{"_id":"6988e2a68f0de0b44005af66","slug":"28-lakhs-duped-by-promising-to-get-brother-and-sister-jobs-shamli-news-c-26-1-sal1002-159132-2026-02-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shamli News: भाई-बहन की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 28 लाख ठगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shamli News: भाई-बहन की नौकरी लगवाने का झांसा देकर 28 लाख ठगे
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 09 Feb 2026 12:53 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
शामली। सहकारी समिति में सचिव पद पर और रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर भाई-बहन से लगभग 28 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। पीड़ित युवती की तरफ से शहर कोतवाली में पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लिसाढ़ निवासी नीशू मलिक ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि उसकी मुलाकात एक महिला नीरज निवासी गोठरा जिला बागपत हाल पता रायबरेली रोड वृंदावन काॅलोनी लखनऊ और नदीम फौजी से लखनऊ में हुई थी। इन दोनों ने उसे सहकारी समिति में सचिव के पद पर नौकरी दिलाने की बात कहकर झांसे में ले लिया। इसके बाद दोनों उससे शामली में सहकारी बैंक में मिलने आए। वहां उन्होंने दस्तावेजों के साथ एआर शिवम से मिलवाया और कहा कि यहीं पर उसका इंटरव्यू होगा।
इंटरव्यू के बाद उन्होंने सरकारी अस्पताल से मेडिकल बनवाकर लाने को कहा। इसके बाद उन दोनों ने उससे तीन लाख रुपये लिए और घर पर ही ज्वाइनिंग लेटर पहुंचने की बात कही। डाक से उसे ज्वाइनिंग लेटर मिला। वह जून 2024 में लखनऊ पहुंची। वहां उसका ज्वाइनिंग लेटर जमा कर लिया और उसे इमरान से मिलवाया। इमरान ने उसे एक ज्वाइनिंग लेटर दिया और अयोध्या में ट्रेनिंग हाेना बताया। तीनों लोग उसे अयोध्या ट्रेनिंग सेंटर लेकर पहुंचे और वहां अनूप शुक्ला से मिलवाया। अनूप शुक्ला को अयोध्या सहकारी प्रशिक्षण केंद्र का प्रोफेसर बताया। वहां पर उसे तीन महीने की ट्रेनिंग होना बताया और उससे छह लाख रुपये लिए।
इसमें कुछ ऑनलाइन और रकम नीरज ने अपने भाई संदीप के अकाउंट में डलवाए। कुछ दिन बाद फिर नीरज व नदीम अयोध्या में प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे और उससे कुछ दिन के लिए घर चले जाने को कहा। यहां पर उनकी बात अच्छी है और उसकी घर से ही ट्रेनिंग चलती रहेगी। अगर बीच में कुछ काम होगा तो उसे बुला लेंगे।
पीड़िता के मुताबिक कुछ दिन बाद नीरज और मन्नू उर्फ इमरान उसके घर आए और चार लाख रुपये लेकर चले गए। इसके बाद नीरज व नदीम ने कॉल कर प्रशिक्षण केंद्र बुलाया। वहां उसे बताया कि कुछ दिन के लिए गोंडा टूर पर जाने की बात कहते हुए 70 हजार रुपये का डीडी बनवाने के नाम पर ले लिए। इसके बाद उन दोनों ने उसे एक माह की छुट्टी बताकर घर भेज दिया और कहा कि उसे पास मेल आ जाएगी। इसके बाद वह शामली के सहकारी समिति में ज्वाइन कर लेना, लेकिन आज तक कोई मेल नहीं आई।
सरकारी गोशाला दिलाने का भी दिया था झांसा
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उसके भाई शुभम मलिक को रेलवे में आलमबाग में वर्कशॉप में नौकरी लगवाने के लिए बुलाया और दस लाख रुपये ले लिए। आरोपियों ने उसके भाई को सरकार द्वारा संचालित गोशाला दिलाने की बात कहकर विकास भवन ले गए और वहां लखनऊ में एक व्यक्ति को सीवीओ सुरेश शर्मा बताकर उनसे मिलवाया और गोशाला संचालित करने का पत्र दिया गया। उनसे सिक्योरिटी के नाम पर 3,22,500 रुपये ले लिए। इसके अलावा उसके भाई शुभम मलिक से एक लाख रुपये का और खर्चा कराया। पांच हजार रुपये नीरज ने अपनी बहन शिवानी के खाते में डलवाए। पीड़िता का कहना है कि उनके पास न तो कोई मेल आई और न ही नौकरी मिली।
भुगतान में दिए चेक हुए बाउंस
पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने 28 लाख रुपये के अलग-अलग पांच चेक दिए, लेकिन बैंक में चेक बाउंस हो गए। पीड़िता का आरोप है कि अपने रुपये मांगने पर आरोपी उन्हें धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
