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Shahjahanpur News: बलिदानियों की प्रतिमाएं हटाने में गाइडलाइन रह गई किनारे, निलंबित एई-जेई का फंसना तय
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टाउनहॉल स्थित नगर निगम परिसर में लगीं अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं। संवाद
- फोटो : Archive
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शाहजहांपुर। नगर निगम दफ्तर से सटे स्थल से अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं हटाने के लिए गाइडलाइन भी तैयार की गई थी, मगर किनारे ही रखी रह गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गाइडलाइन जेई प्रमोद कुमार और एई मनोज कुमार ने कार्यदायी संस्था तक पहुंचाई ही नहीं थी। इसी वजह से उन्हें निलंबित किया गया और अब जांच में भी उनका फंसना तय माना जा रहा है। वहीं फर्म के चयन पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि प्रथम दृष्टया उसे शहीदों की प्रतिमाएं हटाने का तरीका ही नहीं पता था।
नगर निगम कार्यालय की पूरब दिशा में बाउंड्री के बाहर स्थित अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को लगभग 12 फुट पीछे खिसकाया जाना था। उसके पीछे दशकों पुराना पीपल का पेड़ है। लखनऊ की फर्म मेसर्स फ्लाई इंफ्राटेक को स्टील रेलिंग लगाने के साथ ही प्रतिमाओं को पीछे शिफ्ट कर उनका सुंदरीकरण करना था। इन सब कामों का 40 लाख रुपये का ठेका हुआ था।
घटना होने के बाद एक सवाल यह भी उठा था कि आखिरकार फर्म को जेसीबी मशीन कैसे मिल गई। इसका तो नगर आयुक्त के पास जवाब है कि फर्म को जेसीबी किराये पर दी गई थी। चूंकि फर्म को सिर्फ प्रतिमाएं ही नहीं हटाना थी, बल्कि कई और निर्माण कार्य के लिए खोदाई करना थी, इसलिए उसे किराये पर दे दी गई थी। यह किराया बाद में फर्म को भुगतान के समय काटा जाना था। इसलिए जेसीबी मशीन के इस्तेमाल के बाबत कोई सवाल नहीं किया गया।
यह जरूर हुआ कि छुट्टी के दिन जेसीबी मशीन का इस्तेमाल प्रतिमाएं हटाने में ही कर लिया गया। प्रतिमाएं कैसे हटेंगी, इसकी गाइडलाइन तैयार की गई थी। नगर आयुक्त के मुताबिक इस गाइडलाइन के अनुसार जेई को अपने सामने यह काम कराना था और उसका पर्यवेक्षण एई को करना था। पता चला है कि यह गाइडलाइन 22 मार्च तक जेई-एई ने फर्म को दी ही नहीं। जबकि फर्म के काम शुरू होते ही उसे दे देना चाहिए था। फर्म के लोग भी अनाड़ी ही निकले। एक प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद दूसरी को भी जेसीबी मशीन से हटाया और वह भी क्षतिग्रस्त हो गई। जेई-एई को गाइडलाइन का पालन कराने में लापरवाही के कारण ही निलंबित किया गया है। इसलिए उनका जांच में भी फंसना लगभग तय है। यह जांच अपर आयुक्त (प्रशासन) को सौंपी गई है।
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यह थी गाइडलाइन
प्रतिमाओं को बेहद सावधानी के साथ छेनी-हथौड़ी से उसके बेस से निकाला जाना चाहिए था। बेस पर ऊपर दिखने वाली प्रतिमा का काफी हिस्सा पकड़ बनाए रखने के लिए बेस पिलर में दबा होता है। इसलिए छेनी-हथौड़ी से ही यह संभव था। प्रतिमाओं को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण ढंग से निकलाने के बाद महापौर या नगर आयुक्त के कक्ष में किसी ऊंची जगह पर रखना था, लेकिन ऐसा न कर फर्म गड़बड़ी कर बैठी।
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पुलिस ने शुरू की जांच, बयान दर्ज किए
सदर बाजार थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नक्शा बनाने के साथ सीसी फुटेज खंगाले हैं। इसके अलावा वादी के साथ ही इंजीनियरों और फर्म के एक कर्मचारी के बयान दर्ज किए हैं। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दर्ज प्राथमिकी में धारा गिरफ्तारी की नहीं हैं। तथ्य व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार फर्म ने प्रतिमाओं को हटाने का कार्य मानक के मुताबिक नहीं किया। साइट इंजीनियर जेई और उसका पर्यवेक्षण करने वाले एई ने ठेकेदार को इस संबंध में सही से निर्देशित नहीं किया, जिसकी वजह से यह घटना घटी। प्रतिमाओं को बेहद सावधानीपूर्वक निकाला जाना चाहिए था। पुलिस को जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
-डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा, नगर आयुक्त
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कांग्रेसी निकालेंगे शहीद सम्मान यात्रा, मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे
