकों ने पूर्व ज्ञान से जोड़कर शिक्षण, बच्चों की सक्रिय सहभागिता एवं सार्थक संवाद, पठन-लेखन कौशल का विकास, सतत मूल्यांकन, रचनात्मक प्रतिपुष्टि, उच्च अपेक्षाओं के साथ सीखने का वातावरण तैयार करने तथा बच्चों की सोचने की प्रक्रिया को समझते हुए जिम्मेदारी के क्रमिक हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ब्लॉक संदर्भदाता गणेश प्रसाद चौरसिया, केएन. पांडेय, संतोष कुमार त्रिपाठी, जफीर अली एवं सूचित कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सक्रिय सहभागिता, सार्थक संवाद, सतत आंकलन और सहयोगात्मक समर्थन ही प्रभावी शिक्षण की वास्तविक कुंजी है।
उन्होंने भाषा और गणित की कक्षागत गतिविधियों को अधिक रोचक एवं बाल-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में बच्चों को पर्याप्त अभ्यास के अवसर उपलब्ध कराने, घर की भाषा का उपयोग, उपचारात्मक शिक्षण, गणित को बच्चों के दैनिक जीवन एवं पूर्व ज्ञान से जोड़ने तथा गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्टेट रिसोर्स पर्सन संजय द्विवेदी ने समग्र प्रगति पत्र, भाषा एवं गणित के उपचारात्मक शिक्षण तथा वार्षिक शिक्षण रूपरेखा के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
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समापन सत्र में खंड शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब शिक्षक कक्षा में सीखी गई शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं का नियमित एवं प्रभावी अनुपालन करेंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रत्येक बच्चे को बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का द्वितीय बैच 5 अगस्त से प्रारंभ होगा, जिसमें ब्लॉक के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान संतोष कुमार मिश्र, पंकज कुशवाहा, असलम हाशमी, शैलेंद्र कुमार गुप्ता, प्रतिमा कुमारी, आरिफा खातून, नुजहत बतूल, सर्वेश प्रताप नागवंशी, दूधनाथ यादव मौजूद रहे।
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प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को प्रभावी शिक्षण-अधिगम की 10 प्रमुख प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षकों ने पूर्व ज्ञान से जोड़कर शिक्षण, बच्चों की सक्रिय सहभागिता एवं सार्थक संवाद, पठन-लेखन कौशल का विकास, सतत मूल्यांकन, रचनात्मक प्रतिपुष्टि, उच्च अपेक्षाओं के साथ सीखने का वातावरण तैयार करने तथा बच्चों की सोचने की प्रक्रिया को समझते हुए जिम्मेदारी के क्रमिक हस्तांतरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। ब्लॉक संदर्भदाता गणेश प्रसाद चौरसिया, केएन. पांडेय, संतोष कुमार त्रिपाठी, जफीर अली एवं सूचित कुमार त्रिपाठी ने कहा कि सक्रिय सहभागिता, सार्थक संवाद, सतत आंकलन और सहयोगात्मक समर्थन ही प्रभावी शिक्षण की वास्तविक कुंजी है।
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उन्होंने भाषा और गणित की कक्षागत गतिविधियों को अधिक रोचक एवं बाल-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। प्रशिक्षण में बच्चों को पर्याप्त अभ्यास के अवसर उपलब्ध कराने, घर की भाषा का उपयोग, उपचारात्मक शिक्षण, गणित को बच्चों के दैनिक जीवन एवं पूर्व ज्ञान से जोड़ने तथा गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। स्टेट रिसोर्स पर्सन संजय द्विवेदी ने समग्र प्रगति पत्र, भाषा एवं गणित के उपचारात्मक शिक्षण तथा वार्षिक शिक्षण रूपरेखा के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी।
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समापन सत्र में खंड शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने कहा कि प्रशिक्षण तभी सार्थक होगा जब शिक्षक कक्षा में सीखी गई शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं का नियमित एवं प्रभावी अनुपालन करेंगे। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से प्रत्येक बच्चे को बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं से जोड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का द्वितीय बैच 5 अगस्त से प्रारंभ होगा, जिसमें ब्लॉक के अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस दौरान संतोष कुमार मिश्र, पंकज कुशवाहा, असलम हाशमी, शैलेंद्र कुमार गुप्ता, प्रतिमा कुमारी, आरिफा खातून, नुजहत बतूल, सर्वेश प्रताप नागवंशी, दूधनाथ यादव मौजूद रहे।