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Shahjahanpur News: कम हुआ गंगा का जलस्तर, लेकिन फसलें डूबी होने से किसान परेशान
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जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर पानी से गुजरते लोग व जानवर। संवाद
- फोटो : 1
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कलान/मिर्जापुर (शाहजहांपुर)। गंगा में उफान थमने के साथ बुधवार को भैंसार बांध पर जलस्तर 33 सेमी घटकर 143.10 मीटरगेज हो गया। गंगा खतरे के निशान से 55 सेमी नीचे आ जाने से तटीय गांवों से बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया है। जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर भी पानी कम हो रहा है। इससे ग्रामीणों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन नदी किनारे के खेतों में भरे पानी में फसलें डूबी होने से किसान बहुत परेशान हैं। पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए हरा चारे का संकट हो गया है।
गंगा में पानी घटने से शमसाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा बगरखेत गांव के पास सिर्फ 50-60 मीटर के दायरे में बाढ़ का करीब आधा फुट से कम पानी बह रहा है। इसके साथ ही हाईवे पर फिर से सभी तरह के वाहन निकलने लगे हैं, लेकिन नगला बसोला, आजादनगर, इस्लामनगर आदि कई तटीय गांवों के संपर्क मार्ग अब तक डूबे होने से गांव वालों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
आजादनगर गांव के चारों ओर निचले हिस्सों में पानी भरा होने से दूर से गांव टापू जैसा दिख रहा है। तटीय गांव अभिचारपुर, बांसखेड़ा, बटन नगला, लुहारन नगला, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पोथी नगला आदि के रास्ते भी अब तक कई जगह डूबे हैं। आजादनगर की इस्तान, कामिल आदि ने बताया कि मवेशियों के लिए हरा चारा तलाश करने के उन्हें दूर तक जाना पड़ रहा है।
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-- डबरी घाट पर पांच सेमी उफनाई रामगंगा, परौर में कई जगह ठोकरें बहीं
शाहजहांपुर। रामगंगा में उफान बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर बुधवार को पांच सेमी बढ़कर 134.44 मीटरगेज हो गया। बावजूद इसके रामगंगा खतरे के निशान से अभी 2.86 मीटर नीचे है।
परौर। रामगंगा में पानी बढ़ने से मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर पचिमी आदि गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मंगलवार की रात रामगंगा के तेज बहाव में भूमि कटान से सुरक्षा देने के लिए सिंचाई विभाग के शारदा नहर खंड की ओर से बनाई गईं पत्थर और वायर क्रेट की 14 ठोकरों में कई बह गईं। कलान के तहसीलदार स्रजित कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में बुधवार को कमी आ जाने से बाढ़ के हालात टल गए हैं। सभी गांवों के आबादी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और कुछ गांवों के बाहरी हिस्सों के तालाबों-पोखरों में पानी भरा हुआ है। रामगंगा अभी खतरे के निशान से बहुत नीचे है। तहसील की सभी एक दर्जन बाढ़ चौकियों और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पशुओं के लिए चारे-भूसे की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। संवाद
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बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। गंगा का पानी कम हो गया है। पानी का बहाव आबादी क्षेत्र से दूर है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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तेज बारिश की संभावना, यलो अलर्ट जारी
शाहजहांपुर। पिछले 24 घंटों में 14 मिमी बारिश हुई। इसके असर से गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन उमस ने परेशान किया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 24 घंटे में तेज बारिश होने का यलो अलर्ट जारी किया है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ.मनमोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार की रात से बुधवार दोपहर तक 14 मिमी बारिश हुई। अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की गिरावट आई। उन्होंने बताया कि वायुदाब 19 मिलीबार गिरा हुआ है। दक्षिणी हवा चल रही है। आर्द्रता 85 फीसदी होने से वातावरण में नमी बनी हुई है। इनके असर से बारिश होने के आसार बन रहे हैं। संवाद
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गंगा में पानी घटने से शमसाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा बगरखेत गांव के पास सिर्फ 50-60 मीटर के दायरे में बाढ़ का करीब आधा फुट से कम पानी बह रहा है। इसके साथ ही हाईवे पर फिर से सभी तरह के वाहन निकलने लगे हैं, लेकिन नगला बसोला, आजादनगर, इस्लामनगर आदि कई तटीय गांवों के संपर्क मार्ग अब तक डूबे होने से गांव वालों का आवागमन प्रभावित हो रहा है।
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आजादनगर गांव के चारों ओर निचले हिस्सों में पानी भरा होने से दूर से गांव टापू जैसा दिख रहा है। तटीय गांव अभिचारपुर, बांसखेड़ा, बटन नगला, लुहारन नगला, इस्लामनगर, मस्जिद नगला, पोथी नगला आदि के रास्ते भी अब तक कई जगह डूबे हैं। आजादनगर की इस्तान, कामिल आदि ने बताया कि मवेशियों के लिए हरा चारा तलाश करने के उन्हें दूर तक जाना पड़ रहा है।
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शाहजहांपुर। रामगंगा में उफान बढ़ रहा है। फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर बुधवार को पांच सेमी बढ़कर 134.44 मीटरगेज हो गया। बावजूद इसके रामगंगा खतरे के निशान से अभी 2.86 मीटर नीचे है।
परौर। रामगंगा में पानी बढ़ने से मोहनपुर, बिचपुरी, नारायणनगर पचिमी आदि गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। मंगलवार की रात रामगंगा के तेज बहाव में भूमि कटान से सुरक्षा देने के लिए सिंचाई विभाग के शारदा नहर खंड की ओर से बनाई गईं पत्थर और वायर क्रेट की 14 ठोकरों में कई बह गईं। कलान के तहसीलदार स्रजित कुमार ने बताया कि गंगा के जलस्तर में बुधवार को कमी आ जाने से बाढ़ के हालात टल गए हैं। सभी गांवों के आबादी क्षेत्र पूरी तरह सुरक्षित हैं और कुछ गांवों के बाहरी हिस्सों के तालाबों-पोखरों में पानी भरा हुआ है। रामगंगा अभी खतरे के निशान से बहुत नीचे है। तहसील की सभी एक दर्जन बाढ़ चौकियों और एनडीआरएफ की टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पशुओं के लिए चारे-भूसे की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी। संवाद
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बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। गंगा का पानी कम हो गया है। पानी का बहाव आबादी क्षेत्र से दूर है।
-अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
तेज बारिश की संभावना, यलो अलर्ट जारी
शाहजहांपुर। पिछले 24 घंटों में 14 मिमी बारिश हुई। इसके असर से गर्मी से थोड़ी राहत मिली लेकिन उमस ने परेशान किया। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 24 घंटे में तेज बारिश होने का यलो अलर्ट जारी किया है।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ.मनमोहन सिंह ने बताया कि मंगलवार की रात से बुधवार दोपहर तक 14 मिमी बारिश हुई। अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में भी 0.4 डिग्री की गिरावट आई। उन्होंने बताया कि वायुदाब 19 मिलीबार गिरा हुआ है। दक्षिणी हवा चल रही है। आर्द्रता 85 फीसदी होने से वातावरण में नमी बनी हुई है। इनके असर से बारिश होने के आसार बन रहे हैं। संवाद