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शब-ए-बरात : इबादत में गुजारी रात...गुनाहों की माफी मांगी
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मदरसा अत्तारिया जलालनगर में कार्यक्रम में शब-ए-बरात की जानकारी देते गुलाम मुर्तजा। स्रोत: मदरसा
- फोटो : स्वयं
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शाहजहांपुर। शब-ए-बरात की रात इबादत करते हुए गुजरी। लोगों ने इबादत करने के साथ ही गुनाहों के लिए माफी मांगी और दुनिया से जा चुके लोगों के लिए दुआ की। लोगों ने कब्रिस्तान में चिरागा भी किया। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस का पहरा भी रहा। बुधवार को रोजा भी रखा जाएगा।
शाबान का महीना शुरू होते ही चांद की 14 तारीख को शब-ए-बरात की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। मंगलवार शाम से लोग इबादत के लिए तैयार हो गए। घरों में नियाज के बाद कब्रिस्तान में चिरागा कर अपनों को याद किया। मरहूमों की मगफिरत के लिए फातिहा पढ़कर दुआ की।
मस्जिदों और घरों में विशेष नमाज, कुरान की तिलावत और इबादत का सिलसिला जारी रहा। इस बीच मस्जिदों और दरगाहों को बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। छोटा खुतबा में हकीम शफीकुर्रहमान का उर्स भी मनाया गया। अकीदतमंदों ने दरगाह पर गुलपोशी व चादरपोशी की। शहर काजी सैयद मसूद हसन ने बताया कि मुकद्दस रात में दुनिया में अमन, भाईचारे और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की जाती है, साथ ही अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखी जाती है।
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फोटो 40
शब-ए-बरात की फजीलत बताई
मदरसा अत्तारिया तारीन जलालनगर में शब-ए-बरात की फजीलत बताई गई। हाफिज गुलाम मुर्तजा ने बच्चों को बताया कि शबे-बरात मुबारक और रहमतों वाली रात है। यह रात तौबा और तकदीर के फैसलों की रात है। इसलिए हम सभी को दुरूद शरीफ पढ़ना चाहिए। प्रबंधक मोहम्मद रिजवान भी मौजूद रहे।
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मस्जिदों और घरों में विशेष नमाज, कुरान की तिलावत और इबादत का सिलसिला जारी रहा। इस बीच मस्जिदों और दरगाहों को बिजली की रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। छोटा खुतबा में हकीम शफीकुर्रहमान का उर्स भी मनाया गया। अकीदतमंदों ने दरगाह पर गुलपोशी व चादरपोशी की। शहर काजी सैयद मसूद हसन ने बताया कि मुकद्दस रात में दुनिया में अमन, भाईचारे और मुल्क की तरक्की के लिए दुआ की जाती है, साथ ही अपने गुनाहों की माफी मांगते हुए अल्लाह की रहमत की उम्मीद रखी जाती है।
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शब-ए-बरात की फजीलत बताई
मदरसा अत्तारिया तारीन जलालनगर में शब-ए-बरात की फजीलत बताई गई। हाफिज गुलाम मुर्तजा ने बच्चों को बताया कि शबे-बरात मुबारक और रहमतों वाली रात है। यह रात तौबा और तकदीर के फैसलों की रात है। इसलिए हम सभी को दुरूद शरीफ पढ़ना चाहिए। प्रबंधक मोहम्मद रिजवान भी मौजूद रहे।
