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Shahjahanpur News: सोलर लाइटों से जगमगाएगा शहर...रफ्तार भरेंगे ई-वाहन
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मनोरमा शुक्ला। स्रोत: स्वयं
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शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट में सोलर ऊर्जा पर फोकस करते हुए विकसित करने पर जोर दिया है। इससे शहर की सड़कें सोलर लाइटों से जगमग होंगी, साथ ही लंबे रूटों पर भी ई-बसें चलाने की तैयारी है। सोलर पैनल प्लांट लगवाना भी आसान होगा।
नगर निगम की ओर से 21 सिटी बस सेवाओं का शहर के अंदर संचालन हो रहा है। इसके लिए चार्जिंग प्वाइंट भी ककरा में संचालित है। बसों को शहर के अंदर संचालित किया जा रहा है। इन बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा था। इसके आदेश में बदलाव करते हुए नगर की सीमा में चलाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जल्द ही ग्रामीण इलाकों समेत लंबी दूरी पर ई-बसों में सफर करने का मौका मिलेगा।
इसके लिए दस ई-बसें शीघ्र मिलने वाली हैं। इनके लिए शहर व पुवायां बस अड्डा पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गईं। इसी तरह रोडवेज बस अड्डे के पास निजी वाहनों के लिए भी चार्जिंग प्वाइंट बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है। सरकार के सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के कदम के बाद घरों व प्रतिष्ठानों में सोलर पैनल प्लांट लगवाना भी आसान हो जाएगा।
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नगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी
नगर निगम को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर में स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए 360 सिंगल सोलर लाइट और 20 हाईमास्ट लाइट लगाने की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई। नगर निगम को भी लाखों रुपये की बचत हर माह शुरू हो जाएगी। नगर निगम की ओर सरकारी, अर्द्ध सरकारी भवनों, नगर निगम के कार्यालयों, ट्यूबवेल, पार्को, वार्डों में सोलर पैनल, सोलर लाइटें लगाई स्थापित की जाएंगी। नगर निगम व नेडा विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर सरकारी भवनों की छतों पर सोलर रूफटाॅप संयंत्र स्थापित कर बिजली का उत्पादन करेगा। नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि स्ट्रीट लाइट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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कोविड में गोता लगाने वाली जीडीपी ने फिर पकड़ी रफ्तार
जिले की जीडीपी अब कोरोनाकाल में लगे झटके से उभर रही है। जनपद के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2023-24 में 16311.31 करोड़ रुपये है। इससे पहले वर्ष 2022-23 कोरोनाकाल में जीडीपी घटकर 1318027 रह गई थी। इससे पहले वर्ष 2021-22 में 14842.35 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2024-25 की जीडीपी के आंकड़े अभी शासन की ओर से जारी नहीं हुए हैं। बजट में उद्योगों पर विशेष बल देने के कारण जीडीपी में इजाफा होने की संभावना है।
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सकल घरेलू उत्पाद की तीन वर्षों की स्थिति करोड़ में
वर्ष बाजार मूल्य (करोड़ में)
2021-22 14842.35
2022-23 1318027
2023-24 16311.31
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बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहींं बल्कि विकास-उन्मुख रणनीति का प्रतिबिंब है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। युवा, तकनीक, रोजगार और महिला सशक्तीकरण के अलावा खेल और खिलाड़ियों को भी मजबूत समर्थन देने के संकेत बजट में स्पष्ट दिखाई देते हैं। बजट से प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और समाज के विविध वर्गों के कल्याण को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
- डॉ.पुनीत मनीषी, अध्यक्ष, स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग, जीएफ कॉलेज
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बजट में लखपति दीदी जैसी योजनाएं प्रशंसनीय हैं। दिव्यांगजन को आगे बढ़ाने के लिए बजट देना भी सराहनीय पहल है। बजट प्रदेश के सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। हाईवे, सड़क, निर्माण कार्य को प्रमुखता देते हुए कार्य किया गया। इससे क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे।
- डॉ.मनोरमा शुक्ला, अर्थशास्त्री-आर्य महिला डिग्री कॉलेज
