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Shahjahanpur News: बारिश में बेबस जलनिकासी व्यवस्था, शहर की सड़कों से निकलना हुआ मुश्किल
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शाहजहांपुर। रविवार शाम के बाद फिर रात से सोमवार सुबह तक हुई 72 मिमी बारिश ने शहर की सड़कों पर निकलना मुश्किल कर दिया। मुख्य सड़कों से लेकर गलियों तक पानी भरा नजर आया। इससे पैदल चलना तो मुश्किल हुआ ही, दोपहिया वाहन सवारों को भी परेशानी उठानी पड़ी। निकासी व्यवस्था पर लाखों रुपये बर्बाद होने के बाद भी इन हालातों ने नगर निगम की पोल खोल दी।
रोडवेज बस स्टैंड से इमली रोड, कवि तिराहा, अंटा चौराहा, रंगीन चौपाल, महमंद हद्दफ, मक्कू बजरिया, तिलहर जई, जलालनगर, एमनजई जलालनगर, सिंजई और लोहारों वाले चौराहा समेत कई स्थानों पर जलभराव हुआ है। व्यस्त मार्गों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। कई जगह नालियों का पानी भी सड़क पर बहता नजर आया। नगर निगम की ओर से बारिश से पहले नाला सफाई कराने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए संसाधन और बजट भी खर्च होता है, लेकिन बारिश के बाद हालात देखकर सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नालों में गाद, कूड़ा और पॉलीथिन जमा होने से पानी की निकासी बाधित रही। हर साल इन्हीं इलाकों में जलभराव होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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स्टेशन रोड पर नाला खोदाई से कीचड़, फिसलन ने बढ़ाई परेशानी
महिला थाना से रेलवे स्टेशन तक नाला निर्माण के लिए सड़क किनारे खोदाई चल रही है। नाले में पाइप डालने के लिए निकाली गई मिट्टी बारिश के बाद कीचड़ में बदल गई। सड़क पर फिसलन होने से राहगीरों और दोपहिया वाहन सवारों को परेशानी हुई। सोमवार सुबह नगर निगम ने जेसीबी से मिट्टी हटाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। कई दोपहिया वाहन फिसलने से लोग चोटिल भी हुए।
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अगस्त में हुई 208 मिमी बारिश
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के मुताबिक शनिवार रात से रविवार शाम तक 49 और फिर रात से सोमवार सुबह 11 बजे तक 72 एमएम बारिश दर्ज की गई। दो दिन में कुल 121 एमएम बारिश हुई। अगस्त में औसत बारिश करीब 230 एमएम होती है, जबकि अब तक 208 एमएम बारिश हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वायुदाब 23 मिलीबार बढ़ा हुआ है। पूर्वी हवाएं चल रही हैं और आर्द्रता 91 प्रतिशत है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश के फिर आसार बने हुए हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, लेकिन उमस बनी हुई है।
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धान, गन्ना और मक्का के लिए फायदेमंद, उड़द-तिल को नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विमल सिंह ने बताया कि बारिश धान, गन्ना और मक्का के लिए फायदेमंद है। इससे इन फसलों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, उड़द और तिल की फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। निचले इलाकों में सब्जियों के खेतों में जलभराव से फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।
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पुवायां तहसील परिसर सहित कई मोहल्लों में भरा पानी
पुवायां। रविवार रात से सोमवार दोपहर तक हुई बारिश से तहसील परिसर में पानी भर जाने से वकीलों और तहसील पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मोहल्ला छावनी, राजा मार्केट, राजीव नगर में भी कई जगह जलजमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
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एक करोड़ 20 लाख खर्च, फिर भी अधूरी रह गई नालों की सफाई
नगर निगम क्षेत्र में 28 बड़े नाले हैं। इनकी सफाई के लिए करीब 85 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। 155 छोटे नालों की सफाई नगर निगम के करीब 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से कराई गई। इसमें करीब 35 लाख रुपये का खर्च नगर निगम की ओर से दिखाया गया है। बड़े नालों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे ये आधे-अधूरे साफ हुए हैं। इसकी वजह से शहर में बार-बार जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर निगम की ओर से बड़े नालों की सफाई की निगरानी करने के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया गया था, इसके बाद भी सफाई ढंग से नहीं हो पाई।