भाई-बहन से ठगी में नीरज, नदीम उर्फ फौजी, इमरान उर्फ मुन्नू, शिवानी और संदीप नामजद हुए हैं। एसपी एनपी सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच में ठगों के जिससे भी तार जुड़े होंगे वे भी प्रकाश में लाए जाएंगे और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लिसाढ़ निवासी नीशू मलिक ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि उसकी मुलाकात एक महिला नीरज निवासी गोठरा जिला बागपत हाल पता रायबरेली रोड वृंदावन काॅलोनी लखनऊ और नदीम फौजी से लखनऊ में हुई थी। इन दोनों ने उसे सहकारी समिति में सचिव के पद पर नौकरी दिलाने की बात कहकर झांसे में ले लिया। इसके बाद दोनों उससे शामली में सहकारी बैंक में मिलने आए। वहां उन्होंने दस्तावेजों के साथ एआर शिवम से मिलवाया और कहा कि यहीं पर उसका इंटरव्यू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
इंटरव्यू के बाद उन्होंने सरकारी अस्पताल से मेडिकल बनवाकर लाने को कहा। इसके बाद उन दोनों ने उससे तीन लाख रुपये लिए और घर पर ही ज्वाइनिंग लेटर पहुंचने की बात कही। डाक से उसे ज्वाइनिंग लेटर मिला। वह जून 2024 में लखनऊ पहुंची। वहां उसका ज्वाइनिंग लेटर जमा कर लिया और उसे इमरान से मिलवाया। इमरान ने उसे एक ज्वाइनिंग लेटर दिया और अयोध्या में ट्रेनिंग हाेना बताया। तीनों लोग उसे अयोध्या ट्रेनिंग सेंटर लेकर पहुंचे और वहां अनूप शुक्ला से मिलवाया। अनूप शुक्ला को अयोध्या सहकारी प्रशिक्षण केंद्र का प्रोफेसर बताया। वहां पर उसे तीन महीने की ट्रेनिंग होना बताया और उससे छह लाख रुपये लिए।
इसमें कुछ ऑनलाइन और रकम नीरज ने अपने भाई संदीप के अकाउंट में डलवाए। कुछ दिन बाद फिर नीरज व नदीम अयोध्या में प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे और उससे कुछ दिन के लिए घर चले जाने को कहा। यहां पर उनकी बात अच्छी है और उसकी घर से ही ट्रेनिंग चलती रहेगी। अगर बीच में कुछ काम होगा तो उसे बुला लेंगे।
पीड़िता के मुताबिक कुछ दिन बाद नीरज और मन्नू उर्फ इमरान उसके घर आए और चार लाख रुपये लेकर चले गए। इसके बाद नीरज व नदीम ने कॉल कर प्रशिक्षण केंद्र बुलाया। वहां उसे बताया कि कुछ दिन के लिए गोंडा टूर पर जाने की बात कहते हुए 70 हजार रुपये का डीडी बनवाने के नाम पर ले लिए। इसके बाद उन दोनों ने उसे एक माह की छुट्टी बताकर घर भेज दिया और कहा कि उसे पास मेल आ जाएगी। इसके बाद वह शामली के सहकारी समिति में ज्वाइन कर लेना, लेकिन आज तक कोई मेल नहीं आई।
सरकारी गोशाला दिलाने का भी दिया था झांसा
पीड़िता का कहना है कि आरोपियों ने उसके भाई शुभम मलिक को रेलवे में आलमबाग में वर्कशॉप में नौकरी लगवाने के लिए बुलाया और दस लाख रुपये ले लिए। आरोपियों ने उसके भाई को सरकार द्वारा संचालित गोशाला दिलाने की बात कहकर विकास भवन ले गए और वहां लखनऊ में एक व्यक्ति को सीवीओ सुरेश शर्मा बताकर उनसे मिलवाया और गोशाला संचालित करने का पत्र दिया गया। उनसे सिक्योरिटी के नाम पर 3,22,500 रुपये ले लिए। इसके अलावा उसके भाई शुभम मलिक से एक लाख रुपये का और खर्चा कराया। पांच हजार रुपये नीरज ने अपनी बहन शिवानी के खाते में डलवाए। पीड़िता का कहना है कि उनके पास न तो कोई मेल आई और न ही नौकरी मिली।
भुगतान में दिए चेक हुए बाउंस
पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने 28 लाख रुपये के अलग-अलग पांच चेक दिए, लेकिन बैंक में चेक बाउंस हो गए। पीड़िता का आरोप है कि अपने रुपये मांगने पर आरोपी उन्हें धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इनके खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट
भाई-बहन से ठगी में नीरज, नदीम उर्फ फौजी, इमरान उर्फ मुन्नू, शिवानी और संदीप नामजद हुए हैं। एसपी एनपी सिंह का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच में ठगों के जिससे भी तार जुड़े होंगे वे भी प्रकाश में लाए जाएंगे और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।