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Shahjahanpur News: दोहरे हत्याकांड में दोषी को सात वर्ष का कारावास
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शाहजहांपुर। युवक-युवती की गोली मारकर हत्या के मामले में दोषी को अदालत ने सात वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने माना कि दोषी ने अचानक उकसावे के कारण गैरइरादतन हत्या की।
जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव ककराह के रहने वाले अनुज वर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 21 फरवरी 2022 की दोपहर उसका भाई सनुज दुकान से खाना खाने के लिए घर आया था। तभी गांव के मुलायम सिंह ने अपनी बहन से प्रेम संबंध के शक में सनुज को घर के अंदर खींच लिया। उसे तमंचे से गोली मार दी।
उसने एक गोली अपनी बहन प्रीति को भी मारी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। अनुज के मुताबिक, उन लोगों को फंसाने के लिए मुलायम ने अपने पिता के पैर में भी गोली मारी। सनुज की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुलायम के खिलाफ हत्या की धारा में आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत में अभियुक्त के वकील ने दलील दी कि सनुज ने मुलायम की बहन और उसके पिता को गोली मारी। इसके बाद मुलायम के साथ गुत्थमगुत्था होने के दौरान चली गोली से सनुज की मौत हो गई।
अदालत ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर यह माना कि वारदात सनुज के कृत्य से उपजे प्रकोपन और तत्काल झगड़े के कारण घटित हुई। इस स्थिति में मुलायम पर हत्या की धारा में लगाए गए आरोप साबित नहीं होते हैं। उसके द्वारा किया गया अपराध आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट के तहत है।
दोषी ने हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध को किया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मुलायम को गैर इरादतन हत्या में सात वर्ष के कारावास और सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
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जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव ककराह के रहने वाले अनुज वर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि 21 फरवरी 2022 की दोपहर उसका भाई सनुज दुकान से खाना खाने के लिए घर आया था। तभी गांव के मुलायम सिंह ने अपनी बहन से प्रेम संबंध के शक में सनुज को घर के अंदर खींच लिया। उसे तमंचे से गोली मार दी।
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उसने एक गोली अपनी बहन प्रीति को भी मारी, जिससे उसकी भी मौत हो गई। अनुज के मुताबिक, उन लोगों को फंसाने के लिए मुलायम ने अपने पिता के पैर में भी गोली मारी। सनुज की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने विवेचना के बाद मुलायम के खिलाफ हत्या की धारा में आरोपपत्र अदालत भेजा।
अदालत में अभियुक्त के वकील ने दलील दी कि सनुज ने मुलायम की बहन और उसके पिता को गोली मारी। इसके बाद मुलायम के साथ गुत्थमगुत्था होने के दौरान चली गोली से सनुज की मौत हो गई।
अदालत ने साक्ष्यों और बयानों के आधार पर यह माना कि वारदात सनुज के कृत्य से उपजे प्रकोपन और तत्काल झगड़े के कारण घटित हुई। इस स्थिति में मुलायम पर हत्या की धारा में लगाए गए आरोप साबित नहीं होते हैं। उसके द्वारा किया गया अपराध आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और आर्म्स एक्ट के तहत है।
दोषी ने हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध को किया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव ने मुलायम को गैर इरादतन हत्या में सात वर्ष के कारावास और सात हजार रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया।