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Shamli News: पांच साल से बर्न यूनिट पर लटका ताला, गेट पर उगी घास
Thu, 20 Aug 2026 12:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Thu, 20 Aug 2026 12:51 AM IST
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बर्न यूनिट परिसर में उगी घास। संवाद
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शामली। पूर्वी यमुना नहर स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालय में अलग से छह बेड का बर्न यूनिट का भवन बना है। बर्न यूनिट में मरीजों के उपचार के लिए सभी छह बेड पर ऑक्सीजन की सीधी आपूर्ति समेत लगभग सभी उपकरण व संसाधन उपलब्ध है लेकिन जले हुए मरीजों को उपचार की सुविधा अभी तक शुरू नहीं हो सकी।
इसकी वजह ये है कि शासन स्तर से सर्जन व चिकित्सकों समेत स्टाफ की नियुक्ति न होने से भवन के गेट पर ताला लगा हुआ है। मरीजों को मेरठ या दिल्ली रेफर किया जाता है या फिर उन्हें प्राइवेट में महंगा शुल्क देकर उपचार कराना पड़ता है। अब हालात ये है कि मुख्य दरवाजे समेत परिसर में घास-फूस व झाड़-झंखाड़ खड़े हैं।
बर्न यूनिट में स्वीकृत पद
प्लास्टिक सर्जन-एक
जनरल सर्जन - दो
ईएमओ - तीन
स्टाफ नर्स - छह
फिजियोथेरेपिस्ट - एक
ड्रेसर - तीन
एमपीडब्ल्यू - छह
ये संसाधन है उपलब्ध
ईसीजी मशीन -दो
एक्सजामिनेशन टेबल - चार
क्रेश कार्ट - दो
मोनीटर - नौ
एयर प्यूरीफायर - दो
लेमिना- दो
स्किन ग्राफ मैसर- एक
हमबीज नाइफ - चार
एयर क्रटेन -10
बोले लोग
शामली निवासी मोहम्मद कैफ ने बताया कि आग में झुलसे मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत होती है। इसलिए सरकार को स्टाफ की नियुक्ति कर बर्न यूनिट शुरू करनी चाहिए।
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गांव कुड़ाना निवासी संदीप मलिक ने कहा कि जिला अस्पताल में बर्न यूनिट चालू न होने से मरीजों को बाहर जाना पड़ता है।
बर्न यूनिट के लिए शासन स्तर से चिकित्सक व स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। स्टाफ की नियुक्ति के लिए शासन को समय-समय पर पत्राचार किया जाता है। स्टाफ की नियुक्ति होने पर बर्न यूनिट शुरू हो जाएगी।
- डॉ. मनोज कुमार अखौरी, सीएमएस जिला अस्पताल
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इसकी वजह ये है कि शासन स्तर से सर्जन व चिकित्सकों समेत स्टाफ की नियुक्ति न होने से भवन के गेट पर ताला लगा हुआ है। मरीजों को मेरठ या दिल्ली रेफर किया जाता है या फिर उन्हें प्राइवेट में महंगा शुल्क देकर उपचार कराना पड़ता है। अब हालात ये है कि मुख्य दरवाजे समेत परिसर में घास-फूस व झाड़-झंखाड़ खड़े हैं।
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बर्न यूनिट में स्वीकृत पद
प्लास्टिक सर्जन-एक
जनरल सर्जन - दो
ईएमओ - तीन
स्टाफ नर्स - छह
फिजियोथेरेपिस्ट - एक
ड्रेसर - तीन
एमपीडब्ल्यू - छह
ये संसाधन है उपलब्ध
ईसीजी मशीन -दो
एक्सजामिनेशन टेबल - चार
क्रेश कार्ट - दो
मोनीटर - नौ
एयर प्यूरीफायर - दो
लेमिना- दो
स्किन ग्राफ मैसर- एक
हमबीज नाइफ - चार
एयर क्रटेन -10
बोले लोग
शामली निवासी मोहम्मद कैफ ने बताया कि आग में झुलसे मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत होती है। इसलिए सरकार को स्टाफ की नियुक्ति कर बर्न यूनिट शुरू करनी चाहिए।
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गांव कुड़ाना निवासी संदीप मलिक ने कहा कि जिला अस्पताल में बर्न यूनिट चालू न होने से मरीजों को बाहर जाना पड़ता है।
बर्न यूनिट के लिए शासन स्तर से चिकित्सक व स्टाफ की नियुक्ति नहीं हुई है। स्टाफ की नियुक्ति के लिए शासन को समय-समय पर पत्राचार किया जाता है। स्टाफ की नियुक्ति होने पर बर्न यूनिट शुरू हो जाएगी।
- डॉ. मनोज कुमार अखौरी, सीएमएस जिला अस्पताल