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Shahjahanpur News: कच्ची दीवार पड़ोसी के मकान पर गिरी, चाचा-भतीजे की मौत
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पुवायां (शाहजहांपुर)। गांव मुड़िया कुर्मियात में सोमवार सुबह बारिश के दौरान पड़ोसी के मकान की कच्ची दीवार गिरने से राजन (26) और उनके भाई अरविंद के बेटे आरव (2) की दबकर मौत हो गई। अरविंद की पत्नी काजल गंभीर रूप से घायल हो गईं। वे तीनों कच्ची दीवार के दबाव से गिरी अपने ही मकान की दीवार के मलबे में दबे।
राजन राजमिस्त्री थे, उनकी शादी नहीं हुई थी। अरविंद ई-रिक्शा चलाते हैं, सोमवार सुबह वह काम पर चले गए। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे पिता सकटेलाल और मां कमला देवी मकान के पास बैठे थे। राजन अपने भतीजे आरव के साथ मकान के अगले हिस्से में बैठे थे, जबकि काजल पिछले हिस्से में काम कर रही थीं। तभी राजाराम के मकान की कच्ची दीवार अरविंद के मकान की ओर ढह गई। अतिरिक्त भार से अरविंद के मकान की दीवार भी ढह गई और लिंटर समेत मलबा नीचे आ गिरा।
तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही मलबा हटाना शुरू कर दिया। थाना प्रभारी आरके रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से राजन और आरव को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। गंभीर घायल काजल को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सूचना पर एसडीएम सदानंद सरोज और सीओ प्रवीण मलिक मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
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घायल पत्नी को नहीं बताया इकलौते बेटे की मौत के बारे में
पुवायां। अरविंद को जब हादसे की जानकारी मिली तो वह बदहवास हालत में घर लौट आए। बंडा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद वह घायल पत्नी काजल को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां बार-बार बेटे के बारे में पूछने पर अरविंद ने आंसू रोकते हुए काजल को यही बताया कि आरव ठीक है। आरव घर का इकलौता छोटा बच्चा होने के कारण सभी का लाडला था।
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खुद राजमिस्त्री, फिर भी मकान के निर्माण में हुई चूक
अरविंद के भाई राजन राजमिस्त्री का काम करते थे। करीब एक माह पहले बने उनके मकान के निर्माण में भी कई खामियां सामने आई हैं। मकान के पूरब में राजाराम का कच्चा मकान है। अरविंद के मकान की दोनों ओर पट्टी की दीवारें बनाई गई थीं, लेकिन पिलर नहीं बनाए गए थे। लिंटर का पूरा भार इन्हीं दीवारों पर था। बारिश के कारण राजाराम के मकान की कच्ची दीवार अरविंद के मकान की पट्टी की दीवार पर गिरी। मिट्टी का भारी दबाव पड़ने से दीवार ढह गई और इसके साथ ही लिंटर भी नीचे आ गिरा। मलबे में दबकर राजन और आरव की मौत हो गई।
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चार बार आवेदन, फिर भी नहीं मिला आवास
राजाराम मजदूरी करते हैं। परिवार कच्ची कोठरी व छप्पर के नीचे रहता है। राजाराम के मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए बंडा ब्लॉक में चार बार आवेदन किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करीब दो साल इंतजार के बाद उन्होंने आवेदन करना भी छोड़ दिया। राजाराम का कहना है कि समय रहते आवास योजना का लाभ मिल गया होता तो कच्ची दीवार नहीं होती और हादसा टल सकता था।
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डीएम और एसपी ने जाना घायल काजल का हाल
घायल काजल का हाल जानने के लिए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी सौरभ दीक्षित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को काजल का बेहतर उपचार कराने के निर्देश दिए। साथ ही परिजनों से घटना की जानकारी लेकर शीघ्र हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
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मामले की जांच कराई जा रही है। दैवीय आपदा के तहत दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। नया आवास भी दिलाया जाएगा। आवेदन के बावजूद राजाराम को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -सदानंद सरोज, एसडीएम, पुवायां
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राजन राजमिस्त्री थे, उनकी शादी नहीं हुई थी। अरविंद ई-रिक्शा चलाते हैं, सोमवार सुबह वह काम पर चले गए। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे पिता सकटेलाल और मां कमला देवी मकान के पास बैठे थे। राजन अपने भतीजे आरव के साथ मकान के अगले हिस्से में बैठे थे, जबकि काजल पिछले हिस्से में काम कर रही थीं। तभी राजाराम के मकान की कच्ची दीवार अरविंद के मकान की ओर ढह गई। अतिरिक्त भार से अरविंद के मकान की दीवार भी ढह गई और लिंटर समेत मलबा नीचे आ गिरा।
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तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना देने के साथ ही मलबा हटाना शुरू कर दिया। थाना प्रभारी आरके रावत पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से राजन और आरव को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। गंभीर घायल काजल को राजकीय मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सूचना पर एसडीएम सदानंद सरोज और सीओ प्रवीण मलिक मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य एकत्र किए।
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घायल पत्नी को नहीं बताया इकलौते बेटे की मौत के बारे में
पुवायां। अरविंद को जब हादसे की जानकारी मिली तो वह बदहवास हालत में घर लौट आए। बंडा सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद वह घायल पत्नी काजल को मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां बार-बार बेटे के बारे में पूछने पर अरविंद ने आंसू रोकते हुए काजल को यही बताया कि आरव ठीक है। आरव घर का इकलौता छोटा बच्चा होने के कारण सभी का लाडला था।
खुद राजमिस्त्री, फिर भी मकान के निर्माण में हुई चूक
अरविंद के भाई राजन राजमिस्त्री का काम करते थे। करीब एक माह पहले बने उनके मकान के निर्माण में भी कई खामियां सामने आई हैं। मकान के पूरब में राजाराम का कच्चा मकान है। अरविंद के मकान की दोनों ओर पट्टी की दीवारें बनाई गई थीं, लेकिन पिलर नहीं बनाए गए थे। लिंटर का पूरा भार इन्हीं दीवारों पर था। बारिश के कारण राजाराम के मकान की कच्ची दीवार अरविंद के मकान की पट्टी की दीवार पर गिरी। मिट्टी का भारी दबाव पड़ने से दीवार ढह गई और इसके साथ ही लिंटर भी नीचे आ गिरा। मलबे में दबकर राजन और आरव की मौत हो गई।
चार बार आवेदन, फिर भी नहीं मिला आवास
राजाराम मजदूरी करते हैं। परिवार कच्ची कोठरी व छप्पर के नीचे रहता है। राजाराम के मुताबिक उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए बंडा ब्लॉक में चार बार आवेदन किया, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। करीब दो साल इंतजार के बाद उन्होंने आवेदन करना भी छोड़ दिया। राजाराम का कहना है कि समय रहते आवास योजना का लाभ मिल गया होता तो कच्ची दीवार नहीं होती और हादसा टल सकता था।
डीएम और एसपी ने जाना घायल काजल का हाल
घायल काजल का हाल जानने के लिए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी सौरभ दीक्षित राजकीय मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को काजल का बेहतर उपचार कराने के निर्देश दिए। साथ ही परिजनों से घटना की जानकारी लेकर शीघ्र हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।
मामले की जांच कराई जा रही है। दैवीय आपदा के तहत दोनों मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। नया आवास भी दिलाया जाएगा। आवेदन के बावजूद राजाराम को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ क्यों नहीं मिला, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। -सदानंद सरोज, एसडीएम, पुवायां