{"_id":"69c97a857795f738920680e0","slug":"following-the-discovery-of-a-skull-a-sack-filled-with-bones-was-found-in-a-dried-up-pond-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1003-169290-2026-03-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: खोपड़ी मिलने के बाद सूखे तालाब में मिली हड्डियों से भरी बोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: खोपड़ी मिलने के बाद सूखे तालाब में मिली हड्डियों से भरी बोरी
विज्ञापन
विज्ञापन
सेहरामऊ दक्षिणी (शाहजहांपुर)। बरेंग गांव में शनिवार को सुबह सेवाराम के सरसों के खेत में मानव खोपड़ी मिलने के बाद रविवार को गांव के किनारे सूखे तालाब में हड्डियों से भरी बोरी मिलने से ग्रामीणों में फिर हड़कंप मच गया। हालांकि, सूचना पाकर मौके पर पहुंची डायल 112 पुलिस टीम ने हड्डियां बकरे और मुर्गे की बताकर उन्हें एक गड्ढे में दफन करा दिया।
शनिवार को सुबह सेवाराम के खेत में खोपड़ी और कुछ हड्डियां पाए जाने पर उन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए मोर्चरी भिजवा दिया था। खोपड़ी मिलने पर गांव की महिलाओं के साथ मौके पर पहुंचे राम निवास वर्मा ने उसकी पहचान गत 31 जनवरी को बहला फुसलाकर अपहृत की गई अपनी पत्नी के दांतों की बनावट और ब्लाउज से चंद्रावती उर्फ चंदा के रूप में की थी।
हालांकि, पुलिस अपहृत महिला के पति और गांव की महिलाओं के स्तर से की गई गई पहचान से संतुष्ट नहीं है, इसलिए खोपड़ी समेत मौके पर मिली हड्डियों की डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है।
पुलिस टीम ने शनिवार को गांव वालों के साथ आसपास के खेतों, तालाब, झाड़ियों और बागों में खोपड़ी से संबंधित धड़ के हिस्से को काफी तलाश किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। रविवार को सुबह गांव वालों ने फिर से धड़ की तलाश शुरू की। इस दौरान उन्हें गांव के बाहर एक सूखे तालाब में हड्डियों से भरी बोरी मिल गई।
सूचना पाकर गांव पहुंची पुलिस ने हड्डियां किसी मानव के बजाय पशुओं की बताकर उन्हें दफन करा दिया। थाना प्रभारी उमेश चंद्र मिश्र के अनुसार खोपड़ी और उसके साथ मिली हड्डियों की डीएनए जांच से ही स्पष्ट होगा कि वह अपहृत महिला की हैं अथवा किसी अन्य व्यक्ति की।
Trending Videos
शनिवार को सुबह सेवाराम के खेत में खोपड़ी और कुछ हड्डियां पाए जाने पर उन्हें पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के लिए मोर्चरी भिजवा दिया था। खोपड़ी मिलने पर गांव की महिलाओं के साथ मौके पर पहुंचे राम निवास वर्मा ने उसकी पहचान गत 31 जनवरी को बहला फुसलाकर अपहृत की गई अपनी पत्नी के दांतों की बनावट और ब्लाउज से चंद्रावती उर्फ चंदा के रूप में की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
हालांकि, पुलिस अपहृत महिला के पति और गांव की महिलाओं के स्तर से की गई गई पहचान से संतुष्ट नहीं है, इसलिए खोपड़ी समेत मौके पर मिली हड्डियों की डीएनए जांच कराने की तैयारी कर रही है।
पुलिस टीम ने शनिवार को गांव वालों के साथ आसपास के खेतों, तालाब, झाड़ियों और बागों में खोपड़ी से संबंधित धड़ के हिस्से को काफी तलाश किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। रविवार को सुबह गांव वालों ने फिर से धड़ की तलाश शुरू की। इस दौरान उन्हें गांव के बाहर एक सूखे तालाब में हड्डियों से भरी बोरी मिल गई।
सूचना पाकर गांव पहुंची पुलिस ने हड्डियां किसी मानव के बजाय पशुओं की बताकर उन्हें दफन करा दिया। थाना प्रभारी उमेश चंद्र मिश्र के अनुसार खोपड़ी और उसके साथ मिली हड्डियों की डीएनए जांच से ही स्पष्ट होगा कि वह अपहृत महिला की हैं अथवा किसी अन्य व्यक्ति की।