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Sant Kabir Nagar News: मृत्यु के भय को दूर कर उत्तम जीवन जीना सिखाता है भागवत
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संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के मुंडेरा सेमरडाडी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या धाम से आए कथा कथावाचक उपेंद्र पाराशर महाराज ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है तो संकल्प लेना जरूरी है। हर बच्चे को अपने माता-पिता की बातों को मानना चाहिए। जिनके ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा मृत्यु के भय को दूर कर उत्तम जीवन जीना सिखाती है। कथावाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत में भक्तों की दिव्य कथाएं हैं। इनको सुनने से हृदय में भक्ति का उदय होता है। इससे मनुष्य के जीवन में सुधार होता है।
मनुष्य का जीवन भगवान की भक्ति से ही पूर्ण होता है। कक्षा वाचक ने श्रीकृष्ण से संस्कार की सीख लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण स्वयं परमात्मा हैं, फिर भी वे अपने माता-पिता के चरणों को प्रणाम करने में कभी संकोच नहीं करते थे।
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उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ा है, तब-तब प्रभु का अवतार हुआ है। इस दौरान भक्तों ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान वेणी माधव पांडेय, शारदा देवी, नीलमणि,डॉ. शिव कुमार पांडेय,राम सजीवन पांडेय,आचार्य गोविंद मिश्रा, आचार्य राम शंकर दुबे, आचार्य गोरखनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।
संतकबीरनगर। धनघटा क्षेत्र के मुंडेरा सेमरडाडी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में अयोध्या धाम से आए कथा कथावाचक उपेंद्र पाराशर महाराज ने कहा कि जीवन में अच्छे रास्ते पर जाना है तो संकल्प लेना जरूरी है। हर बच्चे को अपने माता-पिता की बातों को मानना चाहिए। जिनके ऊपर माता-पिता का आशीर्वाद है उन्हें संसार में सब कुछ प्राप्त हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भागवत कथा मृत्यु के भय को दूर कर उत्तम जीवन जीना सिखाती है। कथावाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत में भक्तों की दिव्य कथाएं हैं। इनको सुनने से हृदय में भक्ति का उदय होता है। इससे मनुष्य के जीवन में सुधार होता है।
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मनुष्य का जीवन भगवान की भक्ति से ही पूर्ण होता है। कक्षा वाचक ने श्रीकृष्ण से संस्कार की सीख लेने की बात कही। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण स्वयं परमात्मा हैं, फिर भी वे अपने माता-पिता के चरणों को प्रणाम करने में कभी संकोच नहीं करते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि जब-जब धरती पर अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ा है, तब-तब प्रभु का अवतार हुआ है। इस दौरान भक्तों ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान वेणी माधव पांडेय, शारदा देवी, नीलमणि,डॉ. शिव कुमार पांडेय,राम सजीवन पांडेय,आचार्य गोविंद मिश्रा, आचार्य राम शंकर दुबे, आचार्य गोरखनाथ पांडेय आदि मौजूद रहे।