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Shahjahanpur News: घूमते छुट्टा पशु सफर करने वालों के लिए बने खतरा
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जलालाबाद में गांव लहसना के सामने गंगा एक्सप्रेस वे पर मौजूद छुट्टा पशु। संवाद
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जलालाबाद। गंगा एक्सप्रेसवे पर घूमने वाले छुट्टा पशु न केवल सफर करने वालों के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं, बल्कि हाईटेक बताई जाने वाली निगरानी व्यवस्था के दावों की पोल भी खोल रहे हैं। अभी एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू हुए ढाई माह बीते हैं, लेकिन पशुओं सहित पैदल व्यक्ति की पहुंच रोकने के लिए एक्सप्रेसवे के किनारे बनाई गई सीमेंट की दीवार और लोहे की फेंसिंग कई जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। वहीं से पशु अंदर घुसकर ऊपर एक्सप्रेसवे तक पहुंच जाते हैं।
एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के बाद छुट्टा पशु लौटने का रास्ता ढूंढ़ नहीं पाते और लंबे समय तक वहीं घूमते रहते हैं। इसीलिए एक्सप्रेसवे पर छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां एक्सप्रेसवे की ऊंचाई कम है, उस हिस्से में किनारे अवरोधक के तौर पर सीमेंट की दीवार बनाई गई और हवाई पट्टी वाले 3.5 किमी लंबे क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लोहे के एंगल वाली जाली की फेंसिंग की गई थी।
अब कई स्थानों पर दीवार टूट गई है या फिर लोगों ने अपनी आने-जाने की सुविधा के लिए तोड़ दी है। अतिवरा गांव के सामने एक्सप्रेसवे के किनारे बनाई गई दीवार करीब 20 मीटर टूट चुकी है। हवाई पट्टी के किनारे की फेसिंग भी कई स्थानों पर मिट्टी धंस जाने से गिरने के कगार पर है। गत 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने शुभारंभ कर एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोला था। इस दौरान एक्सप्रेसवे की सुरक्षा को लेकर कई दावे किए गए थे, लेकिन यहां-वहां घूमते छुट्टा पशु सुरक्षा इंतजामों को पलीता लगा रहे है। शनिवार को एक्सप्रेसवे पर मौजूद पशुओं के झुंड का एक वीडियो सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।
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पटरी की धंसी मिट्टी भी सुरक्षा के लिए खतरा
पहली बरसात में ही एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पटरी की मिट्टी धंस गई या फिर पानी के बहाव में बह जाने से कई जगह पर बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। पीरू गांव के सामने बनी हवाई पट्टी के किनारों की धंसी पटरी खतरनाक मानी जा रही है। बरेली हाईवे के अतिबरा मोड़ से लेकर हवाई पट्टी तक करीब दस किमी की दूरी में ऐसे दर्जनों ठिकाने हैं, जहां बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के किनारे की पटरी मिट्टी के बैठने और बह जाने से गड्ढे हो गए है। हवाई पट्टी की सुरक्षा को लगी लोहे के एंगल वाली फेसिंग भी मिट्टी के दरकने से कभी भी गिर सकती है।
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गंगा एक्सप्रेसवे पर छुट्टा पशुओं के घूमने की जानकारी मिली है। इस बारे में यूपीडा के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। बरसात में क्षतिग्रस्त हुई एक्सप्रेसवे की पटरी को दुरुस्त करने का काम निर्माण कंपनी ने शुरू भी करा दिया है। अन्य जरूरी सुरक्षा संबंधी उपाय भी अपनाए जाएंगे।
-रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन
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एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के बाद छुट्टा पशु लौटने का रास्ता ढूंढ़ नहीं पाते और लंबे समय तक वहीं घूमते रहते हैं। इसीलिए एक्सप्रेसवे पर छुट्टा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। जहां एक्सप्रेसवे की ऊंचाई कम है, उस हिस्से में किनारे अवरोधक के तौर पर सीमेंट की दीवार बनाई गई और हवाई पट्टी वाले 3.5 किमी लंबे क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ लोहे के एंगल वाली जाली की फेंसिंग की गई थी।
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अब कई स्थानों पर दीवार टूट गई है या फिर लोगों ने अपनी आने-जाने की सुविधा के लिए तोड़ दी है। अतिवरा गांव के सामने एक्सप्रेसवे के किनारे बनाई गई दीवार करीब 20 मीटर टूट चुकी है। हवाई पट्टी के किनारे की फेसिंग भी कई स्थानों पर मिट्टी धंस जाने से गिरने के कगार पर है। गत 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री ने शुभारंभ कर एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए खोला था। इस दौरान एक्सप्रेसवे की सुरक्षा को लेकर कई दावे किए गए थे, लेकिन यहां-वहां घूमते छुट्टा पशु सुरक्षा इंतजामों को पलीता लगा रहे है। शनिवार को एक्सप्रेसवे पर मौजूद पशुओं के झुंड का एक वीडियो सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता व पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप ने भी सोशल मीडिया पर साझा किया है।
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पटरी की धंसी मिट्टी भी सुरक्षा के लिए खतरा
पहली बरसात में ही एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पटरी की मिट्टी धंस गई या फिर पानी के बहाव में बह जाने से कई जगह पर बड़े-बड़े गहरे गड्ढे बन गए हैं। पीरू गांव के सामने बनी हवाई पट्टी के किनारों की धंसी पटरी खतरनाक मानी जा रही है। बरेली हाईवे के अतिबरा मोड़ से लेकर हवाई पट्टी तक करीब दस किमी की दूरी में ऐसे दर्जनों ठिकाने हैं, जहां बारिश के कारण एक्सप्रेसवे के किनारे की पटरी मिट्टी के बैठने और बह जाने से गड्ढे हो गए है। हवाई पट्टी की सुरक्षा को लगी लोहे के एंगल वाली फेसिंग भी मिट्टी के दरकने से कभी भी गिर सकती है।
गंगा एक्सप्रेसवे पर छुट्टा पशुओं के घूमने की जानकारी मिली है। इस बारे में यूपीडा के अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है। बरसात में क्षतिग्रस्त हुई एक्सप्रेसवे की पटरी को दुरुस्त करने का काम निर्माण कंपनी ने शुरू भी करा दिया है। अन्य जरूरी सुरक्षा संबंधी उपाय भी अपनाए जाएंगे।
-रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन

जलालाबाद में गांव लहसना के सामने गंगा एक्सप्रेस वे पर मौजूद छुट्टा पशु। संवाद

जलालाबाद में गांव लहसना के सामने गंगा एक्सप्रेस वे पर मौजूद छुट्टा पशु। संवाद