प्रतिमाओं के क्षतिग्रस्त होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए कांग्रेसी शहीद सम्मान यात्रा निकालेंंगे। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने कहा कि शहीदों का सम्मान सर्वोपरि है। अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रतिमाओं को किसके आदेश से क्षतिग्रस्त किया गया। कांग्रेस जल्द अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह के पैतृक गांव नवादा से शहर स्थित अशफाक उल्ला खां की मजार और फिर खिरनीबाग स्थित पं. रामप्रसाद बिस्मिल के मकान तक यात्रा निकालेगी। इसके साथ ही कांग्रेस का एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराएगा। कांग्रेस शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों पर कार्रवाई तक पूरी लड़ाई लड़ेगी।
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नगर निगम कार्यालय की पूरब दिशा में बाउंड्री के बाहर स्थित अमर बलिदानियों की प्रतिमाओं को लगभग 12 फुट पीछे खिसकाया जाना था। उसके पीछे दशकों पुराना पीपल का पेड़ है। लखनऊ की फर्म मेसर्स फ्लाई इंफ्राटेक को स्टील रेलिंग लगाने के साथ ही प्रतिमाओं को पीछे शिफ्ट कर उनका सुंदरीकरण करना था। इन सब कामों का 40 लाख रुपये का ठेका हुआ था।
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घटना होने के बाद एक सवाल यह भी उठा था कि आखिरकार फर्म को जेसीबी मशीन कैसे मिल गई। इसका तो नगर आयुक्त के पास जवाब है कि फर्म को जेसीबी किराये पर दी गई थी। चूंकि फर्म को सिर्फ प्रतिमाएं ही नहीं हटाना थी, बल्कि कई और निर्माण कार्य के लिए खोदाई करना थी, इसलिए उसे किराये पर दे दी गई थी। यह किराया बाद में फर्म को भुगतान के समय काटा जाना था। इसलिए जेसीबी मशीन के इस्तेमाल के बाबत कोई सवाल नहीं किया गया।
यह जरूर हुआ कि छुट्टी के दिन जेसीबी मशीन का इस्तेमाल प्रतिमाएं हटाने में ही कर लिया गया। प्रतिमाएं कैसे हटेंगी, इसकी गाइडलाइन तैयार की गई थी। नगर आयुक्त के मुताबिक इस गाइडलाइन के अनुसार जेई को अपने सामने यह काम कराना था और उसका पर्यवेक्षण एई को करना था। पता चला है कि यह गाइडलाइन 22 मार्च तक जेई-एई ने फर्म को दी ही नहीं। जबकि फर्म के काम शुरू होते ही उसे दे देना चाहिए था। फर्म के लोग भी अनाड़ी ही निकले। एक प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के बाद दूसरी को भी जेसीबी मशीन से हटाया और वह भी क्षतिग्रस्त हो गई। जेई-एई को गाइडलाइन का पालन कराने में लापरवाही के कारण ही निलंबित किया गया है। इसलिए उनका जांच में भी फंसना लगभग तय है। यह जांच अपर आयुक्त (प्रशासन) को सौंपी गई है।
यह थी गाइडलाइन
प्रतिमाओं को बेहद सावधानी के साथ छेनी-हथौड़ी से उसके बेस से निकाला जाना चाहिए था। बेस पर ऊपर दिखने वाली प्रतिमा का काफी हिस्सा पकड़ बनाए रखने के लिए बेस पिलर में दबा होता है। इसलिए छेनी-हथौड़ी से ही यह संभव था। प्रतिमाओं को सुरक्षित और सम्मानपूर्ण ढंग से निकलाने के बाद महापौर या नगर आयुक्त के कक्ष में किसी ऊंची जगह पर रखना था, लेकिन ऐसा न कर फर्म गड़बड़ी कर बैठी।
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पुलिस ने शुरू की जांच, बयान दर्ज किए
सदर बाजार थाने की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नक्शा बनाने के साथ सीसी फुटेज खंगाले हैं। इसके अलावा वादी के साथ ही इंजीनियरों और फर्म के एक कर्मचारी के बयान दर्ज किए हैं। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दर्ज प्राथमिकी में धारा गिरफ्तारी की नहीं हैं। तथ्य व साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ठेकेदार फर्म ने प्रतिमाओं को हटाने का कार्य मानक के मुताबिक नहीं किया। साइट इंजीनियर जेई और उसका पर्यवेक्षण करने वाले एई ने ठेकेदार को इस संबंध में सही से निर्देशित नहीं किया, जिसकी वजह से यह घटना घटी। प्रतिमाओं को बेहद सावधानीपूर्वक निकाला जाना चाहिए था। पुलिस को जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है।
-डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा, नगर आयुक्त
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कांग्रेसी निकालेंगे शहीद सम्मान यात्रा, मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे
प्रतिमाओं के क्षतिग्रस्त होने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई के लिए कांग्रेसी शहीद सम्मान यात्रा निकालेंंगे। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने कहा कि शहीदों का सम्मान सर्वोपरि है। अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रतिमाओं को किसके आदेश से क्षतिग्रस्त किया गया। कांग्रेस जल्द अमर बलिदानी ठाकुर रोशन सिंह के पैतृक गांव नवादा से शहर स्थित अशफाक उल्ला खां की मजार और फिर खिरनीबाग स्थित पं. रामप्रसाद बिस्मिल के मकान तक यात्रा निकालेगी। इसके साथ ही कांग्रेस का एक शिष्टमंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर उन्हें सारी स्थिति से अवगत कराएगा। कांग्रेस शहीदों के सम्मान को ठेस पहुंचाने वालों पर कार्रवाई तक पूरी लड़ाई लड़ेगी।