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Shahjahanpur News: यूपीपीसीएस की परीक्षा में लहराया सफलता का परचम
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इला सिंह। स्रोत : परिजन
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शाहजहांपुर। यूपीपीसीएस के रिजल्ट में शाहजहांपुर के युवाओं ने भी धाक जमाई है। अपनी मेहनत और मेधा के बल पर सफलता का परचम लहराया है। साथ ही लोगों को दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ हर लक्ष्य को पा लेने का संदेश भी दिया है।
शाहजहांपुर के सतवां बुजुर्ग गांव के रहने वाले निर्देश वर्मा का चयन वाणिज्य कर अधिकारी के रूप में हुआ है। उन्होंने 77वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में दिल्ली में भारत मौसम विज्ञान विभाग में वैज्ञानिक निर्देश कुमार वर्मा आईएएस बनना चाहते हैं। वह यूपीएससी का साक्षात्कार दे चुके हैं।
निर्देश ने बताया कि उनके पिता सोनपाल वर्मा का निधन 2003 में हुआ था तब वह छठी कक्षा में पढ़ते थे। इसके बाद मां सरला देवी की तबीयत खराब रहने लगी। एक छोटा भाई आदेश है। संघर्षों के बीच उन्होंने जीएफ कॉलेज से बीएससी किया।
इसके बाद आईआईटी दिल्ली से 2014 में फिजिक्स से एमएससी किया। 2019 में उनका चयन भारत मौसम विज्ञान विभाग में हो गया। 2021 से उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। यह उनका दूसरा प्रयास था। उन्होंने कहा कि नौकरी के साथ तैयारी करना थोड़ा मुश्किल जरूर था लेकिन वह कम से कम पांच-छह घंटे पढ़ाई जरूर करते थे।
कोचिंग लेने की बजाय सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई पर भरोसा रखा। उन्होंने कहा कि अगर मन में इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। निर्देश की पत्नी आकांक्षा शहर के बजरिया स्थित बेसिक विद्यालय में शिक्षिका हैं।
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पंचायत सहायक की संविदा नौकरी छोड़कर नायब तहसीलदार बनींं इला सिंह
निगोही। खिरिया पश्चिमी गांव के साधारण किसान परिवार में जन्मीं इला सिंह दूसरे प्रयास में यूपीपीसीएस की परीक्षा में 170वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार बनी हैं। उन्होंने संदेश दिया है कि लक्ष्य पर निगाह रखकर ईमानदारी से की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
गांव के सत्येंद्र सिंह और रीता की तीन संतानों में इला दो भाइयों के बीच इकलौती बहन हैं। उनके पिता किसान और पेशे से अधिवक्ता के नाते तिलहर तहसील में वकालत करते हैं।
स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय से बीएससी और एमए की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने वर्ष 2022 में एक वर्ष गांव में रहकर संविदा पर पंचायत सहायक की नौकरी की। बेहतर मुकाम हासिल करने के लिए उन्होंने वर्ष 2023 में यह नौकरी छोड़ दी और दिल्ली जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी शुरू कर दी। यूपीपीसीएस की परीक्षा में पहले प्रयास में वह विफल रहीं। दूसरे प्रयास में उन्होंने नायब तहसीलदार की नौकरी पक्की कर ली।
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पहले प्रयास में पाई 29वीं रैंक
