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गंगा में उफान : कई गांवों के संपर्क मार्गों पर बह रहा पानी
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मिर्जापुर क्षेत्र में गांव के संपर्क मार्ग पर बाढ़ के पानी से गुजरते ग्रामीण। संवाद
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मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। गंगा में शनिवार को फिर उफान बढ़ गया। बीते 24 घंटों में भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर दस सेमी बढ़कर 143.15 मीटरगेज हो गया। हालांंकि, गंगा अभी खतरे के निशान से 50 सेमी नीचे बह रही है और शमसाबाद-जलालाबाद स्टेट हाईवे भी पूरी तरह सुरक्षित होने से उस पर सामान्य आवागमन जारी है, लेकिन बाढ़तटीय गांवों की ओर फिर बढ़ने लगी है और कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी बहने से ग्रामीणों का आवागमन असुरक्षित हो गया है।
बिजनौर के मध्य गंगा बैराज से बृहस्पतिवार की रात दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पास किया गया। पानी शुक्रवार की रात जिले की सीमा में आने पर गंगा में उफान बढ़ने लगा। अतिरिक्त पानी की यह खेप शनिवार शाम तक यहां से निकलती रही। इसीलिए जलस्तर बढ़ने पर गंगा के आसपास बसे करीब दो दर्जन गांवों की ओर बाढ़ का पानी फैलने से कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए।
पैलानी उत्तर गांव का मजरा आजादनगर बाढ़ से फिर घिर चुका है। गांव निवासी लईक, साबिर, ईशाक आदि ने बताया कि इस बार पहले से ज्यादा पानी गांव के पास आ गया है। पैलानी के मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ फुट पानी बह रहा है। इसी मार्ग से होकर कटैलानगला , मस्जिदनगला , मोतीनगला, बांसखेड़ा आदि गांवों के लोग निकलने के लिए मजबूर हैं।
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संपर्क मार्ग पर तेज रफ्तार से पानी बहने से स्कूल जाने वाले बच्चे भी अपनी जान जोखिम में डाल कर इसी मार्ग से निकल रहे हैं। मस्जिदनगला और इस्लामनगर संपर्क मार्ग पर दो जगह ज्यादा पानी आ जाने से ग्रामीण नाव के सहारे रास्ता पार कर रहे हैं।
मस्जिदनगला निवासी जामुन, चमन खां, खुशनूर आदि ने बताया कि गांव में कई जानवर बीमार हैं। उनका कहना है कि गत वर्ष बाढ़ के दौरान पशुओं का टीकाकरण किया गया था और तबसे गांव में पशुओं को टीके लगाने कोई नहीं आया है। बाढ़ का पानी भरा रहने से संक्रामक रोग भी बढ़ रहे हैं। इससे झोलाछापों के यहां मरीज बढ़ रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि बाढ़ की आशंका के मद्देनजर बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
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बिजनौर के मध्य गंगा बैराज से बृहस्पतिवार की रात दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पास किया गया। पानी शुक्रवार की रात जिले की सीमा में आने पर गंगा में उफान बढ़ने लगा। अतिरिक्त पानी की यह खेप शनिवार शाम तक यहां से निकलती रही। इसीलिए जलस्तर बढ़ने पर गंगा के आसपास बसे करीब दो दर्जन गांवों की ओर बाढ़ का पानी फैलने से कई गांवों के संपर्क मार्ग डूब गए।
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पैलानी उत्तर गांव का मजरा आजादनगर बाढ़ से फिर घिर चुका है। गांव निवासी लईक, साबिर, ईशाक आदि ने बताया कि इस बार पहले से ज्यादा पानी गांव के पास आ गया है। पैलानी के मुख्य मार्ग पर करीब डेढ़ फुट पानी बह रहा है। इसी मार्ग से होकर कटैलानगला , मस्जिदनगला , मोतीनगला, बांसखेड़ा आदि गांवों के लोग निकलने के लिए मजबूर हैं।
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संपर्क मार्ग पर तेज रफ्तार से पानी बहने से स्कूल जाने वाले बच्चे भी अपनी जान जोखिम में डाल कर इसी मार्ग से निकल रहे हैं। मस्जिदनगला और इस्लामनगर संपर्क मार्ग पर दो जगह ज्यादा पानी आ जाने से ग्रामीण नाव के सहारे रास्ता पार कर रहे हैं।
मस्जिदनगला निवासी जामुन, चमन खां, खुशनूर आदि ने बताया कि गांव में कई जानवर बीमार हैं। उनका कहना है कि गत वर्ष बाढ़ के दौरान पशुओं का टीकाकरण किया गया था और तबसे गांव में पशुओं को टीके लगाने कोई नहीं आया है। बाढ़ का पानी भरा रहने से संक्रामक रोग भी बढ़ रहे हैं। इससे झोलाछापों के यहां मरीज बढ़ रहे हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि बाढ़ की आशंका के मद्देनजर बचाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।

मिर्जापुर क्षेत्र में गांव के संपर्क मार्ग पर बाढ़ के पानी से गुजरते ग्रामीण। संवाद

मिर्जापुर क्षेत्र में गांव के संपर्क मार्ग पर बाढ़ के पानी से गुजरते ग्रामीण। संवाद