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Sant Kabir Nagar News: धनंजय के दो और गुर्गों की तलाश, घेराबंदी कर रही पुलिस
Sat, 01 Aug 2026 11:39 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
Updated Sat, 01 Aug 2026 11:39 PM IST
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संतकबीरनगर। शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में पुलिस अब मुख्य आरोपी धनंजय के फरार दो और करीबी गुर्गों की तलाश में जुट गई है। पुलिस विवेचना में अमित श्रीवास्तव व रामकेश मौर्या का नाम भी प्रकाश में आया था। दोनों आरोपियों के नाम सामने आने के बाद से ही वे लगातार फरार चल रहे हैं। पुलिस की कई टीमें उनकी लोकेशन खंगालने में जुटी हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों में एक बस्ती और दूसरा संतकबीरनगर का रहने वाला है। दोनों पर ठगी के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में सामने आए साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक डाटा के आधार पर उनकी तलाश तेज कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक धनंजय गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और व्यापक किया जा रहा है। गिरोह के आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोग किन-किन जिलों में सक्रिय थे और कितने लोगों से ठगी की गई।
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अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भी गैंगस्टर समेत अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है जिससे नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा सके।
जांच अधिकारी मामले में सामने आए प्रत्येक नाम की भूमिका का गहन परीक्षण कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद गिरोह से जुड़े कुछ और लोगों की संलिप्तता भी उजागर हो सकती है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी के नेटवर्क की परतें खोलने पर है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।
यह था आरोपियों के ठगी का तरीका ः आरोपियों ने एक ऐसा एप तैयार किया था जो हूबहू शेयर मार्केट जैसा दिखता था। इसके डेटाबेस में निवेशकों को रोज़ाना उनका पैसा बढ़ता हुआ दिखाया जाता था जो पूरी तरह से फर्जी (वर्चुअल आंकड़ा) था। निवेशकों को झांसा देने के लिए लखनऊ, गोरखपुर और संतकबीरनगर में आलीशान दफ्तर खोले गए थे। शुरुआत में लोगों को छह से 40 प्रतिशत तक का भारी रिटर्न देकर उनका भरोसा जीता गया। पुराने निवेशकों को पैसे देने के लिए नए निवेशकों के पैसों का इस्तेमाल किया जाता था।
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पुलिस सूत्रों के अनुसार, फरार आरोपियों में एक बस्ती और दूसरा संतकबीरनगर का रहने वाला है। दोनों पर ठगी के नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। जांच में सामने आए साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक डाटा के आधार पर उनकी तलाश तेज कर दी गई है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
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सूत्रों के मुताबिक धनंजय गिरोह के खिलाफ चल रही कार्रवाई को और व्यापक किया जा रहा है। गिरोह के आर्थिक लेन-देन, बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच की जा रही है ताकि ठगी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोग किन-किन जिलों में सक्रिय थे और कितने लोगों से ठगी की गई।
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अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ भी गैंगस्टर समेत अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है जिससे नियमानुसार जब्ती की कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जा सके।
जांच अधिकारी मामले में सामने आए प्रत्येक नाम की भूमिका का गहन परीक्षण कर रहे हैं। पुलिस का मानना है कि पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद गिरोह से जुड़े कुछ और लोगों की संलिप्तता भी उजागर हो सकती है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस का पूरा फोकस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और ठगी के नेटवर्क की परतें खोलने पर है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और अहम खुलासे हो सकते हैं।
यह था आरोपियों के ठगी का तरीका ः आरोपियों ने एक ऐसा एप तैयार किया था जो हूबहू शेयर मार्केट जैसा दिखता था। इसके डेटाबेस में निवेशकों को रोज़ाना उनका पैसा बढ़ता हुआ दिखाया जाता था जो पूरी तरह से फर्जी (वर्चुअल आंकड़ा) था। निवेशकों को झांसा देने के लिए लखनऊ, गोरखपुर और संतकबीरनगर में आलीशान दफ्तर खोले गए थे। शुरुआत में लोगों को छह से 40 प्रतिशत तक का भारी रिटर्न देकर उनका भरोसा जीता गया। पुराने निवेशकों को पैसे देने के लिए नए निवेशकों के पैसों का इस्तेमाल किया जाता था।