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Sant Kabir Nagar News: ओडिशा व आंध्र प्रदेश का गांजा, संतकबीरनगर के रास्ते तस्करी
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दिवाकर शुक्ला
संतकबीरनगर। जनपद की सीमा में गांजा तस्कर एनएच-27 का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग तस्करों द्वारा पूरब (ओडिशा/ आंध्र प्रदेश) से उत्तर (पंजाब/ हरियाणा/ बिहार) की ओर माल भेजने के लिए किया जाता रहा है। गांजा तस्करी का धंधा पुलिस की सख्ती के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
तस्कर उड़ीसा से गांजा मंगाकर संतकबीरनगर के रास्ते आसपास के जिलों में पहुंचा रहे हैं। महुली, बखिरा, मेंहदावल समेत कई थाना क्षेत्रों में पुलिस कार्रवाई के दौरान गांजा तस्करों के पकड़े जाने से इस अवैध कारोबार के नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाकर गांजा बरामद करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद तस्करी का सिलसिला जारी है। इससे साफ है कि जिले में गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जड़ें गहरी हैं और तस्कर पुलिस की निगरानी से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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तीन दिन पहले पुलिस ने उड़ीसा से गांजा लेकर पंजाब जा रहे तस्करों को पकड़कर बड़ी खेप बरामद की थी। पूछताछ में गांजा उड़ीसा से लाए जाने और उसे पंजाब पहुंचाने की बात सामने आई थी। इस कार्रवाई ने यह भी उजागर किया कि जिले का इस्तेमाल गांजा तस्करी के लिए एक रूट के रूप में किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा की खेप जिले में किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस की मुस्तैदी से हुई करोड़ों के गांजे की बरामदगी : जनपद में गांजा तस्करी की केस हिस्ट्री से पता चलता है कि यह जिला ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले मादक पदार्थों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट रूट रहा है। स्थानीय पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की मुस्तैदी के कारण कुछ वर्षों में यहां करोड़ों रुपये का गांजा पकड़ा गया है। पिछले दिनों टिशू पेपर की आड़ में 50 लाख रुपये की कीमत का 167.710 किलोग्राम गांजा खलीलाबाद कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने एनएच-27 पर मगहर पुलिस चौकी के पास एक डीसीएम गाड़ी समेत पकड़ा। तस्कर ओडिशा से पंजाब गांजा ले जा रहे थे और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने इसे टिशू पेपर के बंडलों के नीचे छिपाया था। पुलिस ने पंजाब के लुधियाना निवासी दो अंतरराज्यीय तस्कर (चंचल सिंह और राहुल) गिरफ्तार किए गए। इसी तरह जनवरी 2026 में कार से ओडिशा के गांजे की तस्करी व माल बरामदगी का मामला सामने आया था। पुलिस ने एक कार से 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। महुली थाने की पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो तस्करों (मनोज यादव व अन्य) को दबोचा था। पूछताछ में सामने आया कि ये तस्कर ओडिशा से गांजे की खेप लाकर संतकबीरनगर और आसपास के जिलों में फुटकर बेचते थे। इसकी तरह फरवरी 2026 में भी अंतरराज्यीय गिरोह को पुलिस ने दबोचा था और उनके पास से 20 किलोग्राम गांजा, चोरी की गाड़ी और पांच लाख रुपये नकद बरामद किए थे। पुलिस ने बिहार के गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के रहने वाले दो शातिर को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह गाड़ियों को खरीदने के बहाने रेकी करता था और गांजा तस्करी के धंधे में शामिल था। वर्ष 2022 में दुधारा थाना क्षेत्र की बाघनगर चौकी के पास चेकिंग के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और यह पूरी सप्लाई आंध्र प्रदेश से की जा रही थी। पुलिस ने उनके पास से 1.40 करोड़ रुपये की कीमत का गांजा सात बोरियों में भरा हुआ बरामद किया था।
