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Shahjahanpur News: इस वर्ष भी बाढ़ से राहत के आसार कम...धरातल पर नहीं उतर सकीं परियोजनाएं
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ककरा स्थित गर्रा नदी के पुल को ऊंचा करने का चल रहा काम। संवाद
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शाहजहांपुर। पिछले दो वर्षों से आ रही बाढ़ की आपदा से इस वर्ष भी बचाव मुश्किल होगा। गर्रा नदी पर ककरा में बने पुल को ऊपर उठाने के अलावा अन्य कार्य अभी धरातल पर नहीं उतरे हैं। खन्नौत नदी से लोधीपुर क्षेत्र में आनी वाली बाढ़ से बचाव के लिए रिवर फ्रंट बनाने की मंजूरी मिल गई है, लेकिन अब तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। बरसात आने में चार महीने बचे हैं। ऐसे में बाढ़ आने पर फिर से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
पिछले दो वर्षों से गर्रा और खन्नौत नदी में बाढ़ आ रही है। बाढ़ से नदियों के आसपास कॉलोनियों में पानी घुस जाता हैं। इसमें शहर की पॉश कॉलोनियां भी शामिल हैं। बाढ़ में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। लोगों का बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ है। इसको देखते हुए प्रशासन ने कई परियोजनाओं पर काम करने के लिए रणनीति बनाई थी।
छह परियोजनाएं अभी पाइपलाइन में हैं। बस न्यू ककरा सिटी में गर्रा नदी का पुल ऊंचा करने का काम शुरू हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि तीन माह में पुल ऊंचा कर दिया जाएगा। इससे नदी में तेज बहाव से आने वाला पानी पुल से नहीं टकराएगा। बाढ़ का असर आसपास की कॉलोनियों में नहीं होगा।
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खन्नौत नदी किनारे रिवर फ्रंट बनना नहीं हुआ शुरू
लोधीपुर में खन्नौत नदी किनारे 274 मीटर का रिवर फ्रंट बनाए जाने की मंजूरी कई माह पहले मिल चुकी है। रिवर फ्रंट आठ करोड़ 60 लाख की लागत से तैयार हो पाएगा। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी नगर निगम की ओर से उनको कार्ययोजना बनाकर नहीं दी गई है। इसकी वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जुलाई में बारिश और बाढ़ का सीजन शुरू हो जाता है। चार माह में रिवर फ्रंट बनना मुश्किल है। इससे लोधीपुर वासियों को फिर से बाढ़ में मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। ब्रज विहार कॉलोनी में भी पानी भरने से दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
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स्वीकृत परियोजनाओं को नहीं मिली वित्तीय स्वीकृति
सदर तहसील ददरौल क्षेत्र में गर्रा नदी के दाएं किनारे पर स्थित गांव शाहबाजपुर सरौरा और सरौरी आदि गांवों के आसपास गर्रा नदी का कटान रोकने के लिए निरोधक कार्य किए जाने हैं। इसी क्षेत्र में गर्रा नदी पर चांदापुर बरकतपुर गांव के पास कटाव निरोधक कार्य होने हैं। तिलहर क्षेत्र में देवहा नदी पर गांव सरथापुर व बेहड़ आदि में कटान को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे। सदर क्षेत्र में गर्रा नदी किनारे स्थित बेहटा शाहबाजनगर बांध पर बोल्डर पिचिंग कार्य किया जाना है। कटरा क्षेत्र में बहगुल नदी पर गांव धर्मपुर कंकलिया और दूसरे किनारे पर गांव बकैनिया आदि में गांवों की सुरक्षा के लिए कटाव निरोधक कार्य प्रस्तावित हैं। जलालाबाद क्षेत्र में बहगुल नदी किनारे स्थित गांव रघुनाथपुर में बाढ़ से सुरक्षा के लिए निरोधक कार्य होने हैं। वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने पर अब तक इन परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है। बारिश और बाढ़ के सीजन तक इन पर काम होना मुश्किल है।
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पिछले दो वर्ष से आ रही बाढ़ में पानी घर में घुस जाता है। दो वर्षों से काफी नुकसान हो रहा है। प्रशासन बाढ़ से बचाव के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
- कमलेशा
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दो वर्ष से लगातार बाढ़ आने से घर में पानी भर जाता है। इससे सामान खराब हो चुका है। इस बार फिर बाढ़ आने का अंदेशा जताया जा रहा है। अगर बाढ़ से बचाव नहीं किया गया तो फिर से घरों में पानी भरेगा।
- महिमा
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पहले बाढ़ आने पर घरों में पानी नहीं भरता था। पिछले दो वर्षों से बाढ़ आने पर घरों में पानी भर जाता है। इससे काफी नुकसान होता है। बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन को प्रयास करने चाहिए।
- नीलम मिश्रा
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बाढ़ आने पर घर के बाहर पानी भर जाता है। छत से सीढ़ी लगाकर दूसरी गली से निकलना पड़ता है। घर में पानी भरने से दो वर्ष से लगातार नुकसान हो रहा है। नगर निगम में कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद घर के बाहर रोड नहीं बनाई गई है।
- सुधा