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बजट में एमएसएमई पर ध्यान दिया गया है। डेयरी पर फोकस करने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम के रूप में बदला जाएगा। पीपीई मॉडल के तहत मेडिकल एजुकेशन रिसर्च सेंटर खोले जाएंगे। उद्योग केंद्र की योजनाओं के माध्यम से नए उद्यमियों को लाभ देने का कार्य भी किया है। नए उद्योग लगाने के लिए शासन की ओर से चलाई गईं योजनाओं की निगरानी नहीं होने से दिक्कत आती है। इस पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
- प्रदीप कुमार गुप्ता, सीए
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नगर निगम की ओर से 21 सिटी बस सेवाओं का शहर के अंदर संचालन हो रहा है। इसके लिए चार्जिंग प्वाइंट भी ककरा में संचालित है। बसों को शहर के अंदर संचालित किया जा रहा है। इन बसों को ग्रामीण क्षेत्रों में चलाया जा रहा था। इसके आदेश में बदलाव करते हुए नगर की सीमा में चलाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन जल्द ही ग्रामीण इलाकों समेत लंबी दूरी पर ई-बसों में सफर करने का मौका मिलेगा।
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इसके लिए दस ई-बसें शीघ्र मिलने वाली हैं। इनके लिए शहर व पुवायां बस अड्डा पर चार्जिंग प्वाइंट बनाने के लिए जगह चिह्नित कर ली गईं। इसी तरह रोडवेज बस अड्डे के पास निजी वाहनों के लिए भी चार्जिंग प्वाइंट बनाने की दिशा में कार्य चल रहा है। सरकार के सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के कदम के बाद घरों व प्रतिष्ठानों में सोलर पैनल प्लांट लगवाना भी आसान हो जाएगा।
नगर को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की तैयारी
नगर निगम को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। शहर में स्ट्रीट लाइट लगवाने के लिए 360 सिंगल सोलर लाइट और 20 हाईमास्ट लाइट लगाने की टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई। नगर निगम को भी लाखों रुपये की बचत हर माह शुरू हो जाएगी। नगर निगम की ओर सरकारी, अर्द्ध सरकारी भवनों, नगर निगम के कार्यालयों, ट्यूबवेल, पार्को, वार्डों में सोलर पैनल, सोलर लाइटें लगाई स्थापित की जाएंगी। नगर निगम व नेडा विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर सरकारी भवनों की छतों पर सोलर रूफटाॅप संयंत्र स्थापित कर बिजली का उत्पादन करेगा। नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा ने बताया कि स्ट्रीट लाइट के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो गई है।
कोविड में गोता लगाने वाली जीडीपी ने फिर पकड़ी रफ्तार
जिले की जीडीपी अब कोरोनाकाल में लगे झटके से उभर रही है। जनपद के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्ष 2023-24 में 16311.31 करोड़ रुपये है। इससे पहले वर्ष 2022-23 कोरोनाकाल में जीडीपी घटकर 1318027 रह गई थी। इससे पहले वर्ष 2021-22 में 14842.35 करोड़ रुपये थी। वर्ष 2024-25 की जीडीपी के आंकड़े अभी शासन की ओर से जारी नहीं हुए हैं। बजट में उद्योगों पर विशेष बल देने के कारण जीडीपी में इजाफा होने की संभावना है।
सकल घरेलू उत्पाद की तीन वर्षों की स्थिति करोड़ में
वर्ष बाजार मूल्य (करोड़ में)
2021-22 14842.35
2022-23 1318027
2023-24 16311.31
बजट केवल आर्थिक दस्तावेज नहींं बल्कि विकास-उन्मुख रणनीति का प्रतिबिंब है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार व आधारभूत संरचना पर विशेष ध्यान दिया गया है। युवा, तकनीक, रोजगार और महिला सशक्तीकरण के अलावा खेल और खिलाड़ियों को भी मजबूत समर्थन देने के संकेत बजट में स्पष्ट दिखाई देते हैं। बजट से प्रदेश की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और समाज के विविध वर्गों के कल्याण को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
- डॉ.पुनीत मनीषी, अध्यक्ष, स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग, जीएफ कॉलेज
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बजट में लखपति दीदी जैसी योजनाएं प्रशंसनीय हैं। दिव्यांगजन को आगे बढ़ाने के लिए बजट देना भी सराहनीय पहल है। बजट प्रदेश के सभी नागरिकों के हितों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ाने पर ध्यान दिया गया है। हाईवे, सड़क, निर्माण कार्य को प्रमुखता देते हुए कार्य किया गया। इससे क्षेत्र के विकास को पंख लगेंगे।
- डॉ.मनोरमा शुक्ला, अर्थशास्त्री-आर्य महिला डिग्री कॉलेज
बजट में एमएसएमई पर ध्यान दिया गया है। डेयरी पर फोकस करने के साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में प्राइमरी स्कूलों को स्मार्ट क्लासरूम के रूप में बदला जाएगा। पीपीई मॉडल के तहत मेडिकल एजुकेशन रिसर्च सेंटर खोले जाएंगे। उद्योग केंद्र की योजनाओं के माध्यम से नए उद्यमियों को लाभ देने का कार्य भी किया है। नए उद्योग लगाने के लिए शासन की ओर से चलाई गईं योजनाओं की निगरानी नहीं होने से दिक्कत आती है। इस पर भी ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है।
- प्रदीप कुमार गुप्ता, सीए

मनोरमा शुक्ला। स्रोत: स्वयं

मनोरमा शुक्ला। स्रोत: स्वयं