शाहजहांपुर। शहर के दुर्गा इंक्लेव में रहने वालीं निकिता पहले ही प्रयास में 29वां स्थान पाकर सब रजिस्ट्रार बनी हैं। उनके छोटे भाई मोहित न्यायालय में स्टेनो हैं। निकिता मूलरूप से गाजियाबाद की रहने वालीं हैं। उनके पिता स्व. सतीश कुमार कलक्ट्रेट में कर्मचारी थे। बड़ी बहन निधि लेखपाल हैं। निकिता सिविल सर्विस के जरिये लोगों की सेवा करना चाहती हैं। वह एकाग्रचित्त भाव से पढ़ाई करने को सफलता की कुुंजी मानती हैं। संवाद
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शाहजहांपुर के सतवां बुजुर्ग गांव के रहने वाले निर्देश वर्मा का चयन वाणिज्य कर अधिकारी के रूप में हुआ है। उन्होंने 77वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में दिल्ली में भारत मौसम विज्ञान विभाग में वैज्ञानिक निर्देश कुमार वर्मा आईएएस बनना चाहते हैं। वह यूपीएससी का साक्षात्कार दे चुके हैं।
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निर्देश ने बताया कि उनके पिता सोनपाल वर्मा का निधन 2003 में हुआ था तब वह छठी कक्षा में पढ़ते थे। इसके बाद मां सरला देवी की तबीयत खराब रहने लगी। एक छोटा भाई आदेश है। संघर्षों के बीच उन्होंने जीएफ कॉलेज से बीएससी किया।
इसके बाद आईआईटी दिल्ली से 2014 में फिजिक्स से एमएससी किया। 2019 में उनका चयन भारत मौसम विज्ञान विभाग में हो गया। 2021 से उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू की। यह उनका दूसरा प्रयास था। उन्होंने कहा कि नौकरी के साथ तैयारी करना थोड़ा मुश्किल जरूर था लेकिन वह कम से कम पांच-छह घंटे पढ़ाई जरूर करते थे।
कोचिंग लेने की बजाय सेल्फ स्टडी और ऑनलाइन पढ़ाई पर भरोसा रखा। उन्होंने कहा कि अगर मन में इच्छाशक्ति मजबूत हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। निर्देश की पत्नी आकांक्षा शहर के बजरिया स्थित बेसिक विद्यालय में शिक्षिका हैं।
पंचायत सहायक की संविदा नौकरी छोड़कर नायब तहसीलदार बनींं इला सिंह
निगोही। खिरिया पश्चिमी गांव के साधारण किसान परिवार में जन्मीं इला सिंह दूसरे प्रयास में यूपीपीसीएस की परीक्षा में 170वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार बनी हैं। उन्होंने संदेश दिया है कि लक्ष्य पर निगाह रखकर ईमानदारी से की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
गांव के सत्येंद्र सिंह और रीता की तीन संतानों में इला दो भाइयों के बीच इकलौती बहन हैं। उनके पिता किसान और पेशे से अधिवक्ता के नाते तिलहर तहसील में वकालत करते हैं।
स्वामी शुकदेवानंद महाविद्यालय से बीएससी और एमए की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने वर्ष 2022 में एक वर्ष गांव में रहकर संविदा पर पंचायत सहायक की नौकरी की। बेहतर मुकाम हासिल करने के लिए उन्होंने वर्ष 2023 में यह नौकरी छोड़ दी और दिल्ली जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी शुरू कर दी। यूपीपीसीएस की परीक्षा में पहले प्रयास में वह विफल रहीं। दूसरे प्रयास में उन्होंने नायब तहसीलदार की नौकरी पक्की कर ली।
पहले प्रयास में पाई 29वीं रैंक
शाहजहांपुर। शहर के दुर्गा इंक्लेव में रहने वालीं निकिता पहले ही प्रयास में 29वां स्थान पाकर सब रजिस्ट्रार बनी हैं। उनके छोटे भाई मोहित न्यायालय में स्टेनो हैं। निकिता मूलरूप से गाजियाबाद की रहने वालीं हैं। उनके पिता स्व. सतीश कुमार कलक्ट्रेट में कर्मचारी थे। बड़ी बहन निधि लेखपाल हैं। निकिता सिविल सर्विस के जरिये लोगों की सेवा करना चाहती हैं। वह एकाग्रचित्त भाव से पढ़ाई करने को सफलता की कुुंजी मानती हैं। संवाद

इला सिंह। स्रोत : परिजन

इला सिंह। स्रोत : परिजन