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Sant Kabir Nagar News: मानक दरकिनार कर खुल रहे काॅम्प्लेक्स, सुरक्षा का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Fri, 06 Feb 2026 02:41 AM IST
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बलवंत त्रिपाठी, कांप्लेक्स वाली खबर में
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संतकबीरनगर। शहर में आबादी बढ़ने के साथ ही व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स खुल रहे हैं, लेकिन इनमें सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं। न तो एनओसी ली जा रही है और न ही मेटल डिटेक्टर लगाए जा रहे हैं। इससे सुरक्षा को गंभीर खतरा हो सकता है।
एक ही छत के नीचे खरीदारी की तमाम सुविधाएं देकर ग्राहकों को लुभाने के लिए शहर में मानकों की अनदेखी की व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। अधिकतर व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में प्रवेश व निकास के लिए एक ही दरवाजा लगा है। ऐसे में आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए किसी इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं है। प्रवेश के दौरान भौतिक जांच की व्यवस्था या मेटल डिटेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। बिना रोक-टोक के कोई भी संदिग्ध व्यक्ति प्रवेश कर सकता है।
वैसे वर्तमान समय से 20 से ज्यादा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बने हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। शहर के शहर के आजाद चौक के पास बने एक मार्ट में प्रवेश द्वार पर एक गार्ड तैनात मिला। मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था नहीं दिखी। लोग बगैर रोकटोक आते-जाते दिखे। हालांकि, मार्ट में अलार्म और अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था की गई है। यहां प्रवेश और निकासी के लिए सिर्फ एक ही गेट है। वाहन पार्किग की व्यवस्था न होने से सड़क की पटरियों पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। यही स्थिति मुखलिसपुर तिराहा और बैंक चौराहे की भी है। इन जगहों पर भी मेटल डिटेक्टर नहीं हैं। गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती है। सुरक्षा के लिए वैधता के साथ फायर स्टिंग्यूशर लगाए गए हैं, लेकिन आपातकालीन द्वार नहीं है।
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सुरक्षा के लिए होनी चाहिए तीन तरह की जांच
व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में प्रवेश से पहले तीन प्रकार से जांच करने का नियम है। इसमें पहला मेटल डिटेक्टर, दूसरा डोर फ्रेम के अंदर से प्रवेश कराकर और तीसरा सुरक्षा गार्ड द्वारा हाथों से जांच की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई हथियार या सुरक्षा के लिए खतरनाक वस्तु भीतर न जा सके, लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
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यह है नियम
शापिंग माॅल या काॅम्प्लेक्स के लिए प्लाॅट का न्यूनतम क्षेत्रफल 4000 वर्ग मीटर होना चाहिए। प्लाॅट न्यूनतम 24 मीटर चौड़ा और सड़क के किनारे होना चाहिए। निर्माण की अनुमति देने से पहले ट्रैफिक लोड, पार्किंग व्यवस्था, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की जांच सुनिश्चित की जानी आवश्यक है।
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बरदहिया में लगी आग तो युवक ने कूदकर बचाई थी जान
बरदहिया बाजार में दो माह पहले कपड़े की थोक दुकान में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई थी। उस समय दुकान की छत पर दुकान मालिक का बेटा सोया था। आग लगने के बाद वह नीचे नहीं आ पाया। अन्य कोई रास्ता न होने के चलते उसने दो मंजिला मकान की छत से कूद कर अपनी जान बचाई थी। इस घटना के बाद लोग नहीं चेत रहे हैं।
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शहर में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बने हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। मेटल डिटेक्टर कहीं नहीं लगे हैं। प्रवेश व निकासी के लिए भी एक ही द्वार है। ऐसे में आपात स्थिति में समस्या खड़ी हो सकती है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। -बजरंगी, शहरवासी
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व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स में एक ही छत के नीचे खरीदारी की तमाम सुविधाएं मिल जा ही हैं। इसके चलते लोग आकर्षित होते हैं। इन स्थानों पर वाहन पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है, जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। -बलवंत त्रिपाठी, शहरवासी
