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Shahjahanpur News: पीएनजी ने पकड़ी रफ्तार...चार माह में दोगुने से ज्यादा कनेक्शन
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लोधीपुर के घरों में पड़ी पीएनजी पाइपलाइन। संवाद
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शाहजहांपुर। रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के बीच पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) लोगों को राहत का विकल्प नजर आने लगी है। पिछले चार माह में जिले में पीएनजी कनेक्शन की संख्या दोगुने से भी अधिक हो गई है। जहां चार माह पहले करीब तीन हजार उपभोक्ता पीएनजी का इस्तेमाल कर रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर सात हजार पहुंच गई है। इसके अलावा 20 हजार से अधिक लोगों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण कराया है।
लोधीपुर, इंदिरानगर, ब्रज विहार, महमंद हद्दफ, महमंद जलालनगर, आवास-विकास, लाला तेली बजरिया, बाडूजई प्रथम, बाडूजई द्वितीय, कांट रोड, बरेली रोड, बीबीजई हद्दफ आदि मोहल्लों में पीएनजी लाइन बिछ गई है। वर्तमान में मदराखेल, छावनी, सुभाषनगर में पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है।
पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर सरकार की ओर से भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए नए क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। पीएनजी की ओर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का रुझान भी बढ़ रहा है। चार माह पहले जिले में केवल तीन व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर सात हो गई है। 11 नए कनेक्शन के लिए अनुबंध भी हो चुका है। जमौर स्थित एक औद्योगिक इकाई में भी पीएनजी कनेक्शन दिया जा चुका है।
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सिलिंडर के मुकाबले सस्ती और सुविधाजनक
अधिकारियों के मुताबिक पीएनजी की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिये सीधे घरों और प्रतिष्ठानों तक होती है। इससे सिलिंडर की तरह बार-बार बुकिंग, डिलीवरी और खत्म होने की चिंता नहीं रहती। उपभोक्ता को मीटर के अनुसार हर माह बिल का भुगतान करना होता है। परिवहन लागत कम होने के कारण पीएनजी अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती है। पीएनजी हवा से हल्की होती है। ऐसे में रिसाव होने पर यह ऊपर की ओर चली जाती है, जबकि एलपीजी हवा से भारी होने के कारण नीचे जमा हो सकती है। इसी वजह से पीएनजी को अपेक्षाकृत सुरक्षित ईंधन भी माना जाता है।
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होटल-ढाबों में भी पीएनजी को बढ़ावा
होटल, रेस्तरां और ढाबों में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की खपत अधिक होती है। ऐसे प्रतिष्ठानों को पीएनजी से जोड़ने के लिए जिला पूर्ति विभाग और भारत पेट्रोलियम की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों से पीएनजी पाइपलाइन गुजर रही है, वहां के प्रतिष्ठान संचालकों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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एक उपभोक्ता के पास नहीं रहेंगे दो कनेक्शन
जिले में करीब सात हजार उपभोक्ता पीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूर्ति विभाग के मुताबिक सरकार ऐसा पोर्टल तैयार कर रही है, जिससे पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं का एलपीजी कनेक्शन भी चिह्नित हो सकेगा। इसके बाद उनका एलपीजी कनेक्शन बंद कराकर सिलिंडर सरेंडर कराए जाएंगे। यानी एक उपभोक्ता के पास एक ही घरेलू गैस कनेक्शन रखने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
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जिले में गैस कनेक्शन की स्थिति
- 7.25 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन
- 1,100 व्यावसायिक एलपीजी कनेक्शन
- 7,000 पीएनजी कनेक्शन
- 20 हजार से अधिक पीएनजी के लिए पंजीकृत उपभोक्ता
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लगातार बढ़ रहा पीएनजी का दायरा
जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर सरकार की ओर से जोर दिया जा रहा है। विस्तार का काम तेजी से चल रहा है और उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। नए क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर पीएनजी पाइपलाइन का विस्तार और अधिक क्षेत्रों में किया जाएगा।
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लोधीपुर, इंदिरानगर, ब्रज विहार, महमंद हद्दफ, महमंद जलालनगर, आवास-विकास, लाला तेली बजरिया, बाडूजई प्रथम, बाडूजई द्वितीय, कांट रोड, बरेली रोड, बीबीजई हद्दफ आदि मोहल्लों में पीएनजी लाइन बिछ गई है। वर्तमान में मदराखेल, छावनी, सुभाषनगर में पाइप लाइन डालने का कार्य चल रहा है।
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पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर सरकार की ओर से भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए नए क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। पीएनजी की ओर घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का रुझान भी बढ़ रहा है। चार माह पहले जिले में केवल तीन व्यावसायिक पीएनजी कनेक्शन थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर सात हो गई है। 11 नए कनेक्शन के लिए अनुबंध भी हो चुका है। जमौर स्थित एक औद्योगिक इकाई में भी पीएनजी कनेक्शन दिया जा चुका है।
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सिलिंडर के मुकाबले सस्ती और सुविधाजनक
अधिकारियों के मुताबिक पीएनजी की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिये सीधे घरों और प्रतिष्ठानों तक होती है। इससे सिलिंडर की तरह बार-बार बुकिंग, डिलीवरी और खत्म होने की चिंता नहीं रहती। उपभोक्ता को मीटर के अनुसार हर माह बिल का भुगतान करना होता है। परिवहन लागत कम होने के कारण पीएनजी अपेक्षाकृत सस्ती पड़ती है। पीएनजी हवा से हल्की होती है। ऐसे में रिसाव होने पर यह ऊपर की ओर चली जाती है, जबकि एलपीजी हवा से भारी होने के कारण नीचे जमा हो सकती है। इसी वजह से पीएनजी को अपेक्षाकृत सुरक्षित ईंधन भी माना जाता है।
होटल-ढाबों में भी पीएनजी को बढ़ावा
होटल, रेस्तरां और ढाबों में व्यावसायिक गैस सिलिंडर की खपत अधिक होती है। ऐसे प्रतिष्ठानों को पीएनजी से जोड़ने के लिए जिला पूर्ति विभाग और भारत पेट्रोलियम की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिन क्षेत्रों से पीएनजी पाइपलाइन गुजर रही है, वहां के प्रतिष्ठान संचालकों को पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
एक उपभोक्ता के पास नहीं रहेंगे दो कनेक्शन
जिले में करीब सात हजार उपभोक्ता पीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। पूर्ति विभाग के मुताबिक सरकार ऐसा पोर्टल तैयार कर रही है, जिससे पीएनजी कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं का एलपीजी कनेक्शन भी चिह्नित हो सकेगा। इसके बाद उनका एलपीजी कनेक्शन बंद कराकर सिलिंडर सरेंडर कराए जाएंगे। यानी एक उपभोक्ता के पास एक ही घरेलू गैस कनेक्शन रखने की व्यवस्था लागू की जाएगी।
जिले में गैस कनेक्शन की स्थिति
- 7.25 लाख घरेलू एलपीजी कनेक्शन
- 1,100 व्यावसायिक एलपीजी कनेक्शन
- 7,000 पीएनजी कनेक्शन
- 20 हजार से अधिक पीएनजी के लिए पंजीकृत उपभोक्ता
लगातार बढ़ रहा पीएनजी का दायरा
जिला पूर्ति अधिकारी चमन शर्मा ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर सरकार की ओर से जोर दिया जा रहा है। विस्तार का काम तेजी से चल रहा है और उपभोक्ताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। नए क्षेत्रों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर पीएनजी पाइपलाइन का विस्तार और अधिक क्षेत्रों में किया जाएगा।