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Sant Kabir Nagar News: प्रभारी मंत्री की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहे 18 अधिकारियों का वेतन रोकने का निर्देश
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संतकबीरनगर। डीएम आलोक कुमार ने प्रभारी मंत्री विजयलक्ष्मी गौतम की रविवार को हुई समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहे 18 अधिकारियों का माह जुलाई का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया है। प्रभारी मंत्री के जनपद भ्रमण के दौरान निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 26 जुलाई को अपराह्न एक बजे से जनपदीय विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आहूत की गई थी। सीडीओ ने मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम भी जारी किया गया था। इसके बाद भी 18 अधिकारी बैठक में नहीं आए।
डीएम ने कहा कि प्रभारी मंत्री के समीक्षा बैठक में जनपद के समस्त अधिकारियों को अद्यतन प्रगति के साथ प्रतिभाग करना होता है। किसी भी विभाग का कोई भी प्रकरण बैठक के दौरान आ सकता है। उक्त बैठक में जनपद के जनप्रतिनिधि की उपस्थिति होती है। जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति होने पर क्षेत्र स्तर की समस्याएं आने पर बैठक के दौरान ही निराकरण प्रभारी मंत्री के समक्ष किया जाना होता है।
यदि किसी अधिकारी को उक्त महत्वपूर्ण बैठक में किसी आवश्यक कार्य पड़ जाने से अनुपस्थित होने की संभावना है, तो उसे डीएम की अनुमति अनिवार्य है।
प्रभारी मंत्री की समीक्षा के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों के अनुपस्थित होने से विभागीय प्रकरणों का समुचित निराकरण नहीं किया जा सका। इस पर प्रभारी मंत्री ने रोष व्यक्त किया है और भविष्य के लिए भी सचेत किया है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जनपद के 18 अधिकारियों का जुलाई का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध करने का निर्देश दिया है।
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यह भी निर्देशित किया गया है कि भविष्य में पुनः पुनरावृत्ति होने पर मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्ट प्रदान कर दी जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
वेतन अवरुद्ध किए जाने वाले अधिकारियों में अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, अधिशासी अभियंता सरयू नहर, अधिशासी अभियंता ड्रेनज खंड-2, अधिशासी अभियंता सेतु निगम, अधिशासी अभियंता विद्युत खलीलाबाद, अधिशासी अभियंता मेंहदावल, सीएमओ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, पर्यटन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला दुग्ध विकास अधिकारी, जिला सेवा योजन अधिकारी, प्रधानाचार्य आईटीआई, प्रबंधक कौशल विकास एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता का नाम शामिल हैं।
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डीएम ने कहा कि प्रभारी मंत्री के समीक्षा बैठक में जनपद के समस्त अधिकारियों को अद्यतन प्रगति के साथ प्रतिभाग करना होता है। किसी भी विभाग का कोई भी प्रकरण बैठक के दौरान आ सकता है। उक्त बैठक में जनपद के जनप्रतिनिधि की उपस्थिति होती है। जनप्रतिनिधियों के उपस्थिति होने पर क्षेत्र स्तर की समस्याएं आने पर बैठक के दौरान ही निराकरण प्रभारी मंत्री के समक्ष किया जाना होता है।
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यदि किसी अधिकारी को उक्त महत्वपूर्ण बैठक में किसी आवश्यक कार्य पड़ जाने से अनुपस्थित होने की संभावना है, तो उसे डीएम की अनुमति अनिवार्य है।
प्रभारी मंत्री की समीक्षा के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों के अनुपस्थित होने से विभागीय प्रकरणों का समुचित निराकरण नहीं किया जा सका। इस पर प्रभारी मंत्री ने रोष व्यक्त किया है और भविष्य के लिए भी सचेत किया है। इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जनपद के 18 अधिकारियों का जुलाई का वेतन अग्रिम आदेश तक अवरूद्ध करने का निर्देश दिया है।
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यह भी निर्देशित किया गया है कि भविष्य में पुनः पुनरावृत्ति होने पर मध्यावधि प्रतिकूल प्रविष्ट प्रदान कर दी जाएगी, जिसके लिए संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
वेतन अवरुद्ध किए जाने वाले अधिकारियों में अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, अधिशासी अभियंता जल निगम शहरी, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, अधिशासी अभियंता सरयू नहर, अधिशासी अभियंता ड्रेनज खंड-2, अधिशासी अभियंता सेतु निगम, अधिशासी अभियंता विद्युत खलीलाबाद, अधिशासी अभियंता मेंहदावल, सीएमओ, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य, पर्यटन अधिकारी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, जिला दुग्ध विकास अधिकारी, जिला सेवा योजन अधिकारी, प्रधानाचार्य आईटीआई, प्रबंधक कौशल विकास एवं सहायक आयुक्त एवं सहायक निबन्धक, सहकारिता का नाम शामिल हैं।