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Sant Kabir Nagar News: नाबालिग के लापता होने के मामले में नौ पर प्राथमिकी दर्ज
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संतकबीरनगर। नाबालिग बेटी के दोबारा लापता होने के मामले में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत के आदेश पर कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में नौ लोगों पर बेटी को गायब करने की साजिश रचने, जातिसूचक अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
पीड़िता ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपी अखिलेश पहले बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस मामले में कोतवाली खलीलाबाद में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और अखिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोप है कि जेल से छूटने के बाद अखिलेश अंकित उर्फ गुर्रे के साथ मिलकर फिर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
इस मामले में भी न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई और अंकित को गिरफ्तार किया गया। 14 मई 2026 की रात करीब आठ बजे अखिलेश, अंकित उर्फ गुर्रे और उनके परिवार के लोगों ने साजिश के तहत उनकी नाबालिग बेटी को फिर गायब कर दिया। बेटी के बारे में पूछताछ करने जब वह अखिलेश के घर पहुंचीं तो वहां मौजूद कमलेश, बविता उर्फ निशा, बबली, आशा देवी और चंद्रप्रकाश जातिसूचक गालियां देने और धमकी देने लगे।
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आरोप है कि इसके बाद पीड़िता ने बयारा निवासी रमेश और सुनीता से भी बेटी के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने भी गाली-गलौज करते हुए शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। काफी तलाश के बाद भी बेटी का पता नहीं चल सका।
कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में उक्त आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
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पीड़िता ने न्यायालय में दिए प्रार्थनापत्र में बताया कि उनकी नाबालिग बेटी को आरोपी अखिलेश पहले बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। इस मामले में कोतवाली खलीलाबाद में प्राथमिकी दर्ज हुई थी और अखिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। आरोप है कि जेल से छूटने के बाद अखिलेश अंकित उर्फ गुर्रे के साथ मिलकर फिर उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
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इस मामले में भी न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज हुई और अंकित को गिरफ्तार किया गया। 14 मई 2026 की रात करीब आठ बजे अखिलेश, अंकित उर्फ गुर्रे और उनके परिवार के लोगों ने साजिश के तहत उनकी नाबालिग बेटी को फिर गायब कर दिया। बेटी के बारे में पूछताछ करने जब वह अखिलेश के घर पहुंचीं तो वहां मौजूद कमलेश, बविता उर्फ निशा, बबली, आशा देवी और चंद्रप्रकाश जातिसूचक गालियां देने और धमकी देने लगे।
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आरोप है कि इसके बाद पीड़िता ने बयारा निवासी रमेश और सुनीता से भी बेटी के बारे में जानकारी मांगी। उन्होंने भी गाली-गलौज करते हुए शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी। काफी तलाश के बाद भी बेटी का पता नहीं चल सका।
कोतवाल जय प्रकाश दूबे ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मामले में उक्त आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।