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संतकबीरनगर। जनपद की सीमा में गांजा तस्कर एनएच-27 का धड़ल्ले से उपयोग कर रहे हैं। इस राष्ट्रीय राजमार्ग का उपयोग तस्करों द्वारा पूरब (ओडिशा/ आंध्र प्रदेश) से उत्तर (पंजाब/ हरियाणा/ बिहार) की ओर माल भेजने के लिए किया जाता रहा है। गांजा तस्करी का धंधा पुलिस की सख्ती के बावजूद थमने का नाम नहीं ले रहा है।
तस्कर उड़ीसा से गांजा मंगाकर संतकबीरनगर के रास्ते आसपास के जिलों में पहुंचा रहे हैं। महुली, बखिरा, मेंहदावल समेत कई थाना क्षेत्रों में पुलिस कार्रवाई के दौरान गांजा तस्करों के पकड़े जाने से इस अवैध कारोबार के नेटवर्क का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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पुलिस की ओर से लगातार अभियान चलाकर गांजा बरामद करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। इसके बावजूद तस्करी का सिलसिला जारी है। इससे साफ है कि जिले में गांजा तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जड़ें गहरी हैं और तस्कर पुलिस की निगरानी से बचने के लिए अलग-अलग रास्तों और तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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तीन दिन पहले पुलिस ने उड़ीसा से गांजा लेकर पंजाब जा रहे तस्करों को पकड़कर बड़ी खेप बरामद की थी। पूछताछ में गांजा उड़ीसा से लाए जाने और उसे पंजाब पहुंचाने की बात सामने आई थी। इस कार्रवाई ने यह भी उजागर किया कि जिले का इस्तेमाल गांजा तस्करी के लिए एक रूट के रूप में किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा की खेप जिले में किन लोगों तक पहुंचाई जा रही थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
पुलिस की मुस्तैदी से हुई करोड़ों के गांजे की बरामदगी : जनपद में गांजा तस्करी की केस हिस्ट्री से पता चलता है कि यह जिला ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से आने वाले मादक पदार्थों के लिए एक प्रमुख ट्रांजिट रूट रहा है। स्थानीय पुलिस, एसओजी और सर्विलांस सेल की मुस्तैदी के कारण कुछ वर्षों में यहां करोड़ों रुपये का गांजा पकड़ा गया है। पिछले दिनों टिशू पेपर की आड़ में 50 लाख रुपये की कीमत का 167.710 किलोग्राम गांजा खलीलाबाद कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने एनएच-27 पर मगहर पुलिस चौकी के पास एक डीसीएम गाड़ी समेत पकड़ा। तस्कर ओडिशा से पंजाब गांजा ले जा रहे थे और पुलिस चेकिंग से बचने के लिए उन्होंने इसे टिशू पेपर के बंडलों के नीचे छिपाया था। पुलिस ने पंजाब के लुधियाना निवासी दो अंतरराज्यीय तस्कर (चंचल सिंह और राहुल) गिरफ्तार किए गए। इसी तरह जनवरी 2026 में कार से ओडिशा के गांजे की तस्करी व माल बरामदगी का मामला सामने आया था। पुलिस ने एक कार से 15 किलोग्राम गांजा बरामद किया था। महुली थाने की पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो तस्करों (मनोज यादव व अन्य) को दबोचा था। पूछताछ में सामने आया कि ये तस्कर ओडिशा से गांजे की खेप लाकर संतकबीरनगर और आसपास के जिलों में फुटकर बेचते थे। इसकी तरह फरवरी 2026 में भी अंतरराज्यीय गिरोह को पुलिस ने दबोचा था और उनके पास से 20 किलोग्राम गांजा, चोरी की गाड़ी और पांच लाख रुपये नकद बरामद किए थे। पुलिस ने बिहार के गोपालगंज और मुजफ्फरपुर के रहने वाले दो शातिर को गिरफ्तार किया था। यह गिरोह गाड़ियों को खरीदने के बहाने रेकी करता था और गांजा तस्करी के धंधे में शामिल था। वर्ष 2022 में दुधारा थाना क्षेत्र की बाघनगर चौकी के पास चेकिंग के दौरान एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया था और यह पूरी सप्लाई आंध्र प्रदेश से की जा रही थी। पुलिस ने उनके पास से 1.40 करोड़ रुपये की कीमत का गांजा सात बोरियों में भरा हुआ बरामद किया था।