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Shahjahanpur News: अभियुक्त को गिरफ्तार नहीं कर सकी पुलिस...अदालत ने मांगा स्पष्टीकरण
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शाहजहांपुर। दो वर्ष से गैरजमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) जारी होने के बावजूद अभियुक्त की गिरफ्तारी न होने पर अदालत ने चौक कोतवाली प्रभारी का स्पष्टीकरण मांगा है कि क्यों न उनके खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दंडित किया जाए। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि अभियुक्त का थाने पर प्रभाव है।
अदालत में परिवादी सर्वेश गुप्ता की ओर से सुनील कुमार वर्मा के विरुद्ध एनआई एक्ट की धारा-138 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया गया था। 27 जुलाई 2023 को अभियुक्त के अनुपस्थित होने पर न्यायालय ने जमानती वारंट (बीडब्ल्यू) जारी किया। इसके बाद अभियुक्त के हाजिर न होने पर दो मई 2024 को अभियुक्त के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू (गैरजमानती वारंट) जारी किया गया।
तब उस पर यह पृष्ठांकन किया गया कि अभियुक्त का नाम-पता तस्दीक नहीं हो रहा। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अभियुक्त को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एनबीडब्ल्यू की तामीला नहीं करा रही है। जब अभियुक्त पर समन व बीडब्ल्यू तामील हो चुका है तब इस प्रकार की आख्या कि अभियुक्त का नाम-पता तस्दीक नहीं हो पा रहा है, विरोधाभासी और झूठी आख्या है।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर ने कोतवाली थाना प्रभारी अश्वनी कुमार सिंह को इस आशय का स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है कि क्यों न उनके विरुद्ध न्यायालय के समक्ष आदेशिका पर झूठी आख्या प्रस्तुत करने पर सुसंगत धाराओं एवं पुलिस अधिनियम की धारा-29 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर दंडित किया जाए।
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अदालत में परिवादी सर्वेश गुप्ता की ओर से सुनील कुमार वर्मा के विरुद्ध एनआई एक्ट की धारा-138 के तहत परिवाद प्रस्तुत किया गया था। 27 जुलाई 2023 को अभियुक्त के अनुपस्थित होने पर न्यायालय ने जमानती वारंट (बीडब्ल्यू) जारी किया। इसके बाद अभियुक्त के हाजिर न होने पर दो मई 2024 को अभियुक्त के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू (गैरजमानती वारंट) जारी किया गया।
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तब उस पर यह पृष्ठांकन किया गया कि अभियुक्त का नाम-पता तस्दीक नहीं हो रहा। अदालत ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस अभियुक्त को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से एनबीडब्ल्यू की तामीला नहीं करा रही है। जब अभियुक्त पर समन व बीडब्ल्यू तामील हो चुका है तब इस प्रकार की आख्या कि अभियुक्त का नाम-पता तस्दीक नहीं हो पा रहा है, विरोधाभासी और झूठी आख्या है।
अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार दिवाकर ने कोतवाली थाना प्रभारी अश्वनी कुमार सिंह को इस आशय का स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है कि क्यों न उनके विरुद्ध न्यायालय के समक्ष आदेशिका पर झूठी आख्या प्रस्तुत करने पर सुसंगत धाराओं एवं पुलिस अधिनियम की धारा-29 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कर दंडित किया जाए।