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शहर में जो व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स है, उन्होंने अग्निशमन से एनओसी ली है। अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं शिकायत आएंगी तो कार्रवाई की जाएगी। -अशोक यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी
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एक ही छत के नीचे खरीदारी की तमाम सुविधाएं देकर ग्राहकों को लुभाने के लिए शहर में मानकों की अनदेखी की व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स बनाए जा रहे हैं। अधिकतर व्यावसायिक कॉम्पलेक्स में प्रवेश व निकास के लिए एक ही दरवाजा लगा है। ऐसे में आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए किसी इमरजेंसी गेट की व्यवस्था नहीं है। प्रवेश के दौरान भौतिक जांच की व्यवस्था या मेटल डिटेक्टर भी नहीं लगाए गए हैं। बिना रोक-टोक के कोई भी संदिग्ध व्यक्ति प्रवेश कर सकता है।
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वैसे वर्तमान समय से 20 से ज्यादा व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बने हैं। इसके साथ ही कई स्थानों पर निर्माण कार्य चल रहा है। शहर के शहर के आजाद चौक के पास बने एक मार्ट में प्रवेश द्वार पर एक गार्ड तैनात मिला। मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था नहीं दिखी। लोग बगैर रोकटोक आते-जाते दिखे। हालांकि, मार्ट में अलार्म और अग्निशमन यंत्र की व्यवस्था की गई है। यहां प्रवेश और निकासी के लिए सिर्फ एक ही गेट है। वाहन पार्किग की व्यवस्था न होने से सड़क की पटरियों पर वाहन खड़े किए जा रहे हैं। यही स्थिति मुखलिसपुर तिराहा और बैंक चौराहे की भी है। इन जगहों पर भी मेटल डिटेक्टर नहीं हैं। गेट पर सुरक्षा गार्ड की तैनाती है। सुरक्षा के लिए वैधता के साथ फायर स्टिंग्यूशर लगाए गए हैं, लेकिन आपातकालीन द्वार नहीं है।
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सुरक्षा के लिए होनी चाहिए तीन तरह की जांच
व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स में प्रवेश से पहले तीन प्रकार से जांच करने का नियम है। इसमें पहला मेटल डिटेक्टर, दूसरा डोर फ्रेम के अंदर से प्रवेश कराकर और तीसरा सुरक्षा गार्ड द्वारा हाथों से जांच की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई हथियार या सुरक्षा के लिए खतरनाक वस्तु भीतर न जा सके, लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
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यह है नियम
शापिंग माॅल या काॅम्प्लेक्स के लिए प्लाॅट का न्यूनतम क्षेत्रफल 4000 वर्ग मीटर होना चाहिए। प्लाॅट न्यूनतम 24 मीटर चौड़ा और सड़क के किनारे होना चाहिए। निर्माण की अनुमति देने से पहले ट्रैफिक लोड, पार्किंग व्यवस्था, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की जांच सुनिश्चित की जानी आवश्यक है।
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बरदहिया में लगी आग तो युवक ने कूदकर बचाई थी जान
बरदहिया बाजार में दो माह पहले कपड़े की थोक दुकान में शाॅर्ट सर्किट से आग लग गई थी। उस समय दुकान की छत पर दुकान मालिक का बेटा सोया था। आग लगने के बाद वह नीचे नहीं आ पाया। अन्य कोई रास्ता न होने के चलते उसने दो मंजिला मकान की छत से कूद कर अपनी जान बचाई थी। इस घटना के बाद लोग नहीं चेत रहे हैं।
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शहर में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बने हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। मेटल डिटेक्टर कहीं नहीं लगे हैं। प्रवेश व निकासी के लिए भी एक ही द्वार है। ऐसे में आपात स्थिति में समस्या खड़ी हो सकती है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। -बजरंगी, शहरवासी
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व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स में एक ही छत के नीचे खरीदारी की तमाम सुविधाएं मिल जा ही हैं। इसके चलते लोग आकर्षित होते हैं। इन स्थानों पर वाहन पार्किंग तक की व्यवस्था नहीं है। सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं है, जिससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है। -बलवंत त्रिपाठी, शहरवासी
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शहर में जो व्यावसायिक काॅम्प्लेक्स है, उन्होंने अग्निशमन से एनओसी ली है। अन्य व्यवस्थाओं के लिए निर्देश दिए गए हैं। यदि कहीं शिकायत आएंगी तो कार्रवाई की जाएगी। -अशोक यादव, जिला अग्निशमन अधिकारी

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