{"_id":"6ade5e2bc6aeb285c80e207f","slug":"newspaper-vendors-house-caught-fire-lifes-savings-reduced-to-ashes-shahjahanpur-news-c-122-1-spn1004-188347-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: अखबार विक्रेता के मकान में लगी आग, जिंदगीभर की कमाई राख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: अखबार विक्रेता के मकान में लगी आग, जिंदगीभर की कमाई राख
विज्ञापन
कोतवाली के मोहल्ला बिजलीपुरा में समाचार पत्र विक्रेता के मकान में लगी आग से जला सामान। संवाद
- फोटो : doda news
शाहजहांपुर। चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बिजलीपुरा में शनिवार रात समाचार पत्र विक्रेता राममूर्ति के मकान में अज्ञात कारण से आग लग गई। हादसे में पीड़ित परिवार की जिंदगीभर की जमा-पूंजी जल गई।
राममूर्ति मकान की पहली मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहते हैं, जबकि नीचे उनके बड़े भाई रामऔतार का परिवार रहता है। शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे राममूर्ति अपनी पत्नी माधुरी देवी और बच्चों के साथ ओसीएफ रामलीला मेला देखने के लिए घर से निकले। परिवार अभी कचहरी के पास पहुंचा ही था कि घर से भतीजी ने कॉल कर आग लगने की सूचना दी।
राममूर्ति किसी तरह घर पहुंचे। अपनी आंखों के सामने अपनी पूरी गृहस्थी को जलता देख उनके कदम लड़खड़ा गए। पड़ोसियों ने ढांढस बंधाते हुए उन्हें संभाला। स्थानीय लोगों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रविवार को राजस्व विभाग की टीम ने जांच की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. बीएन पटेल ने बताया कि सूचना पर फायर टीम मौके पर भेजी गई थी। जिसने आग पर काबू पाया।
विज्ञापन
--
बेटी की शादी के आभूषण और बच्चों के सपने जले
राममूर्ति ने बताया कि आग में उनके 35 हजार रुपये, आभूषण, जरूरी कागजात और घर का सारा सामान जल गया। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी के लिए जोड़कर कुछ आभूषण बनाकर रखे थे, वे भी आग की भेंट चढ़ गए। बच्चों की पढ़ाई की सारी किताबें जल गईं। हादसे के बाद से उनकी पत्नी माधुरी, बेटे सचिन, सौरभ, लकी और बेटियां संजना व प्राची गहरे सदमे में हैं।
विज्ञापन
राममूर्ति मकान की पहली मंजिल पर अपने परिवार के साथ रहते हैं, जबकि नीचे उनके बड़े भाई रामऔतार का परिवार रहता है। शनिवार की रात करीब साढ़े आठ बजे राममूर्ति अपनी पत्नी माधुरी देवी और बच्चों के साथ ओसीएफ रामलीला मेला देखने के लिए घर से निकले। परिवार अभी कचहरी के पास पहुंचा ही था कि घर से भतीजी ने कॉल कर आग लगने की सूचना दी।
विज्ञापन
राममूर्ति किसी तरह घर पहुंचे। अपनी आंखों के सामने अपनी पूरी गृहस्थी को जलता देख उनके कदम लड़खड़ा गए। पड़ोसियों ने ढांढस बंधाते हुए उन्हें संभाला। स्थानीय लोगों ने करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रविवार को राजस्व विभाग की टीम ने जांच की। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. बीएन पटेल ने बताया कि सूचना पर फायर टीम मौके पर भेजी गई थी। जिसने आग पर काबू पाया।
विज्ञापन
बेटी की शादी के आभूषण और बच्चों के सपने जले
राममूर्ति ने बताया कि आग में उनके 35 हजार रुपये, आभूषण, जरूरी कागजात और घर का सारा सामान जल गया। उन्होंने बताया कि बेटी की शादी के लिए जोड़कर कुछ आभूषण बनाकर रखे थे, वे भी आग की भेंट चढ़ गए। बच्चों की पढ़ाई की सारी किताबें जल गईं। हादसे के बाद से उनकी पत्नी माधुरी, बेटे सचिन, सौरभ, लकी और बेटियां संजना व प्राची गहरे सदमे में हैं।