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Shahjahanpur News: 30 हजार वर्गमीटर में की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त कराया
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चौक कोतवाली क्षेत्र के भेदपुर गांव में अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कराते एसडीए सचिव। स्रोत : एसडीए
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शाहजहांपुर। मनमाने ढंग से की जा रही प्लॉटिंग पर शाहजहांपुर विकास प्राधिकरण ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चौक कोतवाली क्षेत्र के भेदपुर गांव में 30 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में की जा रही प्लॉटिंग को एसडीए के अधिकारियों के निर्देश पर जेसीबी से ध्वस्त करा दिया गया। कॉलोनी का नक्शा पास नहीं था।
प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रवर्तन टीम ने भेदपुर गांव में कार्रवाई की। लगभग 30 हजार वर्गमीटर भूमि पर शाहजहांपुर महायोजना-2031 में उल्लेखित भू-उपयोग के विपरीत की गई अवैध आवासीय प्लाॅटिंग को ध्वस्त कराया गया।
प्लाॅटिंग समेत बाउंड्रीवॉल, सड़क, गेट आदि भी ध्वस्त करा दिए गए। इस दौरान प्राधिकरण के अवर अभियंता रमेश चंद्र वर्मा के साथ ही नगर निगम का प्रवर्तन टीम भी मौजूद रही।
सचिव अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किसी से भी जमीन खरीदते समय लोगों को कई बाताें का ध्यान रखना चाहिए। विक्रेता या कॉलोनी के विकासकर्ता से यह जरूर पूछें कि क्या प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत है अथवा नहीं। यदि प्राधिकरण की ओर से ले-आउट स्वीकृत है तो ही जमीन खरीदें।
यदि कोई विक्रेता यह कहता है कि उनके द्वारा मानचित्र प्राधिकरण में जमा कर दिया गया है या जल्द ही स्वीकृत हो जाएगा और उनके द्वारा मानचित्र दिखाया जा रहा है तो बिलकुल विश्वास नहीं करना है। भू-उपयोग के विपरीत या शासन की ओर से तय मानकों के विपरीत जमा कोई भी मानचित्र अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
सचिव ने बताया कि स्वीकृत ले-आउट में प्लाॅट लेते समय अवश्य ध्यान में रखें कि स्थल पर स्वीकृत ले-आउट के अनुसार ही पार्क, नाली, सीवर, सामुदायिक केंद्र इत्यादि विकास कार्य किया गया हो। स्वीकृत ले-आउट में दर्शित निर्धारित भू-खंडों के विपरीत बनाए गए कोई भी भू-खंड अनधिकृत रूप से विक्रय किए जाते हैं, जिन्हें प्राधिकरण स्वीकृत नहीं करता है। ऐसे भू-खंड न खरीदें जिससे जीवन की गाढ़ी कमाई खतरे में पड़ जाए।
तीन हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल तथा कुल आठ भूखंडों से अधिक विकसित की गई प्लाॅटिंग का पंजीकरण उप्र रेरा (उप्र रियल एस्टेट रेग्युलेरिटी ऑर्थिटी) में किया जाना अनिवार्य है। प्लाॅट खरीदते समय रेरा पंजीकरण संख्या की भी मांग अवश्य करें।
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सौ वर्ग मीटर से कम निर्माण पर स्वीकृति लेनी आवश्यक
एसडीए सचिव अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह तथ्य पूरी तरह से निराधार है कि सौ वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भू-खंडों पर निर्माण कराने के लिए कोई भी मानचित्र स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। सौ वर्गमीटर तक आकार के आवासीय भू-खंडों तथा 30 वर्गमीटर तक आकार के व्यावसायिक भू-खंडों पर निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए आवेदक को उप्र शासन की ओर से निर्गत ऑनलाइन पोर्टल (FASTPAS) पर स्वयं आवेदन कर न्यूनतम शासकीय शुल्क जमा करके बहुत ही कम समय में मानचित्र अनुज्ञा प्राप्त कर सकते हैं।
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प्राधिकरण के सचिव अजय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में शुक्रवार को प्रवर्तन टीम ने भेदपुर गांव में कार्रवाई की। लगभग 30 हजार वर्गमीटर भूमि पर शाहजहांपुर महायोजना-2031 में उल्लेखित भू-उपयोग के विपरीत की गई अवैध आवासीय प्लाॅटिंग को ध्वस्त कराया गया।
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प्लाॅटिंग समेत बाउंड्रीवॉल, सड़क, गेट आदि भी ध्वस्त करा दिए गए। इस दौरान प्राधिकरण के अवर अभियंता रमेश चंद्र वर्मा के साथ ही नगर निगम का प्रवर्तन टीम भी मौजूद रही।
सचिव अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि किसी से भी जमीन खरीदते समय लोगों को कई बाताें का ध्यान रखना चाहिए। विक्रेता या कॉलोनी के विकासकर्ता से यह जरूर पूछें कि क्या प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत है अथवा नहीं। यदि प्राधिकरण की ओर से ले-आउट स्वीकृत है तो ही जमीन खरीदें।
यदि कोई विक्रेता यह कहता है कि उनके द्वारा मानचित्र प्राधिकरण में जमा कर दिया गया है या जल्द ही स्वीकृत हो जाएगा और उनके द्वारा मानचित्र दिखाया जा रहा है तो बिलकुल विश्वास नहीं करना है। भू-उपयोग के विपरीत या शासन की ओर से तय मानकों के विपरीत जमा कोई भी मानचित्र अस्वीकृत कर दिया जाएगा।
सचिव ने बताया कि स्वीकृत ले-आउट में प्लाॅट लेते समय अवश्य ध्यान में रखें कि स्थल पर स्वीकृत ले-आउट के अनुसार ही पार्क, नाली, सीवर, सामुदायिक केंद्र इत्यादि विकास कार्य किया गया हो। स्वीकृत ले-आउट में दर्शित निर्धारित भू-खंडों के विपरीत बनाए गए कोई भी भू-खंड अनधिकृत रूप से विक्रय किए जाते हैं, जिन्हें प्राधिकरण स्वीकृत नहीं करता है। ऐसे भू-खंड न खरीदें जिससे जीवन की गाढ़ी कमाई खतरे में पड़ जाए।
तीन हजार वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल तथा कुल आठ भूखंडों से अधिक विकसित की गई प्लाॅटिंग का पंजीकरण उप्र रेरा (उप्र रियल एस्टेट रेग्युलेरिटी ऑर्थिटी) में किया जाना अनिवार्य है। प्लाॅट खरीदते समय रेरा पंजीकरण संख्या की भी मांग अवश्य करें।
सौ वर्ग मीटर से कम निर्माण पर स्वीकृति लेनी आवश्यक
एसडीए सचिव अजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि यह तथ्य पूरी तरह से निराधार है कि सौ वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भू-खंडों पर निर्माण कराने के लिए कोई भी मानचित्र स्वीकृति की आवश्यकता नहीं है। सौ वर्गमीटर तक आकार के आवासीय भू-खंडों तथा 30 वर्गमीटर तक आकार के व्यावसायिक भू-खंडों पर निर्माण कार्य की स्वीकृति के लिए आवेदक को उप्र शासन की ओर से निर्गत ऑनलाइन पोर्टल (FASTPAS) पर स्वयं आवेदन कर न्यूनतम शासकीय शुल्क जमा करके बहुत ही कम समय में मानचित्र अनुज्ञा प्राप्त कर सकते हैं।
