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Shahjahanpur News: व्हाट्सएप ग्रुप में जानकारी देने पर भी मिल जाएगा रक्त
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शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के सभागार आयोजित कार्यशाला में रक्तदान करने वालीं संस्थाओं व मेडिकल कॉलेज की ब्लड बैंक के बीच आ रही समस्या का समाधान निकाला गया। संस्थाओं की बात सुनकर सभी को कार्ड देने की बात कही गई। साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप पर भी सूचना मिलने पर रक्त उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी जितुराज ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, दुर्घटनाओं में घायल गंभीर मरीजों को दान दिया खून जरूरत पड़ने पर चढ़ाया जाता है, जिससे उन लोगों की जान बच जाती है। साथ ही कैंसर सहित गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी नि:शुल्क खून दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन में केवल डोनर को ही कार्ड देने की बात है।
इस पर रोटरी क्लब के डॉ. गौरव कौशल ने कहा कि जो संस्थाएं रक्तदान करती हैं, वे साल में करीब एक-दो बार ही किसी को खून देने के लिए कहती हैं। संजय चोपड़ा ने भी उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। भारतीय बजरंग दल संस्था के विवेक ने भी अपनी परेशानी रखी। साथ ही संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं को प्राचार्य के समक्ष रखा।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी संस्थाओं को जोड़ा जाएगा, साथ ही जो लोग कार्ड नहीं लेकर आते हैं, उन्हें तुरंत उस ग्रुप पर जानकारी देकर ब्लड मुहैया कराया जाएगा। सभी ब्लड डोनेट करने वाली संस्थाओं को कार्ड मिलेंगे, जो एक साल के लिए मान्य होंगे। अगर कोई रक्तदान करने वाली संस्था लेटर पैड पर भी लिखकर किसी मरीज को भेजती है तो भी खून दिया जाएगा। संवाद
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ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी जितुराज ने कहा कि गर्भवती महिलाओं, दुर्घटनाओं में घायल गंभीर मरीजों को दान दिया खून जरूरत पड़ने पर चढ़ाया जाता है, जिससे उन लोगों की जान बच जाती है। साथ ही कैंसर सहित गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीजों को भी नि:शुल्क खून दिया जाता है। उन्होंने कहा कि गाइडलाइन में केवल डोनर को ही कार्ड देने की बात है।
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इस पर रोटरी क्लब के डॉ. गौरव कौशल ने कहा कि जो संस्थाएं रक्तदान करती हैं, वे साल में करीब एक-दो बार ही किसी को खून देने के लिए कहती हैं। संजय चोपड़ा ने भी उदाहरण देते हुए अपनी बात रखी। भारतीय बजरंग दल संस्था के विवेक ने भी अपनी परेशानी रखी। साथ ही संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं को प्राचार्य के समक्ष रखा।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने कहा कि व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सभी संस्थाओं को जोड़ा जाएगा, साथ ही जो लोग कार्ड नहीं लेकर आते हैं, उन्हें तुरंत उस ग्रुप पर जानकारी देकर ब्लड मुहैया कराया जाएगा। सभी ब्लड डोनेट करने वाली संस्थाओं को कार्ड मिलेंगे, जो एक साल के लिए मान्य होंगे। अगर कोई रक्तदान करने वाली संस्था लेटर पैड पर भी लिखकर किसी मरीज को भेजती है तो भी खून दिया जाएगा। संवाद