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नालों की सफाई की निगरानी के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जहां पर नालों की सफाई ठीक तरीके से नहीं हुई है, वहां की जांच कराकर फर्म और अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त
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रोडवेज बस स्टैंड से इमली रोड, कवि तिराहा, अंटा चौराहा, रंगीन चौपाल, महमंद हद्दफ, मक्कू बजरिया, तिलहर जई, जलालनगर, एमनजई जलालनगर, सिंजई और लोहारों वाले चौराहा समेत कई स्थानों पर जलभराव हुआ है। व्यस्त मार्गों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। कई जगह नालियों का पानी भी सड़क पर बहता नजर आया। नगर निगम की ओर से बारिश से पहले नाला सफाई कराने पर जोर दिया जाता है। इसके लिए संसाधन और बजट भी खर्च होता है, लेकिन बारिश के बाद हालात देखकर सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नालों में गाद, कूड़ा और पॉलीथिन जमा होने से पानी की निकासी बाधित रही। हर साल इन्हीं इलाकों में जलभराव होने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
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स्टेशन रोड पर नाला खोदाई से कीचड़, फिसलन ने बढ़ाई परेशानी
महिला थाना से रेलवे स्टेशन तक नाला निर्माण के लिए सड़क किनारे खोदाई चल रही है। नाले में पाइप डालने के लिए निकाली गई मिट्टी बारिश के बाद कीचड़ में बदल गई। सड़क पर फिसलन होने से राहगीरों और दोपहिया वाहन सवारों को परेशानी हुई। सोमवार सुबह नगर निगम ने जेसीबी से मिट्टी हटाने का प्रयास किया, लेकिन समस्या पूरी तरह दूर नहीं हो सकी। कई दोपहिया वाहन फिसलने से लोग चोटिल भी हुए।
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अगस्त में हुई 208 मिमी बारिश
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के मुताबिक शनिवार रात से रविवार शाम तक 49 और फिर रात से सोमवार सुबह 11 बजे तक 72 एमएम बारिश दर्ज की गई। दो दिन में कुल 121 एमएम बारिश हुई। अगस्त में औसत बारिश करीब 230 एमएम होती है, जबकि अब तक 208 एमएम बारिश हो चुकी है। उन्होंने बताया कि वायुदाब 23 मिलीबार बढ़ा हुआ है। पूर्वी हवाएं चल रही हैं और आर्द्रता 91 प्रतिशत है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बारिश के फिर आसार बने हुए हैं। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट आई है, लेकिन उमस बनी हुई है।
धान, गन्ना और मक्का के लिए फायदेमंद, उड़द-तिल को नुकसान
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. विमल सिंह ने बताया कि बारिश धान, गन्ना और मक्का के लिए फायदेमंद है। इससे इन फसलों का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, उड़द और तिल की फसल को बारिश से नुकसान हो सकता है। निचले इलाकों में सब्जियों के खेतों में जलभराव से फसल प्रभावित हो सकती है। किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।
पुवायां तहसील परिसर सहित कई मोहल्लों में भरा पानी
पुवायां। रविवार रात से सोमवार दोपहर तक हुई बारिश से तहसील परिसर में पानी भर जाने से वकीलों और तहसील पहुंचे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। मोहल्ला छावनी, राजा मार्केट, राजीव नगर में भी कई जगह जलजमाव होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। संवाद
एक करोड़ 20 लाख खर्च, फिर भी अधूरी रह गई नालों की सफाई
नगर निगम क्षेत्र में 28 बड़े नाले हैं। इनकी सफाई के लिए करीब 85 लाख रुपये का बजट जारी किया गया था। 155 छोटे नालों की सफाई नगर निगम के करीब 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से कराई गई। इसमें करीब 35 लाख रुपये का खर्च नगर निगम की ओर से दिखाया गया है। बड़े नालों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। इससे ये आधे-अधूरे साफ हुए हैं। इसकी वजह से शहर में बार-बार जलभराव की स्थिति उत्पन्न हुई है। नगर निगम की ओर से बड़े नालों की सफाई की निगरानी करने के लिए अधिकारियों को नियुक्त किया गया था, इसके बाद भी सफाई ढंग से नहीं हो पाई।
नालों की सफाई की निगरानी के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। जहां पर नालों की सफाई ठीक तरीके से नहीं हुई है, वहां की जांच कराकर फर्म और अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। -सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त