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Shahjahanpur News: कीचड़ और गड्ढों ने रोका ई-बसों का संचालन
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ककरा में इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से नहीं निकल पा रहीं ई-बसें। संवाद
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शाहजहांपुर। ककरा पुल पर संपर्क मार्ग का निर्माण पूरा न होने और ककरा से विद्युत उपकेंद्र तक कच्चे मार्ग पर जलभराव व गड्ढे के कारण ई-बस सेवा का संचालन दूसरे दिन भी ठप रहा। सड़क को समतल किए जाने पर ही बस सेवा शुरू होने की उम्मीद है।
25 ई-बसों में से 21 का संचालन हो रहा है। ककरा पुल ऊंचा किए जाने के कारण ककरा से उपकेंद्र होते हुए बसें निकाली जा रही थीं। मार्ग के निर्माण को लेकर ई-बस सेवा के अफसरों ने नगर निगम से कई बार पत्राचार किए। बारिश होने पर कच्चा मार्ग बदहाल हो गया। बृहस्पतिवार दोपहर एक ई-बस कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते में फंस गई।
काफी प्रयास के बाद उसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया। मार्ग पर पानी भरे गड्ढों के कारण बसों का निचला हिस्सा जमीन से टकरा रहा है, जिससे बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरणों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। पहले भी कई बसों की बैटरी खराब हो चुकी हैं, इसलिए अब दोबारा जोखिम नहीं लिया जा सकता। ऐसे में शुक्रवार को भी ई-बसों का संचालन ठप रहा। वहीं, ककरा पुल पर संपर्क मार्ग बनने का काम प्रारंभ हुए करीब 20 दिन हो चुके हैं। अब तक सड़क नहीं बनाई जा सकी है। ऐसे में भी दिक्कत आ रही है।
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कच्चे रास्ते पर डाला मलबा, नहीं बनी बात
ई-बस सेवा बंद होने से कच्चे रास्ते पर केवल मलबा डलवाया गया है, जो पर्याप्त नहीं है। सड़क पर ईंट, पत्थर और रोड़े न होने से फिसलन बनी हुई है। दोनों ओर नीची जमीन होने के कारण बस के अनियंत्रित होने पर हादसे की आशंका भी बनी रहती है। 21 ई-बसों को जिले के विभिन्न रूटों पर चलाया जा रहा है। तीन बसों का बैटरी पैनल नहीं होने के कारण लंबे समय से खड़ी हैं। एक में एसी का पुर्जा खराब होने से संचालन रोका गया है। बसों के संचालन प्रभावित होने से प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
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सड़क बनवाने के लिए पूर्व में नगर निगम में पत्र दिया था। सड़क बन जाती तो ई-बस सेवा का संचालन जारी रहता है। सड़क पर पर्याप्त मलबा और मजबूत भराव डलवाया जाए, जिससे समस्या का समाधान हो सके।
-गुलशन कुमार, प्रभारी ई-बस सेवा
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25 ई-बसों में से 21 का संचालन हो रहा है। ककरा पुल ऊंचा किए जाने के कारण ककरा से उपकेंद्र होते हुए बसें निकाली जा रही थीं। मार्ग के निर्माण को लेकर ई-बस सेवा के अफसरों ने नगर निगम से कई बार पत्राचार किए। बारिश होने पर कच्चा मार्ग बदहाल हो गया। बृहस्पतिवार दोपहर एक ई-बस कच्चे और कीचड़ भरे रास्ते में फंस गई।
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काफी प्रयास के बाद उसे ट्रैक्टर की मदद से बाहर निकाला गया। मार्ग पर पानी भरे गड्ढों के कारण बसों का निचला हिस्सा जमीन से टकरा रहा है, जिससे बैटरी और अन्य तकनीकी उपकरणों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। पहले भी कई बसों की बैटरी खराब हो चुकी हैं, इसलिए अब दोबारा जोखिम नहीं लिया जा सकता। ऐसे में शुक्रवार को भी ई-बसों का संचालन ठप रहा। वहीं, ककरा पुल पर संपर्क मार्ग बनने का काम प्रारंभ हुए करीब 20 दिन हो चुके हैं। अब तक सड़क नहीं बनाई जा सकी है। ऐसे में भी दिक्कत आ रही है।
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कच्चे रास्ते पर डाला मलबा, नहीं बनी बात
ई-बस सेवा बंद होने से कच्चे रास्ते पर केवल मलबा डलवाया गया है, जो पर्याप्त नहीं है। सड़क पर ईंट, पत्थर और रोड़े न होने से फिसलन बनी हुई है। दोनों ओर नीची जमीन होने के कारण बस के अनियंत्रित होने पर हादसे की आशंका भी बनी रहती है। 21 ई-बसों को जिले के विभिन्न रूटों पर चलाया जा रहा है। तीन बसों का बैटरी पैनल नहीं होने के कारण लंबे समय से खड़ी हैं। एक में एसी का पुर्जा खराब होने से संचालन रोका गया है। बसों के संचालन प्रभावित होने से प्रतिदिन करीब एक लाख रुपये के राजस्व का नुकसान होने का अनुमान है।
सड़क बनवाने के लिए पूर्व में नगर निगम में पत्र दिया था। सड़क बन जाती तो ई-बस सेवा का संचालन जारी रहता है। सड़क पर पर्याप्त मलबा और मजबूत भराव डलवाया जाए, जिससे समस्या का समाधान हो सके।
-गुलशन कुमार, प्रभारी ई-बस सेवा

ककरा में इसी क्षतिग्रस्त रास्ते से नहीं निकल पा रहीं ई-बसें। संवाद