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Sant Kabir Nagar News: परिषदीय विद्यालयों के सभी कक्षाओं में नई किताबों से होगी पढ़ाई
Sun, 02 Aug 2026 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:14 AM IST
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संतकबीरनगर/मेंहदावल। परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2027-28 से कक्षा पांच से आठ तक उत्तर प्रदेश की पुरानी पुस्तकों की जगह एनसीईआरटी की नई किताबों से पढ़ाई होगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी विद्यालयों को 30 सितंबर तक विद्यार्थियों के सत्यापित नामांकन का विवरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसी आधार पर जिले के लिए पुस्तकों की मांग शासन को भेजी जाएगी।
नई शिक्षा व्यवस्था में पहली बार कक्षा पांच से ही बच्चों को कौशल बोध के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों, तकनीकी कौशल, उद्यमिता और जीवनोपयोगी दक्षताओं की जानकारी दी जाएगी। शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को कौशल की बुनियादी समझ विकसित कराई जाएगी, जबकि आगे चलकर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
एनसीईआरटी की नई पुस्तकों के नाम भी बच्चों में उत्सुकता जगा रहे हैं। कक्षा पांच में वीणा, बांसुरी, गणित मेला, खेल योग जैसी पुस्तकें होंगी, जबकि कक्षा छह में मल्हार, दीपकम, गणित प्रकाश, पूर्वी, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा पढ़ाई जाएगी। कक्षा सात और आठ में जिज्ञासा, समाज का अध्ययन, एक्सप्लोरिंग सोसायटी, गणित प्रकाश, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा जैसी पुस्तकें शामिल होंगी। इन पुस्तकों का फोकस रटने के बजाय समझ, प्रयोग और रचनात्मकता पर रहेगा।
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जिला स्तर पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। 30 सितंबर तक तैयार होने वाली नामांकन रिपोर्ट के आधार पर ही पुस्तकों की संख्या तय होगी, ताकि किसी भी छात्र को किताबों की कमी का सामना न करना पड़े।
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नई शिक्षा व्यवस्था में पहली बार कक्षा पांच से ही बच्चों को कौशल बोध के माध्यम से विभिन्न व्यवसायों, तकनीकी कौशल, उद्यमिता और जीवनोपयोगी दक्षताओं की जानकारी दी जाएगी। शुरुआती कक्षाओं में बच्चों को कौशल की बुनियादी समझ विकसित कराई जाएगी, जबकि आगे चलकर उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा। इसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
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एनसीईआरटी की नई पुस्तकों के नाम भी बच्चों में उत्सुकता जगा रहे हैं। कक्षा पांच में वीणा, बांसुरी, गणित मेला, खेल योग जैसी पुस्तकें होंगी, जबकि कक्षा छह में मल्हार, दीपकम, गणित प्रकाश, पूर्वी, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा पढ़ाई जाएगी। कक्षा सात और आठ में जिज्ञासा, समाज का अध्ययन, एक्सप्लोरिंग सोसायटी, गणित प्रकाश, कौशल बोध, कृति और खेल यात्रा जैसी पुस्तकें शामिल होंगी। इन पुस्तकों का फोकस रटने के बजाय समझ, प्रयोग और रचनात्मकता पर रहेगा।
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जिला स्तर पर सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक बच्चों का नामांकन सुनिश्चित किया जाए। 30 सितंबर तक तैयार होने वाली नामांकन रिपोर्ट के आधार पर ही पुस्तकों की संख्या तय होगी, ताकि किसी भी छात्र को किताबों की कमी का सामना न करना पड़े।