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Sant Kabir Nagar News: सर्व धर्म संभावमें सभी धर्मों के विद्वजनों ने अपने विचार रखे
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मगहर। कबीर मगहर महोत्सव के चौथे दिन शनिवार को महंत विचारदास के संयोजन में सर्वधर्म संभाव सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कबीर साहब के विचारों की प्रासंगिक्ता और धर्म के वास्तविक रूप को उपस्थित विद्धानों ने निर्गुण गीतों और अपने वक्तव्यों के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया।
आर्य समाज के डाॅक्टर राजेन्द्र मुनि ने वैदिक धर्म की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद ही मानव मात्र का धर्म ग्रंथ है। जिसमें मानव जीवन के कल्याण की समस्त शिक्षाएं विद्यमान हैं। संत रामलखन दास उर्फ लाल बाबा ने कहा कि कबीर साहेब ने सदैव मानवता की बात की है। उन्होंने सर्व धर्म समभाव को विस्तार से बताया। हाजी बदरे आलम ने कहा कि ईश्वर एक है। हम सब उनकी संतान है। तो मानव मानव के बीच भेद कैसा। कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नही देता है बल्कि आपस में मिलकर रहने सीख देता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म इंसानियत के साथ ही पड़ोसियों के हक को अदा करने की नसीहत देता है। आर्य समाज के विद्वान ओम प्रकाश आर्य ने बताया कि ईश्वर एक है उसने मानव मात्र को एक ही रूप, हो हाथ, दो पैर, दो कान, मुंह व नांक से इस संसार में भेजा है। तो सबका धर्म भी एक है वह है मानव धर्म। ईश्वर ने मानव धर्म के निर्मित एक संविधान चार ऋषियों को अन्तः प्रेरणा के रूप में दिया। जिसे वेद कहते है वेद में कहा गया मनुभव अर्थात मनुष्य बने। जम्मू कश्मीर से आए महंत रामपूरी साहेब कबीर पंथ पर अपना विचार रखते हुए कहा कि हमारे जीवन की सार्थकता तब है कि जब हम समस्त मानव समाज के साथ प्रेम सौहार्दपूर्ण रवैया अपनाएं। साध्वी गौरी ने कबीर दोहे '''' गुरु गोबिंद दोऊ खडे काके लागू पांय बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय, के साथ कबीर भजन आज सतगुरु आये मोरी गलियां प्रस्तुत कर कबीर की वाणियों का मर्म बताया।
इस अवसर पर मुतवल्ली खादिम हुसेन, संत केशव दास, देवव्रत नाथ फलहारी, रामसेवक दास, बैकुंठ शर्मा, गौरव दास, दुर्गेश दास, संत कन्हैया दास, शांति दास, राजेश दास आदि मौजूद रहें।
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आर्य समाज के डाॅक्टर राजेन्द्र मुनि ने वैदिक धर्म की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वेद ही मानव मात्र का धर्म ग्रंथ है। जिसमें मानव जीवन के कल्याण की समस्त शिक्षाएं विद्यमान हैं। संत रामलखन दास उर्फ लाल बाबा ने कहा कि कबीर साहेब ने सदैव मानवता की बात की है। उन्होंने सर्व धर्म समभाव को विस्तार से बताया। हाजी बदरे आलम ने कहा कि ईश्वर एक है। हम सब उनकी संतान है। तो मानव मानव के बीच भेद कैसा। कोई भी धर्म हिंसा की इजाजत नही देता है बल्कि आपस में मिलकर रहने सीख देता है। उन्होंने कहा कि इस्लाम धर्म इंसानियत के साथ ही पड़ोसियों के हक को अदा करने की नसीहत देता है। आर्य समाज के विद्वान ओम प्रकाश आर्य ने बताया कि ईश्वर एक है उसने मानव मात्र को एक ही रूप, हो हाथ, दो पैर, दो कान, मुंह व नांक से इस संसार में भेजा है। तो सबका धर्म भी एक है वह है मानव धर्म। ईश्वर ने मानव धर्म के निर्मित एक संविधान चार ऋषियों को अन्तः प्रेरणा के रूप में दिया। जिसे वेद कहते है वेद में कहा गया मनुभव अर्थात मनुष्य बने। जम्मू कश्मीर से आए महंत रामपूरी साहेब कबीर पंथ पर अपना विचार रखते हुए कहा कि हमारे जीवन की सार्थकता तब है कि जब हम समस्त मानव समाज के साथ प्रेम सौहार्दपूर्ण रवैया अपनाएं। साध्वी गौरी ने कबीर दोहे '''' गुरु गोबिंद दोऊ खडे काके लागू पांय बलिहारी गुरु आपने गोविन्द दियो बताय, के साथ कबीर भजन आज सतगुरु आये मोरी गलियां प्रस्तुत कर कबीर की वाणियों का मर्म बताया।
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इस अवसर पर मुतवल्ली खादिम हुसेन, संत केशव दास, देवव्रत नाथ फलहारी, रामसेवक दास, बैकुंठ शर्मा, गौरव दास, दुर्गेश दास, संत कन्हैया दास, शांति दास, राजेश दास आदि मौजूद रहें।