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खन्नौत नदी किनारे लोधीपुर में बाढ़ से बचाव के लिए रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जाना है, लेकिन अभी तक नगर निगम की ओर से इसकी कार्ययोजना नहीं मिल पाई है। कार्ययोजना मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- सुनील भास्कर, एक्सईएन सिंचाई विभाग
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गर्रा नदी पर बने पुल को ऊंचा करने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए है कि कार्य जल्द पूरा किया जाए। काम कठिन होने की वजह से समय लग रहा है।
- बिजेंद्र मौर्य, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
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पिछले दो वर्षों से गर्रा और खन्नौत नदी में बाढ़ आ रही है। बाढ़ से नदियों के आसपास कॉलोनियों में पानी घुस जाता हैं। इसमें शहर की पॉश कॉलोनियां भी शामिल हैं। बाढ़ में लोगों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ती है। लोगों का बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ है। इसको देखते हुए प्रशासन ने कई परियोजनाओं पर काम करने के लिए रणनीति बनाई थी।
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छह परियोजनाएं अभी पाइपलाइन में हैं। बस न्यू ककरा सिटी में गर्रा नदी का पुल ऊंचा करने का काम शुरू हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि तीन माह में पुल ऊंचा कर दिया जाएगा। इससे नदी में तेज बहाव से आने वाला पानी पुल से नहीं टकराएगा। बाढ़ का असर आसपास की कॉलोनियों में नहीं होगा।
खन्नौत नदी किनारे रिवर फ्रंट बनना नहीं हुआ शुरू
लोधीपुर में खन्नौत नदी किनारे 274 मीटर का रिवर फ्रंट बनाए जाने की मंजूरी कई माह पहले मिल चुकी है। रिवर फ्रंट आठ करोड़ 60 लाख की लागत से तैयार हो पाएगा। कार्यदायी संस्था सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी नगर निगम की ओर से उनको कार्ययोजना बनाकर नहीं दी गई है। इसकी वजह से काम शुरू नहीं हो पा रहा है। जुलाई में बारिश और बाढ़ का सीजन शुरू हो जाता है। चार माह में रिवर फ्रंट बनना मुश्किल है। इससे लोधीपुर वासियों को फिर से बाढ़ में मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा। ब्रज विहार कॉलोनी में भी पानी भरने से दिक्कत का सामना करना पड़ेगा।
स्वीकृत परियोजनाओं को नहीं मिली वित्तीय स्वीकृति
सदर तहसील ददरौल क्षेत्र में गर्रा नदी के दाएं किनारे पर स्थित गांव शाहबाजपुर सरौरा और सरौरी आदि गांवों के आसपास गर्रा नदी का कटान रोकने के लिए निरोधक कार्य किए जाने हैं। इसी क्षेत्र में गर्रा नदी पर चांदापुर बरकतपुर गांव के पास कटाव निरोधक कार्य होने हैं। तिलहर क्षेत्र में देवहा नदी पर गांव सरथापुर व बेहड़ आदि में कटान को रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे। सदर क्षेत्र में गर्रा नदी किनारे स्थित बेहटा शाहबाजनगर बांध पर बोल्डर पिचिंग कार्य किया जाना है। कटरा क्षेत्र में बहगुल नदी पर गांव धर्मपुर कंकलिया और दूसरे किनारे पर गांव बकैनिया आदि में गांवों की सुरक्षा के लिए कटाव निरोधक कार्य प्रस्तावित हैं। जलालाबाद क्षेत्र में बहगुल नदी किनारे स्थित गांव रघुनाथपुर में बाढ़ से सुरक्षा के लिए निरोधक कार्य होने हैं। वित्तीय स्वीकृति नहीं मिलने पर अब तक इन परियोजनाओं पर काम शुरू नहीं हो पाया है। बारिश और बाढ़ के सीजन तक इन पर काम होना मुश्किल है।
पिछले दो वर्ष से आ रही बाढ़ में पानी घर में घुस जाता है। दो वर्षों से काफी नुकसान हो रहा है। प्रशासन बाढ़ से बचाव के लिए कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
- कमलेशा
दो वर्ष से लगातार बाढ़ आने से घर में पानी भर जाता है। इससे सामान खराब हो चुका है। इस बार फिर बाढ़ आने का अंदेशा जताया जा रहा है। अगर बाढ़ से बचाव नहीं किया गया तो फिर से घरों में पानी भरेगा।
- महिमा
पहले बाढ़ आने पर घरों में पानी नहीं भरता था। पिछले दो वर्षों से बाढ़ आने पर घरों में पानी भर जाता है। इससे काफी नुकसान होता है। बाढ़ से बचाव के लिए प्रशासन को प्रयास करने चाहिए।
- नीलम मिश्रा
बाढ़ आने पर घर के बाहर पानी भर जाता है। छत से सीढ़ी लगाकर दूसरी गली से निकलना पड़ता है। घर में पानी भरने से दो वर्ष से लगातार नुकसान हो रहा है। नगर निगम में कई बार प्रार्थना पत्र देने के बाद घर के बाहर रोड नहीं बनाई गई है।
- सुधा
खन्नौत नदी किनारे लोधीपुर में बाढ़ से बचाव के लिए रिवर फ्रंट का निर्माण कराया जाना है, लेकिन अभी तक नगर निगम की ओर से इसकी कार्ययोजना नहीं मिल पाई है। कार्ययोजना मिलते ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- सुनील भास्कर, एक्सईएन सिंचाई विभाग
गर्रा नदी पर बने पुल को ऊंचा करने का काम चल रहा है। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए है कि कार्य जल्द पूरा किया जाए। काम कठिन होने की वजह से समय लग रहा है।
- बिजेंद्र मौर्य, प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम

ककरा स्थित गर्रा नदी के पुल को ऊंचा करने का चल रहा काम। संवाद

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